Aspirant Academy

MCQ

upsc-p1-geography-india-agriculture MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न

RAS/RPSC तैयारी के लिए upsc-p1-geography-india-agriculture के 10 प्रश्न हल करें।

अभ्यास प्रश्न

प्र.1सूची 1 को सूची 2 से सुमेलित कीजिए और नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए. सूची 1 (फसल प्रणाली) क. धान-धान या धान-दलहन ख. कपास-गेहूं या कपास-सरसों ग. सोयाबीन-गेहूं या सोयाबीन-चना घ. श्री अन्न-दलहन सूची 2 (सबसे उपयुक्त क्षेत्रीय दशा) 1. आर्द्र पूर्वी और तटीय क्षेत्र 2. सिंचित उत्तर-पश्चिमी भारत 3. मध्य भारत का काली मृदा क्षेत्र 4. अर्द्ध-शुष्क राजस्थान, दक्कन और सूखे पठार

A क-2, ख-1, ग-3, घ-4
B क-1, ख-2, ग-3, घ-4
C क-1, ख-3, ग-2, घ-4
D क-4, ख-2, ग-3, घ-1
व्याख्या

धान-धान और धान-दलहन प्रणाली आर्द्र पूर्वी तथा तटीय क्षेत्रों से, कपास के बाद गेहूं या सरसों सिंचित उत्तर-पश्चिम से, सोयाबीन के बाद गेहूं या चना मध्य भारत की काली मृदा से और श्री अन्न-दलहन प्रणाली अर्द्ध-शुष्क राजस्थान, दक्कन तथा सूखे पठारों से मेल खाती है। इसलिए पूरा सही मेल विकल्प B में है।

प्र.2सूची 1 को सूची 2 से सुमेलित कीजिए और नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए. सूची 1 (सिंचाई स्रोत या पद्धति) क. नहर ख. नलकूप ग. तालाब घ. टपक या फव्वारा सिंचाई सूची 2 (मुख्य चिंता) 1. जलभराव, लवणता और अंतिम छोर तक पानी का असमान वितरण 2. भूजल क्षय और ऊर्जा की अधिक खपत 3. गाद भरना, अतिक्रमण और कमजोर रखरखाव 4. शुरुआती लागत और रखरखाव की जरूरत

A क-2, ख-1, ग-3, घ-4
B क-1, ख-3, ग-2, घ-4
C क-4, ख-2, ग-3, घ-1
D क-1, ख-2, ग-3, घ-4
व्याख्या

नहरों से जलभराव, लवणता और अंतिम छोर तक पानी का असमान वितरण हो सकता है; नलकूप जलभृत क्षय और ऊर्जा की खपत बढ़ा सकते हैं; तालाब गाद, अतिक्रमण और कमजोर रखरखाव से प्रभावित होते हैं; तथा टपक या फव्वारा सिंचाई में शुरुआती लागत और रखरखाव चाहिए। इसलिए विकल्प D सही है।

प्र.3उत्तर-पश्चिमी भारत की धान-गेहूं प्रणाली के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह अधिक उत्पादन, खरीद-तंत्र और सिंचाई-प्रधान खेती से जुड़ी है। 2. भूजल क्षय, पराली जलाना और फसल विविधता का कम होना इसकी कमजोरियों में शामिल हैं। 3. अनेक फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की घोषणा से उन सभी फसलों की हर क्षेत्र में बराबर खरीद सुनिश्चित होती है। नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए.

A केवल 1
B केवल 1 और 2
C केवल 2 और 3
D 1, 2 और 3
व्याख्या

कथन 1 और 2 सही हैं। उत्तर-पश्चिम की धान-गेहूं प्रणाली उत्पादक है, लेकिन सिंचाई-प्रधान होने के साथ भूजल, पराली और फसल विविधता की समस्याएं भी पैदा करती है। कथन 3 गलत है, क्योंकि वास्तविक खरीद कुछ फसलों और क्षेत्रों में केंद्रित है; न्यूनतम समर्थन मूल्य की घोषणा हर जगह भरोसेमंद खरीद के समान नहीं है।

प्र.4निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. हरित क्रांति — अधिक उपज देने वाली किस्मों, सिंचाई और खरीद के सहारे अनाज की उत्पादकता में वृद्धि 2. श्वेत क्रांति — डेयरी सहकारिता और ऑपरेशन फ्लड 3. पीली क्रांति — तिलहन 4. नीली क्रांति — मत्स्य पालन और जलीय कृषि ऊपर दिए गए युग्मों में से कितने सही सुमेलित हैं? नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए.

A केवल एक
B केवल दो
C सभी चार
D केवल तीन
व्याख्या

चारों युग्म सही सुमेलित हैं। हरित क्रांति से अनाज की उत्पादकता बढ़ी; श्वेत क्रांति डेयरी सहकारिता और ऑपरेशन फ्लड से जुड़ी है; पीली क्रांति तिलहन से और नीली क्रांति मत्स्य पालन तथा जलीय कृषि से जुड़ी है।

प्र.5सूक्ष्म सिंचाई के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. टपक और फव्वारा सिंचाई बागवानी, गन्ना, कपास, दलहन और तिलहन में खेत-स्तर की जल-उपयोग दक्षता बढ़ा सकती हैं। 2. सूक्ष्म सिंचाई रोपे गए धान के लिए स्वाभाविक रूप से सबसे उपयुक्त है, क्योंकि इस फसल में जानबूझकर खड़ा पानी रखा जाता है। नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए.

A केवल 1
B केवल 2
C 1 और 2 दोनों
D न 1 न 2
व्याख्या

कथन 1 सही है। टपक और फव्वारा सिंचाई कई बागवानी और कतार वाली फसलों में जल-उपयोग दक्षता बढ़ाती हैं। कथन 2 गलत है; रोपे गए धान की तरह जहां जानबूझकर खड़ा पानी रखा जाता है, वहां ये पद्धतियां स्वाभाविक रूप से उतनी उपयुक्त नहीं हैं।

आपने 10 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं

upsc-p1-geography-india-agriculture पर अनलिमिटेड अभ्यास RAS टेस्ट सीरीज़ + प्रैक्टिस पैक या गेट पास में मिलता है।

और प्रश्न

6भारत की सिंचाई प्रणालियों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. नहर-सिंचित क्षेत्रों में जल-निकास की खराब व्यवस्था और जल-वितरण के गलत समय-निर्धारण से जलभराव, लवणता तथा नहर के ऊपरी और अंतिम छोर के किसानों के बीच असमानता हो सकती है। 2. तालाब स्थानीय सिंचाई और भूजल पुनर्भरण में मदद करते हैं, लेकिन गाद भरना, अतिक्रमण और कमजोर रखरखाव उनका असर घटाते हैं। नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए.

Aकेवल 1
Bकेवल 2
C1 और 2 दोनों
Dन 1 न 2

7भारत में बरानी और सूखी भूमि कृषि के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बरानी कृषि अपने-आप पिछड़ी नहीं मानी जाती। 2. सूखी भूमि एक सामान्य कृषि-पारिस्थितिक दशा है, जबकि सूखा वर्षा न होने या नमी की कमी की घटना है। 3. वर्षा रुकने से एक फसल खराब हो जाए, तो अंतरफसली खेती जोखिम बांट सकती है। नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए.

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 2 और 3
Cकेवल 1 और 3
D1, 2 और 3

8उत्तर भारतीय फसल पंचांग में निम्नलिखित घटनाओं को सबसे पहले से सबसे बाद के क्रम में लगाइए: क. मानसून की शुरुआत के साथ खरीफ बुवाई ख. सितंबर-अक्टूबर के आसपास खरीफ कटाई ग. मानसून लौटने के बाद रबी बुवाई घ. मार्च-अप्रैल या अप्रैल-जून में रबी कटाई नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए.

Aक-ग-ख-घ
Bक-ख-ग-घ
Cग-क-घ-ख
Dग-घ-क-ख

9भारत की प्रमुख फसलों की भौगोलिक जरूरतों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कपास काली मृदा के साथ-साथ सिंचित जलोढ़ भूमि में भी उग सकती है। 2. जूट के लिए गर्म-आर्द्र जलोढ़ क्षेत्र उपयुक्त हैं और रेशा गलाने के लिए पानी चाहिए। 3. गेहूं को पकने के समय खड़ा पानी चाहिए। नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए.

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 2 और 3
Cकेवल 1 और 3
D1, 2 और 3

10रबी कटाई से शुरू करते हुए मौसमी फसल चक्र के निम्नलिखित चरणों को उनके सामान्य क्रम में लगाइए: क. वसंत या शुरुआती गर्मी में रबी कटाई ख. गर्मियों में सिंचित जायद की छोटी अवधि ग. मानसून की शुरुआत के साथ खरीफ बुवाई घ. वर्षा ऋतु के बाद खरीफ कटाई नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए.

Aक-ख-ग-घ
Bक-ग-ख-घ
Cख-क-घ-ग
Dग-घ-क-ख

UPSC Prelims GS-I में और विषय

अन्य विषय देखें