MCQ
upsc-p1-environment-laws-institutions MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न
RAS/RPSC तैयारी के लिए upsc-p1-environment-laws-institutions के 10 प्रश्न हल करें।
अभ्यास प्रश्न
प्र.1पर्यावरण प्रभाव आकलन प्रक्रिया के निम्नलिखित चरणों को सही क्रम में लगाइए: क. मूल्यांकन ख. प्रारंभिक छंटाई ग. जन-परामर्श घ. कार्य-सीमा निर्धारण नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए।
प्रारंभिक छंटाई पहले आती है और श्रेणी बी परियोजनाओं के लिए विस्तृत आकलन की जरूरत तय करती है। इसके बाद कार्य-सीमा निर्धारण अध्ययन का दायरा तय करता है, जन-परामर्श में चिंताएं दर्ज की जाती हैं और मूल्यांकन में निर्णय से पहले रिपोर्ट, जन-परामर्श के परिणाम, शमन उपाय तथा परियोजना दस्तावेज देखे जाते हैं।
प्र.2निम्नलिखित कानूनी घटनाओं को सबसे पहले से शुरू करते हुए सही समय-क्रम में लगाइए: क. राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम बनाया गया ख. पर्यावरण संरक्षण अधिनियम बनाया गया ग. जल प्रदूषण निवारण और नियंत्रण अधिनियम बनाया गया घ. 42वें संविधान संशोधन से अनुच्छेद 48A और 51A(g) जोड़े गए नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए।
जल अधिनियम 1974 में, 42वां संविधान संशोधन 1976 में, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 में और राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम 2010 में आया। इसलिए क्रम जल कानून, संविधान संशोधन, व्यापक पर्यावरण कानून और विशेष अधिकरण कानून है।
प्र.3पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. धारा 3 केंद्र सरकार को केवल सलाह देने तक सीमित रखती है और प्रदूषण रोकने के उपाय करने की शक्ति नहीं देती। 2. धारा 5 के तहत उद्योग को बंद या नियंत्रित करने तथा बिजली, पानी या अन्य सेवाओं को रोकने या नियंत्रित करने सहित बाध्यकारी निर्देश दिए जा सकते हैं। 3. धारा 6 पर्यावरणीय मानकों और खतरनाक पदार्थ संभालने की सुरक्षा व्यवस्था पर नियम बनाने का आधार देती है। नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए।
कथन 2 और 3 सही हैं। धारा 5 बताए गए प्रकार के बाध्यकारी निर्देशों की शक्ति देती है और धारा 6 मानकों तथा सुरक्षा उपायों के लिए नियम बनाने का आधार देती है। कथन 1 गलत है, क्योंकि धारा 3 केंद्र सरकार को पर्यावरण की गुणवत्ता बचाने और सुधारने तथा प्रदूषण रोकने, नियंत्रित करने और घटाने के व्यापक उपाय करने की शक्ति देती है।
प्र.4पर्यावरण प्रभाव आकलन अधिसूचना, 2006 के तहत पर्यावरणीय मंज़ूरी के संदर्भ में निम्नलिखित दो कथनों पर विचार कीजिए: 1. विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति और राज्य विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति परियोजनाओं का मूल्यांकन करके सिफारिश करती हैं। 2. केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय या राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण जैसा नियामक प्राधिकरण मंज़ूरी देता या मना करता है। नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए।
दोनों कथन सही हैं। विशेषज्ञ समिति मूल्यांकन करके सिफारिश करती है, जबकि नियामक प्राधिकरण अंतिम मंज़ूरी या अस्वीकृति जारी करता है। विशेषज्ञ सिफारिश को ही मंज़ूरी मान लेने से प्रक्रिया के दो अलग चरण आपस में मिल जाते हैं।
प्र.5सूची I को सूची II से मिलाइए। नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए। सूची I (मामला) क. एम.सी. मेहता बनाम भारत संघ, 1986 ख. वेल्लोर नागरिक कल्याण मंच बनाम भारत संघ, 1996 ग. एम.सी. मेहता बनाम कमल नाथ, 1996 घ. आंध्र प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड बनाम प्रो. एम.वी. नायडू, 1999 सूची II (सिद्धांत या मुख्य ज़ोर) 1. लोक न्यास सिद्धांत 2. वैज्ञानिक अनिश्चितता और विशेषज्ञ संस्थाओं की जरूरत 3. खतरनाक उद्योगों के लिए पूर्ण दायित्व 4. सावधानी सिद्धांत और प्रदूषक भुगतान सिद्धांत
ओलियम गैस वाले मामले में पूर्ण दायित्व विकसित हुआ; वेल्लोर नागरिक कल्याण मंच मामले में सावधानी सिद्धांत और प्रदूषक भुगतान सिद्धांत को भारतीय पर्यावरण कानून का हिस्सा माना गया; कमल नाथ मामले में लोक न्यास सिद्धांत लागू हुआ; और नायडू मामले में वैज्ञानिक अनिश्चितता तथा विशेषज्ञ संस्थाओं की जरूरत पर ज़ोर दिया गया।
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और प्रश्न
6निम्नलिखित दो कथनों पर विचार कीजिए: 1. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जल अधिनियम, 1974 के तहत बना और वायु अधिनियम, 1981 के तहत भी कार्य करता है। 2. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पर्यावरणीय मामलों की सुनवाई और निर्णय के लिए बना ऐसा विशेष निकाय है, जो क्षतिपूर्ति के सभी दावों का फैसला करता है। नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए।
7किसी सूचीबद्ध परियोजना को पर्यावरण प्रभाव आकलन प्रक्रिया के तहत पर्यावरणीय मंज़ूरी मिल चुकी है। निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यदि वन भूमि शामिल हो, तो यही मंज़ूरी अपने-आप वन मंज़ूरी का काम भी करती है। 2. यह जल और वायु प्रदूषण कानूनों के तहत संचालन की सहमति की जगह अपने-आप ले लेती है। 3. जहां पर्यावरण प्रभाव आकलन अधिसूचना पूर्व पर्यावरणीय मंज़ूरी मांगती है, वहां नगरपालिका और भवन अनुमतियां पूर्व मंज़ूरी न होने को वैध बना सकती हैं। नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए।
8सूची I को सूची II से मिलाइए। नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए। सूची I (संस्था) क. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ख. राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ग. राष्ट्रीय हरित अधिकरण घ. राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण सूची II (मुख्य भूमिका) 1. विशेषज्ञ मूल्यांकन के बाद राज्य-स्तरीय पर्यावरणीय मंज़ूरी देना या मना करना 2. पर्यावरणीय मामलों की सुनवाई और निर्णय, मुआवज़ा, बहाली तथा वैधानिक अपीलों की सुनवाई 3. मानक, तालमेल, निगरानी और राष्ट्रीय प्रदूषण कार्यक्रम 4. संयंत्र-स्तरीय सहमति, निरीक्षण, नमूने लेना और राज्य-स्तरीय प्रवर्तन
9राष्ट्रीय हरित अधिकरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. धारा 14 के तहत उसका मूल अधिकार-क्षेत्र अनुसूची I में दिए कानूनों के लागू होने से उठे पर्यावरण से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों से संबंधित है। 2. धारा 19 के तहत वह प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों से निर्देशित होता है और सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 या भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 से बंधा नहीं है। 3. वन्यजीव संरक्षण अधिनियम को राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010 की अनुसूची I में स्पष्ट रूप से शामिल किया गया है। नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए।
10भारत में पर्यावरण संरक्षण के संवैधानिक आधार के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. न्यायिक व्याख्या में अनुच्छेद 21 के दायरे में स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण के अधिकार को शामिल किया गया है। 2. अनुच्छेद 48A पर्यावरण का ऐसा अलग मूल अधिकार बनाता है, जिसे अनुच्छेद 21 की तरह लागू कराया जा सकता है। 3. अनुच्छेद 253 अंतरराष्ट्रीय दायित्वों को लागू करने के लिए संसद की कानून बनाने की शक्ति को आधार देता है। नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए।
