Aspirant Academy

MCQ

upsc-p1-environment-ecosystem-types MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न

RAS/RPSC तैयारी के लिए upsc-p1-environment-ecosystem-types के 10 प्रश्न हल करें।

अभ्यास प्रश्न

प्र.1प्राकृतिक घासभूमियों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उनमें जमीन के नीचे जैवभार अधिक हो सकता है और घनी जड़ें जैविक पदार्थ संचित करने तथा मृदा बांधने में मदद करती हैं। 2. आग को पूरी तरह रोकना और हर प्रकार की चराई हटाना प्रत्येक प्राकृतिक घासभूमि का संरक्षण निश्चित रूप से करता है। 3. प्राकृतिक घासभूमि में वृक्षारोपण देशज जैव विविधता घटा सकता है और खुले आवास की प्रजातियों को नुकसान पहुंचा सकता है। नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए।

A केवल 1 और 2
B केवल 2 और 3
C केवल 1 और 3
D 1, 2 और 3
व्याख्या

कथन 1 और 3 सही हैं। जड़ों का घना जाल जैविक पदार्थ संचित कर सकता है और फिर से बढ़ने में मदद करता है, जबकि अनुपयुक्त वृक्षारोपण प्राकृतिक खुले पारितंत्र को नुकसान पहुंचा सकता है। कथन 2 गलत है, क्योंकि कुछ घासभूमियां आग और चराई से बनी रहती हैं; दोनों को हटाने पर काष्ठीय वनस्पति फैल सकती है।

प्र.2सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए: सूची I (पारितंत्र सेवा की श्रेणी) क. प्रावधान ख. नियामक ग. सांस्कृतिक घ. सहायक सूची II (उदाहरण) 1. पोषक-तत्व चक्र 2. समुदाय की पहचान से जुड़ा पवित्र उपवन 3. मत्स्य संसाधन 4. बाढ़ कम करना नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए।

A क-4, ख-3, ग-1, घ-2
B क-1, ख-2, ग-4, घ-3
C क-2, ख-1, ग-3, घ-4
D क-3, ख-4, ग-2, घ-1
व्याख्या

विकल्प D सही है। मत्स्य संसाधन प्रावधान सेवा, बाढ़ कम करना नियामक सेवा, पहचान से जुड़ा पवित्र उपवन सांस्कृतिक सेवा और पोषक-तत्व चक्र सहायक सेवा है।

प्र.3वन पारितंत्रों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी सामान्य वन की संरचना में वितान, निचली वनस्पति, झाड़ी परत, शाकीय परत, जमीन पर गिरी पत्तियों की परत और मृदा-जीव शामिल हो सकते हैं। 2. घने एक-प्रजातीय वृक्षारोपण में वितान काफी घना हो सकता है, फिर भी वहां निचली वनस्पति की विविधता कम हो सकती है और वन्यजीवों की आवाजाही बाधित हो सकती है। 3. वनावरण का मानचित्रण अपने-आप उस भूमि का कानूनी दर्जा और सामुदायिक अधिकार सिद्ध कर देता है। नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए।

A केवल 1
B केवल 1 और 2
C केवल 2 और 3
D 1, 2 और 3
व्याख्या

कथन 1 और 2 सही हैं। वन की संरचना परतदार होती है और केवल वितान के घनत्व से पारिस्थितिक गुणवत्ता सिद्ध नहीं होती। कथन 3 गलत है, क्योंकि वनावरण का वर्गीकरण वितान के आधार पर किए गए मानचित्रण से होता है; इससे अपने-आप कानूनी दर्जा या सामुदायिक अधिकार सिद्ध नहीं होते।

प्र.4सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए: सूची I (पारितंत्र) क. वन ख. घासभूमि ग. मरुस्थल घ. आर्द्रभूमि सूची II (प्रमुख पारिस्थितिक नियामक कारक) 1. समय-समय पर जलभराव और जलसंतृप्त मृदा 2. शुष्कता और जल तनाव 3. वितान और वर्षा 4. मौसमी नमी, आग और चराई नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए।

A क-4, ख-3, ग-1, घ-2
B क-2, ख-1, ग-4, घ-3
C क-3, ख-4, ग-2, घ-1
D क-1, ख-2, ग-3, घ-4
व्याख्या

विकल्प C सही है। वन में वितान और वर्षा, घासभूमि में मौसमी नमी, आग और चराई, मरुस्थल में शुष्कता और जल तनाव तथा आर्द्रभूमि में समय-समय पर जलभराव और जलसंतृप्त मृदा प्रमुख पारिस्थितिक नियामक कारक हैं।

प्र.5निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. आर्द्रभूमि में समय-समय पर जलभराव से जलसंतृप्त मृदा और ऑक्सीजन की कमी वाली स्थितियां बन सकती हैं। 2. मानव-निर्मित जल निकाय हर परिस्थिति में आर्द्रभूमि की श्रेणी से बाहर होते हैं। 3. प्रवाल भित्तियां, प्रवाल पॉलिप और सहजीवी शैवाल से बने समुद्री पारितंत्र हैं, जिन्हें सामान्यतः साफ, गर्म और उथला जल चाहिए। नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए।

A केवल 1
B केवल 1 और 2
C केवल 2 और 3
D केवल 1 और 3
व्याख्या

कथन 1 और 3 सही हैं। जलभराव के कारण आर्द्रभूमि की मृदा जलसंतृप्त हो जाती है और उसमें ऑक्सीजन घट जाती है, जबकि प्रवाल भित्तियां प्रवाल पॉलिप, सहजीवी शैवाल और उपयुक्त उथले समुद्री जल पर निर्भर करती हैं। कथन 2 गलत है, क्योंकि मानदंड पूरे करने वाले कुछ मानव-निर्मित जल निकाय आर्द्रभूमि में शामिल हो सकते हैं।

आपने 10 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं

upsc-p1-environment-ecosystem-types पर अनलिमिटेड अभ्यास RAS टेस्ट सीरीज़ + प्रैक्टिस पैक या गेट पास में मिलता है।

और प्रश्न

6किसी सामान्य वन के निम्नलिखित घटकों को सबसे ऊपरी वनस्पति परत से जमीन की ओर सही क्रम में लगाइए: 1. शाकीय परत 2. वितान 3. झाड़ी परत 4. निचली वनस्पति 5. जमीन पर गिरी पत्तियों की परत नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए।

A2-3-4-1-5
B4-2-3-5-1
C2-4-3-1-5
D2-4-1-3-5

7किसी झील में पोषक-तत्वों से होने वाले यूट्रोफिकेशन की सामान्य प्रक्रिया में निम्नलिखित घटनाओं को सही क्रम में लगाइए: 1. घुलित ऑक्सीजन की कमी 2. नाइट्रोजन और फॉस्फोरस का अत्यधिक मात्रा में झील में पहुंचना 3. मछलियों में तनाव या उनकी मृत्यु 4. शैवाल की तेज वृद्धि नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए।

A4-2-1-3
B2-4-1-3
C2-1-4-3
D1-2-3-4

8निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: मरुस्थलीकरण शुष्क, अर्ध-शुष्क और शुष्क उप-आर्द्र क्षेत्रों में भूमि क्षरण है; यह केवल रेतीले मरुस्थल का फैलाव नहीं है। कथन II: कम जैवभार के बावजूद प्राकृतिक मरुस्थल जैव-विविध और स्थिर पारितंत्र हो सकता है। उपर्युक्त कथनों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा सही है?

Aकथन I सही है, किंतु कथन II गलत है
Bकथन I और कथन II दोनों सही हैं
Cकथन I गलत है, किंतु कथन II सही है
Dकथन I और कथन II दोनों गलत हैं

9जलीय पारितंत्रों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. नदी के ऊपरी भागों में जल-प्रवाह आम तौर पर तेज और ठंडा होता है तथा जल घुलित ऑक्सीजन से भरपूर होता है। 2. पोषक-तत्वों की अधिकता से शैवाल वृद्धि, ऑक्सीजन की कमी और मछलियों में तनाव हो सकता है। 3. मुहाना और डेल्टा समानार्थी हैं, क्योंकि दोनों को नदी के मुंह पर बने अवसादी स्थलरूप के रूप में परिभाषित किया जाता है। नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए।

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 2
Cकेवल 1 और 3
D1, 2 और 3

10निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: राष्ट्रीय उद्यान या अभयारण्य पारितंत्र-प्रकार नहीं, बल्कि कानूनी श्रेणी है। कथन II: एक ही संरक्षित क्षेत्र में वन, घासभूमि, आर्द्रभूमि या मरुस्थलीय पारितंत्र एक साथ हो सकते हैं। उपर्युक्त कथनों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा सही है?

Aकथन I और कथन II दोनों सही हैं
Bकथन I सही है, किंतु कथन II गलत है
Cकथन I गलत है, किंतु कथन II सही है
Dकथन I और कथन II दोनों गलत हैं

UPSC Prelims GS-I में और विषय

अन्य विषय देखें