MCQ
upsc-p1-history-bhakti-sufi-movements MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न
RAS/RPSC तैयारी के लिए upsc-p1-history-bhakti-sufi-movements के 10 प्रश्न हल करें।
अभ्यास प्रश्न
प्र.1सगुण और निर्गुण भक्ति के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सगुण भक्ति हर सामाजिक संदर्भ में अनिवार्य रूप से रूढ़िवादी थी। 2. निर्गुण संतों के अनुयायी बाद में संगठित पंथ बना सकते थे। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
कथन 1 गलत है, क्योंकि सगुण भक्ति अपने-आप रूढ़िवादी नहीं थी और कई सगुण संतों ने सामाजिक मानदंडों को चुनौती दी। कथन 2 सही है; निर्गुण संतों के अनुयायियों ने बाद में संगठित पंथ बनाए।
प्र.2मध्यकालीन भारत में धार्मिक संरक्षण और संस्थाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी दरगाह को राजकीय संरक्षण मिलने का अर्थ हमेशा यह था कि शासक संत के पूरे सिद्धांत से सहमत था। 2. मंदिर और दरगाह दान प्राप्त कर सकते थे, कारीगरों को सहारा दे सकते थे और नगर-बाजारों को प्रभावित कर सकते थे। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
कथन 1 गलत है, क्योंकि संरक्षण भक्ति, वैधता, कूटनीति या लोक-हित से जुड़ा हो सकता था और उसका अर्थ हमेशा सिद्धांत से पूर्ण सहमति नहीं था। कथन 2 मंदिरों और दरगाहों की आर्थिक भूमिका सही बताता है।
प्र.3भक्ति-रचनाओं के समुदाय की मान्य स्मृति बनने की प्रक्रिया में निम्नलिखित अवस्थाओं को सही क्रम में लगाइए: क. रचनाएं भक्ति-गीतों के रूप में फैलती हैं ख. गीतों को ग्रंथ में संकलित किया जाता है ग. संकलित गीतों का पाठ होता है और वे संस्थाओं से जुड़ते हैं घ. समुदाय अपनी स्मृति को स्थिर करता है नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए
प्रक्रिया फैलती हुई रचनाओं से शुरू होकर ग्रंथ-संकलन, फिर संस्थाओं से जुड़े पाठ और अंत में सामुदायिक स्मृति के स्थिर होने तक जाती है। इसलिए विकल्प B में दिया क-ख-ग-घ क्रम सही है।
प्र.4निम्नलिखित भक्ति परंपराओं को सबसे आरंभिक से शुरू करते हुए कालक्रम में लगाइए: क. आरंभिक संगठित तमिल भक्ति धाराएं ख. बसवन्ना से जुड़ा वीरशैव या लिंगायत आंदोलन ग. भारत में चिश्ती सूफी सिलसिला घ. बाद के मध्यकाल और आरंभिक आधुनिक भारत में कादिरी प्रभाव नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए
आरंभिक संगठित तमिल भक्ति धाराएं 6वीं से 9वीं सदी के बीच रखी जाती हैं; वीरशैव या लिंगायत आंदोलन 12वीं सदी से जुड़ा है; भारत में चिश्ती सिलसिला 13वीं-14वीं सदी में प्रमुख हुआ; और कादिरी प्रभाव बाद के मध्यकाल तथा आरंभिक आधुनिक काल से जुड़ा है। इसलिए विकल्प C में दिया क-ख-ग-घ क्रम सही है।
प्र.5भक्ति के साहित्यिक और संगीत रूपों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अभंग महाराष्ट्र की वारकरी भक्ति-संस्कृति से जुड़ा है। 2. वचन वीरशैव परंपरा से जुड़ा है। 3. कव्वाली चिश्ती भक्ति-संगीत से जुड़ी है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं? नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए
तीनों कथन सही हैं। अभंग महाराष्ट्र की वारकरी संस्कृति, वचन वीरशैव परंपरा और कव्वाली चिश्ती भक्ति-संगीत से जुड़ी है; ये विधाएं एक-दूसरे की पर्याय नहीं हैं।
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और प्रश्न
6भारत के सूफी सिलसिलों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कई क्षेत्रों में सुहरावर्दी सिलसिला चिश्तियों की तुलना में राज्य से संपर्क रखने में अधिक सहज था। 2. नक्शबंदी सिलसिले में संयमित साधना और शरिया-पालन पर अधिक जोर था। 3. भक्ति-संगीत के प्रति सभी सूफी सिलसिलों का रुझान एक जैसा था। नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए
7सूची 1 को सूची 2 से सुमेलित कीजिए: सूची 1 (शब्द) क. खानकाह ख. दरगाह ग. मलफूज़ात घ. तज़किरा सूची 2 (विवरण) 1. जीवन-वृत्तांत 2. सूफी आश्रय और शिक्षा-केंद्र 3. सूफी संतों की दर्ज की गई बातचीत 4. ज़ियारत से जुड़ा मकबरा नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए।
8सूची 1 को सूची 2 से सुमेलित कीजिए: सूची 1 (व्यक्ति) क. तुलसीदास ख. सूरदास ग. बसवन्ना घ. शंकरदेव सूची 2 (संबंध) 1. ब्रज कृष्ण-काव्य 2. एक शरण नाम धर्म 3. अवधी राम-भक्ति 4. वीरशैव वचन परंपरा नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए
9निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. आंदाल — महिला आलवार 2. करैक्काल अम्मैयार — नयनार 3. अक्का महादेवी — वीरशैव वचन परंपरा ऊपर दिए गए युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं? नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए
10भक्ति और सूफी परंपराओं के अध्ययन के स्रोतों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मलफूज़ात सूफी संतों की दर्ज बातचीत के संकलन हैं। 2. तज़किरा जीवन-वृत्तांत हैं। 3. फरमान शाही आदेश हैं। नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए
