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upsc-p1-polity-salient-features-preamble MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न

RAS/RPSC तैयारी के लिए upsc-p1-polity-salient-features-preamble के 10 प्रश्न हल करें।

अभ्यास प्रश्न

प्र.1सूची 1 का सूची 2 से मिलान कीजिए: सूची 1 (क) पहली अनुसूची (ख) चौथी अनुसूची (ग) सातवीं अनुसूची (घ) बारहवीं अनुसूची सूची 2 1. राज्यसभा सीटों का बंटवारा 2. नगरपालिकाएं 3. राज्य और संघ राज्य-क्षेत्र 4. विधायी विषयों का बंटवारा नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए.

A क-3, ख-1, ग-4, घ-2
B क-1, ख-3, ग-4, घ-2
C क-3, ख-4, ग-1, घ-2
D क-2, ख-1, ग-4, घ-3
व्याख्या

पहली अनुसूची राज्य और संघ राज्य-क्षेत्र बताती है; चौथी अनुसूची राज्यसभा सीटों का बंटवारा करती है; सातवीं अनुसूची संघ, राज्य और समवर्ती सूचियों में विधायी विषय बांटती है; और बारहवीं अनुसूची नगरपालिकाओं से जुड़ी है। इसलिए सही मिलान क-3, ख-1, ग-4, घ-2 है।

प्र.2निम्नलिखित न्यायिक घटनाक्रमों को कालक्रमानुसार सबसे पहले से सबसे बाद तक लगाइए: (क) बेरूबारी यूनियन पर परामर्श राय में प्रस्तावना को व्याख्या की कुंजी माना गया, लेकिन शक्ति-स्रोत नहीं। (ख) केशवानंद भारती मामले में प्रस्तावना को संविधान का हिस्सा माना गया और मूल ढांचा सिद्धांत सामने आया। (ग) मिनर्वा मिल्स मामले में मूल अधिकारों और नीति-निदेशक तत्वों के बीच समन्वय को मूल ढांचे का हिस्सा माना गया। (घ) एस. आर. बोम्मई मामले में संघवाद और पंथनिरपेक्षता को मूल विशेषताएं माना गया। नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए.

A क-ग-ख-घ
B ख-क-ग-घ
C क-ख-ग-घ
D क-ख-घ-ग
व्याख्या

सही क्रम बेरूबारी यूनियन (1960), केशवानंद भारती (1973), मिनर्वा मिल्स (1980) और एस. आर. बोम्मई (1994) है। यह क्रम प्रस्तावना की पुरानी स्थिति से मूल ढांचे, मूल अधिकारों और नीति-निदेशक तत्वों के बीच समन्वय और फिर संघवाद तथा पंथनिरपेक्षता को मूल विशेषताएं मानने तक का विकास दिखाता है।

प्र.3भारतीय संघवाद के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अनुच्छेद 3 के तहत किसी राज्य की सीमा बदलने से पहले संसद को उस राज्य के विधानमंडल की सहमति लेना अनिवार्य है। 2. अनुच्छेद 248 और संघ सूची की प्रविष्टि 97 के तहत अवशिष्ट विधायी शक्ति संसद को मिलती है। 3. राज्यसभा में हर राज्य को समान प्रतिनिधित्व मिलता है। 4. संघवाद को मूल ढांचे का हिस्सा माना गया है। नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए.

A केवल 2 और 4
B केवल 1, 2 और 4
C केवल 1 और 3
D केवल 2, 3 और 4
व्याख्या

अनुच्छेद 3 के तहत राज्य विधानमंडल से राय मांगी जाती है, लेकिन उसकी सहमति अनिवार्य नहीं है। अवशिष्ट शक्ति संसद को मिलती है और एस. आर. बोम्मई मामले में संघवाद को मूल ढांचे का हिस्सा माना गया। राज्यसभा में राज्यों का प्रतिनिधित्व समान नहीं, बल्कि मुख्यतः जनसंख्या से जुड़ा है। इसलिए केवल कथन 2 और 4 सही हैं।

प्र.444वें संविधान संशोधन के बारे में निम्नलिखित दो कथनों पर विचार कीजिए: कथन 1: इसने संविधान में मूल कर्तव्य जोड़े। कथन 2: इसने संपत्ति के अधिकार को भाग 3 से हटाकर अनुच्छेद 300A में संवैधानिक विधिक अधिकार के रूप में रखा। नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए.

A केवल कथन 1
B केवल कथन 2
C कथन 1 और कथन 2 दोनों
D न कथन 1, न कथन 2
व्याख्या

मूल कर्तव्य 42वें संशोधन से जोड़े गए थे, 44वें संशोधन से नहीं। 44वें संशोधन ने संपत्ति के अधिकार को भाग 3 से हटाकर अनुच्छेद 300A में संवैधानिक विधिक अधिकार बनाया। इसलिए केवल कथन 2 सही है।

प्र.5प्रस्तावना की संवैधानिक स्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह संविधान का हिस्सा है। 2. यह विधायी शक्ति का स्वतंत्र स्रोत है। 3. इसमें अनुच्छेद 368 के तहत संशोधन हो सकता है, पर मूल ढांचे की सीमा लागू रहती है। नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए.

A केवल 1 और 2
B केवल 1 और 3
C केवल 2 और 3
D 1, 2 और 3
व्याख्या

केशवानंद भारती मामले में प्रस्तावना को संविधान का हिस्सा माना गया। अनुच्छेद 368 के तहत इसमें संशोधन हो सकता है, लेकिन मूल ढांचे की सीमा लागू रहती है। प्रस्तावना व्याख्या का मार्गदर्शन करती है, पर अपने-आप विधायी शक्ति नहीं देती। इसलिए कथन 1 और 3 सही हैं।

आपने 10 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं

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और प्रश्न

6मूल अधिकारों, नीति-निदेशक तत्वों और मूल कर्तव्यों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मूल अधिकार अनुच्छेद 32 के तहत उच्चतम न्यायालय और अनुच्छेद 226 के तहत उच्च न्यायालयों में प्रवर्तित हो सकते हैं। 2. अनुच्छेद 37 नीति-निदेशक तत्वों को संवैधानिक रूप से महत्वहीन बना देता है, क्योंकि अदालतें उन्हें सीधे प्रवर्तित नहीं कर सकतीं। 3. मूल कर्तव्य 42वें संशोधन, 1976 से जोड़े गए। 4. मिनर्वा मिल्स ने मूल अधिकारों और नीति-निदेशक तत्वों के बीच समन्वय को मूल ढांचे का हिस्सा माना। नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए.

Aकेवल 1 और 3
Bकेवल 2 और 4
Cकेवल 1, 2 और 4
Dकेवल 1, 3 और 4

7संविधान-निर्माण के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई। 2. उद्देश्य प्रस्ताव को 22 जनवरी 1947 को स्वीकार किया गया। 3. प्रारूप समिति 29 अगस्त 1947 को बनाई गई। 4. संविधान पर अंतिम हस्ताक्षर 26 नवंबर 1949 को हुए। नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए.

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 2, 3 और 4
Cकेवल 1, 2 और 3
D1, 2, 3 और 4

8सूची 1 का सूची 2 से मिलान कीजिए: सूची 1 (क) अनुच्छेद 148 (ख) अनुच्छेद 280 (ग) अनुच्छेद 315 (घ) अनुच्छेद 324 सूची 2 1. निर्वाचन आयोग 2. वित्त आयोग 3. नियंत्रक-महालेखा परीक्षक 4. लोक सेवा आयोग नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए.

Aक-2, ख-3, ग-4, घ-1
Bक-3, ख-4, ग-2, घ-1
Cक-1, ख-2, ग-4, घ-3
Dक-3, ख-2, ग-4, घ-1

9भारत में शक्तियों के पृथक्करण के बारे में निम्नलिखित दो कथनों पर विचार कीजिए: कथन 1: संविधान विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका को एक-दूसरे से पूरी तरह अलग रखता है। कथन 2: मंत्री विधायिका में बैठते हैं, राष्ट्रपति कानून-निर्माण में भाग लेता है और अदालतें कानूनों की न्यायिक समीक्षा कर सकती हैं। नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए.

Aकेवल कथन 1
Bकथन 1 और कथन 2 दोनों
Cकेवल कथन 2
Dन कथन 1, न कथन 2

10निम्नलिखित घटनाओं को कालक्रमानुसार सबसे पहले से सबसे बाद तक लगाइए: (क) संविधान सभा की पहली बैठक (ख) जवाहरलाल नेहरू द्वारा उद्देश्य प्रस्ताव पेश किया जाना (ग) उद्देश्य प्रस्ताव को स्वीकार किया जाना (घ) प्रारूप समिति का गठन नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए.

Aख-क-ग-घ
Bक-ख-ग-घ
Cक-ग-ख-घ
Dख-ग-क-घ

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