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upsc-p1-history-buddhism MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न

RAS/RPSC तैयारी के लिए upsc-p1-history-buddhism के 15 प्रश्न हल करें।

अभ्यास प्रश्न

प्र.1प्रारंभिक बौद्ध कला और उसकी सामाजिक पृष्ठभूमि के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. रेलिंग और गुफाओं के दाता-अभिलेख गृहस्थों, महिलाओं और श्रेणियों के योगदान की जानकारी देते हैं। 2. सतत कथा-प्रस्तुति में एक ही दृश्य-क्षेत्र के भीतर किसी कथा के अलग-अलग क्षण दिखाए जा सकते हैं। 3. रिक्त सिंहासन और पदचिह्न बुद्ध को मानव आकृति के बिना दिखा सकते थे। 4. प्रत्येक बौद्ध स्मारक मंदिर के समान काम करता था। नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए

A केवल 1 और 4
B केवल 2 और 3
C केवल 1, 2 और 3
D 1, 2, 3 और 4
व्याख्या

कथन 1, 2 और 3 सही हैं। दाता-अभिलेख बौद्ध संस्थाओं का व्यापक सामाजिक आधार दिखाते हैं, सतत कथा-प्रस्तुति उत्कीर्ण पट्टिकाओं की अहम तकनीक है और प्रतीक बुद्ध को प्रतिमारहित रूप में दिखा सकते थे। कथन 4 स्तूप, चैत्य, विहार, गुफा और प्रतिमा-गृह के अलग-अलग कामों की अनदेखी करता है।

प्र.2निम्नलिखित घटनाओं को सबसे पहले से सबसे बाद के कालक्रम में लगाइए: (क) श्रीलंकाई थेरवाद परंपरा में अलुविहार में पालि त्रिपिटक का लिखा जाना (ख) वैशाली की दूसरी बौद्ध संगीति (ग) उत्तरकालीन भारतीय तांत्रिक बौद्ध धाराओं से वज्रयान का उभरना (घ) थेरवाद परंपरा में अशोक के समय पाटलिपुत्र की तीसरी बौद्ध संगीति नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए

A ख-क-घ-ग
B घ-ख-क-ग
C ख-घ-क-ग
D ख-घ-ग-क
व्याख्या

दूसरी संगीति को परंपरागत रूप से बुद्ध के लगभग 100 वर्ष बाद रखा जाता है; तीसरी संगीति अशोक के समय से जुड़ी है; अलुविहार की लेखन परंपरा पहली सदी ईसा पूर्व की है; और वज्रयान बहुत बाद में, खासकर 7वीं-8वीं सदी ईस्वी के आसपास विकसित हुआ। इसलिए विकल्प C सही है।

प्र.3बौद्ध संगीति के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. प्रथम संगीति को परंपरागत रूप से राजगृह, अजातशत्रु और महाकश्यप से जोड़ा जाता है। 2. दूसरी संगीति पाटलिपुत्र और कथावत्थु ग्रंथ से जुड़ी है। 3. थेरवाद परंपरा में तीसरी संगीति को संघ-शुद्धि और दूसरे क्षेत्रों में धर्म-प्रचार अभियानों से जोड़ा जाता है। 4. उत्तरी चौथी संगीति परंपरा कनिष्क और सर्वास्तिवाद के विद्वत संकलन से जुड़ी है। नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए

A केवल 1 और 2
B केवल 1, 3 और 4
C केवल 2, 3 और 4
D 1, 2, 3 और 4
व्याख्या

कथन 1, 3 और 4 प्रचलित संगीति परंपराओं से मेल खाते हैं। कथन 2 वैशाली की दूसरी संगीति और दस बातों के विवाद को पाटलिपुत्र की तीसरी संगीति तथा कथावत्थु परंपरा से मिला देता है।

प्र.4बुद्ध के जीवन की निम्नलिखित घटनाओं को सबसे पहले से सबसे बाद के कालक्रम में लगाइए: (क) सारनाथ में पहला उपदेश (ख) गृहत्याग (ग) कुशीनगर में महापरिनिर्वाण (घ) बोधगया में ज्ञान प्राप्ति नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए

A ख-क-घ-ग
B ख-घ-क-ग
C घ-ख-क-ग
D ख-घ-ग-क
व्याख्या

मानक क्रम गृहत्याग, बोधगया में ज्ञान प्राप्ति, सारनाथ में पहला उपदेश और कुशीनगर में महापरिनिर्वाण है। इसलिए विकल्प B का क्रम सही है।

प्र.5बौद्ध संगीति परंपराओं से जुड़ी निम्नलिखित घटनाओं को कालक्रम में लगाइए: 1. वैशाली में दस बातों का विवाद 2. राजगृह में उपदेशों और अनुशासन का मौखिक संकलन 3. अलुविहार में पालि त्रिपिटक को लिखा जाना 4. पाटलिपुत्र में संघ-शुद्धि और कथावत्थु से संबंध नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए।

A 2-1-4-3
B 1-2-3-4
C 2-4-1-3
D 1-2-4-3
व्याख्या

प्रचलित क्रम राजगृह की प्रथम संगीति से शुरू होता है। इसके बाद वैशाली की दूसरी संगीति और दस बातों का विवाद आता है, फिर पाटलिपुत्र की तीसरी संगीति को संघ-शुद्धि तथा कथावत्थु से जोड़ा जाता है। अलुविहार में पालि त्रिपिटक को लिखे जाने की परंपरा इसके बाद आती है। इसलिए 2-1-4-3 सही है; बाकी विकल्प पहली तीन संगीति परंपराओं का क्रम बिगाड़ते हैं।

आपने 15 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं

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और प्रश्न

6बौद्ध साहित्य के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. धम्मपद मुख्य रूप से मठ में दीक्षा के नियमों की पुस्तिका है। 2. बुद्धचरित पालि सुत्त पिटक का हिस्सा है और भारतीय-यूनानी संवाद के रूप में रचा गया था। नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए

Aकेवल 1
Bकेवल 2
C1 और 2 दोनों
Dन 1 न 2

7बौद्ध धर्म के प्रसार और संस्थागत विकास के निम्नलिखित चरणों को कालक्रम में लगाइए: 1. पूर्वी भारत के पाल-कालीन विद्वत केंद्र 2. मध्य गंगा मैदान में शुरुआती विस्तार 3. कुषाण-कालीन उत्तर-पश्चिमी संपर्क 4. मौर्य युग में राजकीय संरक्षण नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए।

A2-3-4-1
B4-2-3-1
C2-4-3-1
D2-4-1-3

8बौद्ध धर्म के मूल उपदेशों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मध्यम मार्ग भोग-विलास और अत्यंत कठोर तप, दोनों को अस्वीकार करता है। 2. निर्वाण का अर्थ सामान्य स्वर्ग नहीं, बल्कि तृष्णा, अविद्या और दुःख-चक्र का अंत है। 3. बौद्ध धर्म ने कर्म में इरादे और आचरण के बजाय कर्मकांड पर ज़ोर दिया। नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए

Aकेवल 1
Bकेवल 2 और 3
C1, 2 और 3
Dकेवल 1 और 2

9बौद्ध धर्म के मूल उपदेशों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मध्यम मार्ग भोग-विलास और अत्यंत कठोर तप, दोनों को अस्वीकार करता है। 2. बौद्ध धर्म ने कर्म को अस्वीकार किया। 3. निर्वाण सामान्य अर्थ में स्वर्ग नहीं, बल्कि तृष्णा, अविद्या और दुःख-चक्र का शांत होना है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

Aकेवल 1
Bकेवल 2 और 3
Cकेवल 1 और 3
D1, 2 और 3

10बौद्ध संप्रदायों और परंपराओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. थेरवाद पालि त्रिपिटक को सुरक्षित रखने वाली जीवित परंपरा है। 2. महायान बोधिसत्त्व आदर्श और नए सूत्रों को प्रमुखता देता है। 3. वज्रयान उत्तरकालीन भारतीय तांत्रिक बौद्ध धाराओं से विकसित हुआ और मंत्र, मंडल तथा दीक्षा जैसी साधनाओं का उपयोग करता है। 4. जीवित थेरवाद परंपरा के लिए हीनयान सबसे उपयुक्त तटस्थ नाम है। नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए

Aकेवल 1, 2 और 3
Bकेवल 1 और 4
Cकेवल 2, 3 और 4
D1, 2, 3 और 4

11सूची 1 का सूची 2 से मिलान कीजिए: सूची 1 (संगीति परंपरा) (क) प्रथम संगीति (ख) दूसरी संगीति (ग) तीसरी संगीति (घ) उत्तरी चौथी संगीति सूची 2 (संबंधित विशेषता) 1. वैशाली में दस बातों का विवाद 2. कनिष्क के समय सर्वास्तिवाद के ग्रंथों का विद्वानों द्वारा संकलन 3. राजगृह में उपदेशों और विनय का मौखिक पाठ और संकलन 4. पाटलिपुत्र में संघ-शुद्धि और कथावत्थु परंपरा नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए।

Aक-3, ख-1, ग-4, घ-2
Bक-1, ख-3, ग-2, घ-4
Cक-4, ख-2, ग-3, घ-1
Dक-2, ख-4, ग-1, घ-3

12सूची 1 को सूची 2 से सुमेलित कीजिए और नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए। सूची 1 (बौद्ध ग्रंथ) क. मिलिंदपन्हा ख. बुद्धचरित ग. धम्मपद घ. जातक सूची 2 (संबंध) 1. बुद्ध के पूर्वजन्मों की कथाएँ 2. मिनांडर और नागसेन के बीच संवाद 3. अश्वघोष से जुड़ी शास्त्रीय संस्कृत रचना 4. मन, संयम और आचरण पर ज़ोर देने वाला संक्षिप्त नैतिक ग्रंथ

Aक-3, ख-2, ग-1, घ-4
Bक-2, ख-4, ग-3, घ-1
Cक-4, ख-3, ग-1, घ-2
Dक-2, ख-3, ग-4, घ-1

13सूची 1 का सूची 2 से मिलान कीजिए: सूची 1 (कला या स्थापत्य शब्द) (क) हर्मिका (ख) तोरण (ग) चैत्य (घ) विहार सूची 2 (अर्थ या काम) 1. भिक्षुओं का निवास 2. प्रवेश-द्वार 3. स्तूप के गुंबद के ऊपर की चौकोर वेदिका 4. सामान्यतः स्तूप को केंद्र में रखने वाला प्रार्थना कक्ष नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए।

Aक-2, ख-3, ग-1, घ-4
Bक-4, ख-1, ग-2, घ-3
Cक-3, ख-2, ग-4, घ-1
Dक-1, ख-4, ग-3, घ-2

14बौद्ध शाखाओं और परंपराओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. थेरवाद पालि त्रिपिटक को सुरक्षित रखता है और अर्हत आदर्श तथा मठ-अनुशासन को महत्व देता है। 2. महायान एक ही घटना के रूप में उभरा और उसने भारत में सभी पुराने बौद्ध संप्रदायों को तुरंत समाप्त कर दिया। 3. वज्रयान बाद की भारतीय बौद्ध तांत्रिक धाराओं से विकसित हुआ और इसमें मंत्र, मंडल तथा दीक्षा जैसी साधनाएं मिलती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

Aकेवल 1
Bकेवल 1 और 3
Cकेवल 2 और 3
D1, 2 और 3

15अशोक और बौद्ध धर्म के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अभिलेखों में अशोक का धम्म तकनीकी बौद्ध सिद्धांत की हूबहू पुनरावृत्ति नहीं, बल्कि व्यापक नैतिक-राजनीतिक कार्यक्रम था। 2. अभिलेख अलग-अलग संप्रदायों के सम्मान की बात करते हैं, इसलिए अशोक की नीति को आधुनिक अर्थ में किसी संकीर्ण राज्य-धर्म की नीति नहीं कहा जाना चाहिए। नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए

Aकेवल 1
B1 और 2 दोनों
Cकेवल 2
Dन 1 न 2

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