MCQ
upsc-p1-current-affairs-persons-appointments MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न
RAS/RPSC तैयारी के लिए upsc-p1-current-affairs-persons-appointments के 9 प्रश्न हल करें।
अभ्यास प्रश्न
प्र.12023 के कानून के तहत मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री की अध्यक्षता वाली खोज समिति नामों का पैनल तैयार करती है। 2. चयन समिति में प्रधानमंत्री, प्रधानमंत्री द्वारा नामित केंद्रीय कैबिनेट मंत्री और लोकसभा में विपक्ष के नेता या सबसे बड़े विपक्षी दल के नेता शामिल होते हैं। 3. भारत के मुख्य न्यायाधीश 2023 के कानून के तहत चयन समिति के वैधानिक सदस्य बने हुए हैं। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं? नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए।
कथन 1 और 2, 2023 के अधिनियम की वैधानिक प्रक्रिया बताते हैं। खोज समिति की अध्यक्षता केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री करते हैं। कथन 3 गलत है। अनूप बरनवाल (2023) के फैसले में भारत के मुख्य न्यायाधीश अंतरिम समिति में केवल संसद द्वारा कानून बनाए जाने तक शामिल थे; बाद के अधिनियम ने अलग चयन समिति बनाई।
प्र.2निम्नलिखित संवैधानिक पदों या निकायों को उनके मुख्य संवैधानिक प्रावधानों की बढ़ती अनुच्छेद-संख्या के क्रम में लगाइए: क. भारत का महान्यायवादी ख. उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश ग. भारत का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक घ. राज्य का राज्यपाल नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए।
महान्यायवादी अनुच्छेद 76, उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश अनुच्छेद 124, कैग अनुच्छेद 148-151 और राज्यपाल अनुच्छेद 153-156 से जुड़े हैं। इसलिए बढ़ती अनुच्छेद-संख्या का क्रम क-ख-ग-घ है, जो विकल्प A में दिया गया है।
प्र.3संघ के विधिक अधिकारियों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अनुच्छेद 76 भारत के महान्यायवादी के पद का प्रावधान करता है और इस पद पर नियुक्त व्यक्ति में उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त होने की योग्यता होनी चाहिए। 2. अनुच्छेद 76 सॉलिसिटर जनरल के पद का स्पष्ट रूप से प्रावधान करता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए।
कथन 1 सही है। अनुच्छेद 76 महान्यायवादी के संवैधानिक पद का प्रावधान करता है और नियुक्त व्यक्ति में उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश बनने की योग्यता होनी चाहिए। कथन 2 गलत है, क्योंकि सॉलिसिटर जनरल महत्वपूर्ण विधिक अधिकारी है, लेकिन उसके पद का प्रावधान अनुच्छेद 76 में नहीं है।
प्र.4सूची I को सूची II से मिलाइए और नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए। सूची I (पद या निकाय) क. भारत का महान्यायवादी ख. भारत का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक ग. वित्त आयोग घ. भारत का निर्वाचन आयोग सूची II (संवैधानिक प्रावधान) 1. अनुच्छेद 280 2. अनुच्छेद 324 3. अनुच्छेद 76 4. अनुच्छेद 148-151
महान्यायवादी अनुच्छेद 76 के तहत है; कैग अनुच्छेद 148-151 में आता है; वित्त आयोग अनुच्छेद 280 से बना है; और निर्वाचन आयोग का आधार अनुच्छेद 324 है। इसलिए क-3, ख-4, ग-1 और घ-2 वाला विकल्प B सही है।
प्र.5पद से हटाने के विरुद्ध संरक्षण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश जैसी प्रक्रिया से हटाया जा सकता है। 2. मुख्य चुनाव आयुक्त के अलावा किसी चुनाव आयुक्त को मुख्य चुनाव आयुक्त की सिफारिश के बिना नहीं हटाया जा सकता। 3. अनुच्छेद 156 के तहत राज्यपाल के राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करने का प्रावधान राष्ट्रपति को राज्यपाल को मनमाने ढंग से हटाने की अनुमति देता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं? नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए।
कथन 1 और 2 सही हैं। अनुच्छेद 148 कैग को उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश जैसा पद से हटाने के विरुद्ध संरक्षण देता है, जबकि अनुच्छेद 324(5) के अनुसार दूसरे चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त की सिफारिश जरूरी है। कथन 3 गलत है, क्योंकि बी.पी. सिंघल (2010) में कहा गया कि अनुच्छेद 156 के तहत राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करने के प्रावधान का इस्तेमाल मनमाने ढंग से नहीं किया जा सकता।
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और प्रश्न
6संघ लोक सेवा आयोग के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भर्ती और अनुशासनिक मामलों पर उसकी सलाह सामान्यतः सरकार पर बाध्यकारी नहीं होती। 2. कदाचार के आरोपी संघ लोक सेवा आयोग के सदस्य को राष्ट्रपति अपनी इच्छा से, उच्चतम न्यायालय की जांच के बिना, हटा सकता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए।
7उच्च न्यायपालिका की नियुक्तियों से जुड़े निम्नलिखित घटनाक्रमों को सबसे पहले से सबसे बाद के कालक्रम में लगाइए: क. पहले न्यायाधीश मामले ने कार्यपालिका को प्रधानता दी। ख. दूसरे न्यायाधीश मामले ने न्यायपालिका को प्रधानता दी और कॉलेजियम की धारणा विकसित की। ग. तीसरे न्यायाधीश मामले ने कॉलेजियम परामर्श को विस्तृत और स्पष्ट किया। घ. राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग वाले फैसले ने 99वें संविधान संशोधन और संबंधित अधिनियम को रद्द किया। नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए।
8सूची I को सूची II से मिलाइए और नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए। सूची I (मामला) क. एस.पी. गुप्ता बनाम भारत संघ (1981) ख. विनीत नारायण बनाम भारत संघ (1997) ग. बी.पी. सिंघल बनाम भारत संघ (2010) घ. जनहित याचिका केंद्र बनाम भारत संघ (2011) सूची II (मुख्य प्रासंगिकता) 1. केंद्रीय सतर्कता आयुक्त की नियुक्ति में संस्थागत अखंडता 2. न्यायिक नियुक्तियों में कार्यपालिका की प्रधानता 3. जांच और सतर्कता संस्थाओं को कार्यपालिका के मनमाने नियंत्रण से बचाना 4. राज्यपालों को मनमाने ढंग से हटाने पर संवैधानिक सीमाएं
9संवैधानिक और वैधानिक निकायों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक एक संवैधानिक प्राधिकारी है। 2. भारत का निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक निकाय है। 3. केंद्रीय सतर्कता आयोग एक वैधानिक निकाय है। 4. भारतीय रिज़र्व बैंक एक संवैधानिक निकाय है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं? नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए।
