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upsc-p1-history-art-performing MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न

RAS/RPSC तैयारी के लिए upsc-p1-history-art-performing के 9 प्रश्न हल करें।

अभ्यास प्रश्न

प्र.1निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मृदंगम अवनद्ध वाद्य है, जिसमें तनी हुई झिल्ली के कंपन से ध्वनि निकलती है। 2. घटम घन वाद्य है, जिसमें वाद्य का ठोस भाग कंपन करके ध्वनि पैदा करता है। निम्नलिखित में से कौन-सा सही है?

A केवल कथन 1
B केवल कथन 2
C कथन 1 और 2 दोनों
D न कथन 1, न कथन 2
व्याख्या

दोनों कथन सही हैं। मृदंगम झिल्ली के कंपन से ध्वनि देने वाली अवनद्ध श्रेणी का वाद्य है और कर्नाटक संगीत की ताल-वाद्य परंपरा में प्रमुख है। घटम घन श्रेणी में आता है, क्योंकि उसका ठोस भाग स्वयं कंपन करके ध्वनि पैदा करता है।

प्र.2भारतीय शास्त्रीय नृत्यों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सत्रिया का उदय श्रीमंत शंकरदेव से जुड़े असम के वैष्णव सत्रों से हुआ। 2. ओडिसी की पहचान त्रिभंग मुद्रा, चौका स्थिति और जगन्नाथ परंपरा से जुड़ाव है। 3. मानक यूपीएससी सूचियों में छऊ को सामान्यतः आठ शास्त्रीय नृत्यों में गिना जाता है। नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए।

A केवल 1
B केवल 1 और 2
C केवल 2 और 3
D 1, 2 और 3
व्याख्या

कथन 1 और 2 सही हैं। सत्रिया असम की वैष्णव सत्र परंपरा से निकला है, जबकि त्रिभंग, चौका और जगन्नाथ संबंध ओडिसी के प्रमुख संकेत हैं। छऊ में युद्धक, लोक और शास्त्रीय तत्व मिलते हैं, पर मानक यूपीएससी सूचियां उसे आठ शास्त्रीय नृत्यों से अलग रखती हैं।

प्र.3निम्नलिखित UNESCO प्रविष्टियों को सबसे पहले से सबसे बाद तक के क्रम में लगाइए: 1. रम्माण 2. मणिपुर का संकीर्तन 3. कुटियाट्टम 4. छऊ नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए।

A 1-3-4-2
B 3-1-4-2
C 3-4-1-2
D 4-3-1-2
व्याख्या

कुटियाट्टम 2008 में, रम्माण 2009 में, छऊ 2010 में और मणिपुर का संकीर्तन 2013 में दर्ज हुआ। इसलिए सही क्रम 3-1-4-2 है, जो विकल्प B में दिया गया है।

प्र.4सूची I को सूची II से मिलाइए और नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए। सूची I (परंपरा) 1. कुटियाट्टम 2. यक्षगान 3. नौटंकी 4. भवई सूची II (क्षेत्र और रूप) क. गुजरात का लोक रंगमंच ख. केरल का संस्कृत रंगमंच ग. कर्नाटक का नृत्य-नाटक घ. उत्तर प्रदेश का लोक रंगमंच

A 1-ग, 2-ख, 3-घ, 4-क
B 1-ख, 2-घ, 3-ग, 4-क
C 1-क, 2-ग, 3-घ, 4-ख
D 1-ख, 2-ग, 3-घ, 4-क
व्याख्या

कुटियाट्टम केरल का संस्कृत रंगमंच, यक्षगान कर्नाटक का नृत्य-नाटक, नौटंकी उत्तर प्रदेश का लोक रंगमंच और भवई गुजरात का लोक रंगमंच है। इसलिए विकल्प D में चारों जोड़ियां सही हैं।

प्र.5भारतीय प्रदर्शन कलाओं से जुड़े निम्नलिखित पड़ावों को सबसे पहले से सबसे बाद के कालक्रम में लगाइए: 1. संगीत नाटक अकादमी की स्थापना 2. नाट्यशास्त्र को दी जाने वाली व्यापक अवधि 3. 18वीं सदी के अंतिम और 19वीं सदी के आरंभिक काल की कर्नाटक संगीत त्रिमूर्ति 4. अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर के लिए UNESCO के 2003 अभिसमय का ढांचा नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए।

A 2-3-1-4
B 3-2-1-4
C 2-1-3-4
D 2-3-4-1
व्याख्या

नाट्यशास्त्र को व्यापक रूप से 200 ईसा पूर्व से 200 ईस्वी के बीच रखा जाता है। कर्नाटक संगीत त्रिमूर्ति 18वीं सदी के अंतिम और 19वीं सदी के आरंभिक काल की है, संगीत नाटक अकादमी 1953 में स्थापित हुई और UNESCO के अभिसमय का ढांचा 2003 का है। इसलिए विकल्प A का क्रम 2-3-1-4 सही है।

आपने 9 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं

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और प्रश्न

6प्रदर्शन परंपराओं को UNESCO मान्यता मिलने के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह संरक्षण और समुदायों के भीतर परंपरा को आगे बढ़ाने में मदद करती है। 2. इससे अपने-आप शास्त्रीय दर्जा या कानूनी मालिकाना अधिकार नहीं मिलता। 3. यह केवल पहले से शास्त्रीय मानी गई कलाओं तक सीमित है। नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए।

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 2
Cकेवल 1 और 3
D1, 2 और 3

7भारतीय शास्त्रीय संगीत के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राग और ताल हिंदुस्तानी तथा कर्नाटक, दोनों संगीत परंपराओं की साझा अवधारणाएं हैं। 2. कृति कर्नाटक संगीत का एक केंद्रीय रचना-रूप है। 3. खयाल मुख्यतः कर्नाटक गायन-रूप है। नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए।

Aकेवल 1 और 3
Bकेवल 2 और 3
Cकेवल 1 और 2
D1, 2 और 3

8निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. रस वह सौंदर्य-अनुभव है जो प्रदर्शन से दर्शक में पैदा होता है। 2. भाव दर्शक में पैदा होने वाला सौंदर्य-अनुभव है, जबकि रस कलाकार की भाव-स्थिति या अभिव्यक्ति है। निम्नलिखित में से कौन-सा सही है?

Aकेवल कथन 1
Bकेवल कथन 2
Cकथन 1 और 2 दोनों
Dन कथन 1, न कथन 2

9भारतीय रंगमंच और उससे जुड़ी प्रदर्शन परंपराओं के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कुटियाट्टम केरल की संस्कृत रंगमंच परंपरा है। 2. यक्षगान कर्नाटक की नृत्य-नाटक परंपरा है। 3. कठपुतली प्रदर्शन कलाओं का हिस्सा है और इसमें डोरी, छड़, छाया और दस्ताना कठपुतलियां शामिल हैं। नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए।

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 2 और 3
Cकेवल 1 और 3
D1, 2 और 3

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