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राजस्थान इतिहास के स्रोत MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न

RAS/RPSC तैयारी के लिए राजस्थान इतिहास के स्रोत के 146 प्रश्न हल करें।

अभ्यास प्रश्न

प्र.1निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बैराठ के निकट दो शिलालेख 3वीं शताब्दी ई.पू. में इस क्षेत्र पर अशोक के शासन का संकेत देते हैं। 2. बैराठ उत्तर-मध्य राजस्थान में स्थित है। 3. बैराठ के निकट के अभिलेख 1वीं शताब्दी ई. में कुषाण शासन का संकेत देते हैं। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

A केवल 1
B केवल 2
C केवल 1 और 3
D केवल 1 और 2
व्याख्या

कथन 1 और 2 सही हैं: ब्रिटानिका बैराठ को उत्तर-मध्य राजस्थान में रखती है और कहती है कि 3वीं शताब्दी ई.पू. के दो शिलालेख अशोक के शासन का संकेत देते हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि यह उद्धृत तथ्य में दी गई वंश-सूचना और शताब्दी दोनों बदल देता है।

प्र.2राजस्थान इतिहास के प्रारंभिक अभिलेखीय स्रोतों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. घोसुण्डी शिलालेख संकर्षण और वासुदेव के लिए नारायण-वाटिका नामक पत्थर के घेरे का उल्लेख करता है। 2. घोसुण्डी शिलालेख खरोष्ठी लिपि में लिखा गया है। 3. जयपुर जिले के बरनाला यूप शिलालेख वैदिक यज्ञीय अनुष्ठानों का उल्लेख करते हैं। 4. यूप स्तंभ मुख्यतः राजाभिषेकों की स्मृति में खड़े किए जाते थे। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

A केवल 1 और 3
B केवल 2 और 4
C केवल 1, 2 और 3
D केवल 1, 3 और 4
व्याख्या

कथन 1 सही है: घोसुण्डी अभिलेख में संकर्षण और वासुदेव से जुड़ी नारायण-वाटिका का उल्लेख है। कथन 2 गलत है क्योंकि प्रमाणित तथ्य में इसकी लिपि ब्राह्मी है, खरोष्ठी नहीं। कथन 3 सही है: बरनाला यूप शिलालेख वैदिक यज्ञों का प्रमाण देते हैं। कथन 4 गलत है क्योंकि यूप स्तंभ यज्ञ-समाप्ति से जुड़े थे, राजाभिषेक से नहीं।

प्र.3दयालदास का 'राठ विगत' किस रियासत का इतिहास प्रस्तुत करता है?

A जोधपुर
B मेवाड़
C जयपुर
D बीकानेर
व्याख्या

दयालदास ने 'बीकानेर रा राठौड़ां री ख्यात' (राठ विगत भी कहा जाता है) लिखी, जो बीकानेर के राठौड़ शासकों का विस्तृत इतिहास प्रस्तुत करती है। यह बीकानेर राज्य के इतिहास का एक महत्वपूर्ण स्रोत है।

प्र.4मुहणोत नैणसी की 'मारवाड़ रा परगना री विगत' को अक्सर क्या कहा जाता है?

A राजस्थान की रामायण
B मारवाड़ का इतिवृत्त
C राजपूताना का विश्वकोश
D मारवाड़ का गजेटियर
व्याख्या

मुहणोत नैणसी (1610-1670) जोधपुर के महाराजा जसवंत सिंह प्रथम के दीवान थे। उन्होंने 'मारवाड़ रा परगना री विगत' लिखी, जिसे परगना-वार सांख्यिकीय और भौगोलिक जानकारी देने के कारण 'मारवाड़ का गजेटियर' माना जाता है। उनकी दूसरी रचना 'नैणसी री ख्यात' विभिन्न राजपूत राज्यों का इतिहास देती है।

प्र.5राजस्थान का कौन-सा स्थान रॉक फॉस्फेट खनन के लिए जाना जाता है और SMRI 2025 की श्रेणी A में राज्य की खनिज क्षमता से जुड़ा है?

A मकराना
B जावर
C धौलपुर
D झामरकोटरा
व्याख्या

उदयपुर जिले का झामरकोटड़ा रॉक फॉस्फेट खनन का प्रमुख क्षेत्र है और राजस्थान स्टेट माइंस एंड मिनरल्स लिमिटेड यहां खनन करती है। खान मंत्रालय के SMRI 2025 में राजस्थान श्रेणी A के शीर्ष तीन खनिज-समृद्ध राज्यों में शामिल था, इसलिए दिए गए विकल्पों में सही स्थान झामरकोटड़ा है।

आपने 146 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं

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और प्रश्न

6जर्मन भारतविद् एफ. कीलहॉर्न ने राजस्थान के इतिहास के अध्ययन में किस प्रमुख योगदान से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई?

Aएनल्स एंड एंटिक्विटीज ऑफ राजस्थान का जर्मन में अनुवाद करके
Bराजस्थानी दरबारी कविता के संस्कृत ग्रंथों का संपादन और प्रकाशन करके
Cराजस्थान के अभिलेखीय साक्ष्यों को पढ़कर तथा एपिग्राफिया इंडिका में उनके आलोचनात्मक संस्करण प्रकाशित करके
Dराजस्थान में सिंधु घाटी स्थलों का पहला पुरातात्विक सर्वेक्षण करके

71. अल-बिरूनी मध्य एशिया के विद्वान थे जो महमूद गजनवी के साथ भारत आए। 2. पद्मावत मलिक मुहम्मद जायसी ने 1540 ई. में अवधी में रचा और इसमें रानी पद्मिनी तथा अलाउद्दीन खिलजी के चित्तौड़गढ़ घेरे की कथा है। 3. कर्नल जेम्स टॉड पश्चिमी राजपूत राज्यों के राजनीतिक एजेंट थे और उन्होंने एनल्स एंड एंटीक्विटीज ऑफ राजस्थान लिखी। 4. राजपूताना 1949 से 1956 के बीच रियासतों के विलय के बाद अपनाया गया स्वतंत्रता के बाद का आधिकारिक नाम था। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

Aकेवल 1, 2 और 3
Bकेवल 1 और 4
Cकेवल 2 और 3
Dसभी चार

8राजस्थान इतिहास में ग्रंथों और उनके लेखकों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वंश भास्कर की रचना सूर्यमल्ल मिश्रण ने की थी। 2. सुरजन चरित की रचना चंद्रशेखर ने की थी। 3. दयालदास की ख्यात दयालदास से संबंधित है और बीकानेर का प्रमुख स्रोत है। 4. जोधपुर राज्य की ख्यात मुहता नैणसी से संबंधित है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 1, 2 और 3
Cकेवल 2 और 4
Dकेवल 1, 3 और 4

9चौमुखा मंदिर में पाई गई रणकपुर प्रशस्ति (1439 ई.) किसके बारे में जानकारी देती है?

Aकेवल मध्यकालीन राजस्थान के व्यापार मार्ग
Bमुगल-राजपूत संधियाँ
Cकेवल जैन तीर्थंकर वंश
Dमेवाड़ का राजवंश और राणा कुम्भा की विजय

10कर्नल जेम्स टॉड की एनल्स एंड एंटीक्विटीज़ ऑफ राजस्थान के बारे में कौन-सा कथन सही नहीं है?

Aयह दो खंडों में 1829 और 1832 में प्रकाशित हुई थी
Bटॉड पश्चिमी राजपूताना राज्यों में राजनीतिक प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत थे
Cयह रचना पूर्णतः सटीक मानी जाती है और सभी ऐतिहासिक त्रुटियों से मुक्त है
Dटॉड अपनी जानकारी के लिए मुख्यतः चारण स्रोतों पर निर्भर रहे

11जयपुर क्षेत्र और प्रारंभिक ऐतिहासिक स्रोतों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भाब्रू या बैराठ अभिलेख की खोज कैप्टन बर्ट ने 1840 में की थी। 2. भाब्रू अभिलेख सात बौद्ध ग्रंथों की सूची देता है और बौद्ध धर्म का सीधा उल्लेख करता है। 3. जयपुर जिले के बरनाला यूप अभिलेख वैदिक यज्ञों का उल्लेख करते हैं। 4. यूप स्तंभ राजाभिषेकों की स्मृति में खड़े किए जाते थे। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

Aकेवल 1 और 4
Bकेवल 1, 2 और 3
Cकेवल 2 और 4
D1, 2, 3 और 4

12राजस्थान के पुरातात्विक स्रोतों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अहाड़ उदयपुर के पास ताम्रपाषाण स्थल है और अहाड़-बनास संस्कृति से संबंधित है। 2. कालीबंगा हनुमानगढ़ जिले में प्राचीन घग्घर नदी के तट पर स्थित है। 3. गणेश्वर सीकर जिले में कांतली नदी के पास स्थित है और यहाँ 1000 से अधिक ताँबे की वस्तुएँ मिली हैं। 4. बैराठ का मुख्य संबंध मौर्य या बौद्ध अवशेषों से नहीं, बल्कि हड़प्पा सभ्यता से है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

Aकेवल 1, 2 और 3
Bकेवल 1 और 4
Cकेवल 2, 3 और 4
D1, 2, 3 और 4

13पृथ्वीराज रासो की रचना-विवाद के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. जी.एच. ओझा ने तर्क दिया कि चंद बरदाई का अस्तित्व ही नहीं था और पूरा ग्रंथ 15वीं शताब्दी में गढ़ा गया था। 2. ग्रंथ के अनेक पाठभेद बहुत भिन्न लंबाई में मिलते हैं (~1300 से ~16,000 श्लोक), जो स्वयं व्यापक प्रक्षेपण का प्रमाण है। 3. मिनहाज-ए-सिराज की तबकात-ए-नासिरी, एक समकालीन स्रोत, पृथ्वीराज रासो में वर्णित सभी प्रमुख घटनाओं की पुष्टि करती है। 4. कर्नल जेम्स टॉड ने पृथ्वीराज रासो को बिना आलोचनात्मक परीक्षण के एक विश्वसनीय ऐतिहासिक स्रोत के रूप में स्वीकार किया। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

Aकेवल 1 और 3
Bकेवल 2 और 4
Cकेवल 1, 2 और 4
D1, 2, 3 और 4

14डिंगल, पिंगल और रासो परंपराओं के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. डिंगल पश्चिमी राजस्थान या मारवाड़ी और चारण कवियों से जुड़ी है। 2. पिंगल ब्रजभाषा से प्रभावित पूर्वी राजस्थानी परंपरा है। 3. तबकात-ए-नासिरी पृथ्वीराज रासो के सभी प्रमुख प्रसंगों की पुष्टि करती है। 4. पृथ्वीराज रासो लगभग 1300 से लगभग 16000 छंदों तक की अनेक पाठ-परंपराओं में मिलता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 2 और 3
Cकेवल 1, 3 और 4
Dकेवल 1, 2 और 4

15राजस्थान इतिहास के स्रोतों के रूप में पुरातात्विक स्थलों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. गणेश्वर सीकर जिले की नीम का थाना तहसील में कांतली नदी के निकट स्थित है। 2. गणेश्वर से 1000 से अधिक ताम्र वस्तुएँ मिलीं और इसका काल लगभग 2800-2200 ई.पू. माना जाता है। 3. अहाड़, जिसे तांबवती नगरी भी कहा जाता है, उदयपुर के निकट है और अहाड़-बनास संस्कृति से संबंधित है। 4. अहाड़ मुख्यतः मौर्यकालीन बौद्ध स्थल है जहाँ अशोक के अभिलेख मिले हैं। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 2 और 4
Cकेवल 1, 2 और 3
Dकेवल 1, 3 और 4

राजस्थान इतिहास के स्रोत - विस्तृत हल वाले प्रश्न

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