अभ्यास प्रश्न
प्र.1कौन-सा विकल्प ऐसे तथ्य-समूह की सही पहचान करता है जो कालीबंगा, आहड़ या गणेश्वर की बजाय बैराठ से संबंधित है?
A पूर्व-हड़प्पाई/हड़प्पाई स्तरों से हल-चिह्नित खेत और अग्नि-वेदियों के साक्ष्य
B बनास क्षेत्र में टैन मृद्भांड, पतले लाल मृद्भांड और कृष्ण-लोहित मृद्भांड वाला मृद्भांड-समूह
C मछली पकड़ने के कांटे, बाणाग्र, भालाग्र और आभूषण जैसी तांबे की वस्तुएं, जो तांबा-निर्माण संस्कृति से जुड़ी हैं
D विराटनगर/बीजक की पहाड़ी पर अशोक के शिलालेख और बौद्ध संरचनात्मक अवशेष
व्याख्या बैराठ को अलग पहचान देने वाला समूह प्रारंभिक ऐतिहासिक और मौर्य-बौद्ध है: विराटनगर/बैराठ, अशोक के शिलालेख और बीजक की पहाड़ी के बौद्ध संरचनात्मक अवशेष। बाकी तीन विकल्प मजबूत संकेत हैं, पर जानबूझकर गलत स्थल से जोड़े गए हैं: हल-चिह्नित खेत और अग्नि-वेदियां कालीबंगा के लिए, मृद्भांड-समूह आहड़-बनास के लिए, और तांबे की वस्तुएं गणेश्वर-जोधपुरा के लिए।
प्र.2राजस्थान के प्राचीन स्थलों के लिए कौन-सा युग्म सही सुमेलित है?
A आहड़ - कृष्ण-लोहित मृद्भांड और अन्य उत्कृष्ट मृद्भांडों से चिह्नित बनास घाटी की ताम्रपाषाणिक संस्कृति
B कालीबंगा - भाब्रू शिलालेख के लिए प्रसिद्ध मौर्यकालीन बौद्ध केंद्र
C गणेश्वर - ज्वारीय गोदी वाला परिपक्व हड़प्पाई बंदरगाह-स्थल
D बैराठ - उदयपुर के पास आहड़ नदी पर स्थित आहड़-बनास का प्रकार-स्थल
व्याख्या सही सुमेल आहड़ का आहड़-बनास ताम्रपाषाणिक समूह और उसके मृद्भांड-समूह से है। बाकी विकल्प जानबूझकर प्रसिद्ध पहचानों को उलटते हैं: बैराठ के अशोक-बौद्ध साक्ष्य कालीबंगा से जोड़ दिए गए हैं, लोथल की गोदी गणेश्वर से जोड़ दी गई है, और आहड़ का स्थान बैराठ पर रख दिया गया है। ऐसे स्थल-परिवर्तन कठिन स्तर के बहुविकल्पीय प्रश्न में आम जाल होते हैं।
प्र.3मेवाड़ के राज सिंह को व्यापक राजस्थान-मुगल क्रम में सही जगह कौन-सा कथन देता है?
A वह मेवाड़ का वह शासक था जिसे 1527 में खानवा में बाबर ने पराजित किया।
B उसने 1576 में हल्दीघाटी में महाराणा प्रताप के विरुद्ध अकबर की सेना का नेतृत्व किया।
C वह बीकानेर का शासक था जिसने जूनागढ़ दुर्ग बनवाया और अकबर की सेवा की।
D वह सत्रहवीं शताब्दी का मेवाड़ का महाराणा था, जिसका संबंध राजसमंद झील और औरंगजेब के मेवाड़ पर दबाव के विरुद्ध प्रतिरोध से है।
व्याख्या मेवाड़ के राज सिंह को पहले के सांगा-प्रताप चरण या बीकानेर के राय सिंह से नहीं मिलाना चाहिए। उसका संदर्भ औरंगजेब के समय का सत्रहवीं शताब्दी का मेवाड़ है, और राजस्थान सरकार की सामग्री राजसमंद झील को महाराणा राज सिंह प्रथम द्वारा 1662 से 1676 के बीच कराया गया कार्य बताती है।
प्र.4मेवाड़ के वंशगत इतिहास की दृष्टि से अलाउद्दीन खिलजी के 1303 के चित्तौड़ आक्रमण का महत्व किस कथन में सबसे ठीक व्यक्त होता है?
A इसने मेवाड़ की राजनीतिक पुनर्प्राप्ति को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया और चौदहवीं शताब्दी में कोई सिसोदिया पुनरुत्थान नहीं हुआ।
B इससे रतन सिंह से जुड़ी रावल शाखा का स्थान बदला; इसके बाद हम्मीर के नेतृत्व में सिसोदिया-राणा शाखा उभरी और महाराणा पदवी प्रमुख हुई।
C इससे अजमेर मेवाड़ की राजधानी बना और पृथ्वीराज तृतीय को करदाता शासक के रूप में फिर से स्थापित किया गया।
D इसके तुरंत बाद अकबर ने चित्तौड़ की घेराबंदी की, जिससे दिल्ली सल्तनत और मुगल अभियान एक ही घटना बन गए।
व्याख्या अलाउद्दीन खिलजी द्वारा 1303 में चित्तौड़ पर कब्जा मेवाड़ की रतन सिंह से जुड़ी पुरानी रावल शाखा में बड़े अवरोध के रूप में देखा जाता है। बाद में सिसोदिया-राणा शाखा के हम्मीर के अधीन हुई पुनर्प्राप्ति ने मेवाड़ को नई राजनीतिक पहचान दी, जो आगे चलकर महाराणा परंपरा में व्यक्त हुई।
प्र.5गणेश्वर से मिले तांबे के अवशेषों और मृद्भांड/चिह्न साक्ष्यों को साथ पढ़ने पर गणेश्वर-जोधपुरा संस्कृति के बारे में कौन-सा निष्कर्ष सबसे ठोस है?
A यह एक अलग-थलग पशुपालक संस्कृति थी, जिसका हड़प्पाई या आहड़-बनास तंत्रों से कोई भौतिक संबंध नहीं था।
B यह मानकीकृत लिपि-मुद्राओं और गोदी वाला पूर्ण शहरी हड़प्पाई नगर था।
C यह तांबा-निर्माण और विनिमय से जुड़ी संस्कृति थी, जो हड़प्पाई तथा अन्य ताम्रपाषाणिक समूहों से संपर्क में थी।
D इसकी पहचान मुख्यतः बौद्ध अभिलेखों और मौर्यकालीन मठीय अवशेषों से होती है।
व्याख्या गणेश्वर से तांबे की अनेक वस्तुएं मिली हैं, जैसे बाणाग्र, भालाग्र, छेनी, मछली पकड़ने के कांटे और आभूषण। विद्वानों के पुनर्मूल्यांकन में गणेश्वर-जोधपुरा समूह को तांबा-निर्माण संस्कृति माना गया है, जिसके व्यापार या अंतःक्रिया संबंध हड़प्पाई, आहड़-बनास और कायथा संदर्भों से जुड़ते हैं। मृद्भांड और चिह्नों के साक्ष्य इसे अलग-थलग गांव नहीं, बल्कि विनिमय-जाल का हिस्सा बताते हैं।
और प्रश्न
6राजस्थान के प्रारंभिक मध्यकालीन इतिहास में गुर्जर-प्रतिहार चरण के लिए राजनीतिक घटनाओं की सबसे इतिहास-सम्मत श्रृंखला कौन-सी है?
Aनागभट्ट प्रथम ने साम्राज्य का केंद्र कन्नौज में स्थानांतरित किया, जबकि मिहिर भोज ने पश्चिमी भारत में अरबों की बढ़त को सबसे पहले रोका।
Bनागभट्ट प्रथम ने अरब विस्तार को रोकने में भूमिका निभाई, वत्सराज कन्नौज के त्रिपक्षीय संघर्ष में उतरा और मिहिर भोज ने उत्तर भारत में प्रतिहार शक्ति को मजबूत किया।
Cवत्सराज ने मारवाड़ में वंश की स्थापना की, नागभट्ट द्वितीय ने कन्नौज को स्थायी रूप से खो दिया और महेंद्रपाल ने राजधानी अजमेर कर दी।
Dमिहिर भोज ने नागभट्ट प्रथम से पहले शासन किया और कन्नौज के बजाय जालौर को मुख्य साम्राज्य केंद्र बनाया।
7राजस्थान के ताम्रपाषाणिक परिदृश्य में आहड़-बनास और गणेश्वर-जोधपुरा की सबसे सावधान व्याख्या कौन-सी है?
Aदोनों हड़प्पाई शहरी व्यवस्था की समान शाखाएं हैं और इन्हें नियोजित नगरों के रूप में ही वर्गीकृत करना चाहिए।
Bआहड़-बनास दक्षिण-पूर्वी राजस्थान की मृद्भांड-बसावट परंपरा है, जबकि गणेश्वर-जोधपुरा उत्तर-पूर्वी राजस्थान का तांबा-केंद्रित समूह है जिसके विनिमय-संबंध थे।
Cआहड़-बनास मौर्यकाल से संबंधित है, जबकि गणेश्वर-जोधपुरा गुप्तकाल से संबंधित है।
Dआहड़-बनास मुख्यतः अशोक के शिलालेखों से जाना जाता है, जबकि गणेश्वर-जोधपुरा मुख्यतः बौद्ध स्तूपों से जाना जाता है।
8राणा सांगा के बाबर से संघर्ष और महाराणा प्रताप के अकबर की सेनाओं से संघर्ष में सही भेद कौन-सा विकल्प बताता है?
Aसांगा ने 1576 में हल्दीघाटी में बाबर से युद्ध किया, जबकि प्रताप ने 1527 में खानवा में अकबर के सेनापति से युद्ध किया।
Bदोनों संघर्ष अलाउद्दीन खिलजी के विरुद्ध हुए और उत्तर भारत में मुगल शक्ति की स्थापना से पहले घटित हुए।
Cसांगा ने खानवा के बाद मुगल सेवा स्वीकार की, जबकि प्रताप हल्दीघाटी के बाद अकबर का मनसबदार बन गया।
Dसांगा ने 1527 में खानवा में बाबर के विरुद्ध राजपूत महासंघ का नेतृत्व किया, जबकि प्रताप ने 1576 में हल्दीघाटी में आमेर के राजा मानसिंह के नेतृत्व वाली मुगल सेना का सामना किया।
9बैराठ पर तुलनात्मक प्रश्न में सबसे सटीक और परीक्षा-उपयोगी कथन कौन-सा होगा?
Aबैराठ मुख्यतः खेतड़ी तांबा पट्टी के पास स्थित ताम्रपाषाणिक ताम्र-संचय स्थल है।
Bबैराठ वह हड़प्पाई स्थल है जहां हल-चिह्नित खेत और अग्नि-वेदियों की पंक्तियां मिलीं।
Cबैराठ मुख्यतः बनास बेसिन में सफेद रंग से चित्रित कृष्ण-लोहित मृद्भांड के लिए प्रसिद्ध आहड़-बनास स्थल है।
Dबैराठ मत्स्य-विराटनगर परंपरा को मौर्यकालीन बौद्ध अवशेषों और अशोक के शिलालेखों से जोड़ता है।
10एक इतिहासकार अलाउद्दीन खिलजी के राजस्थान अभियानों को पहले से बाद के क्रम में रख रहा है। स्वीकृत कालक्रम के अनुसार कौन-सा क्रम सबसे ठीक है?
Aचित्तौड़, जालौर, रणथंभौर
Bजालौर, रणथंभौर, चित्तौड़
Cरणथंभौर, चित्तौड़, जालौर
Dरणथंभौर, जालौर, चित्तौड़
11मारवाड़ के राव मालदेव के बाद मुगल-राजपूत संबंधों के संदर्भ में चंद्रसेन राठौड़ की ऐतिहासिक स्थिति को सबसे सटीक ढंग से कौन-सा कथन बताता है?
Aउसने नागौर में अकबर की सेवा स्वीकार की और हल्दीघाटी में मुख्य कछवाहा सेनापति बना।
Bउसने बीकानेर पर शासन किया, जूनागढ़ दुर्ग बनवाया और अकबर के सबसे प्रतिष्ठित सेनापतियों में गिना गया।
Cमालदेव की मृत्यु के बाद उसने मारवाड़ में मुगल प्रभाव को चुनौती दी और जब प्रतिद्वंद्वी दावेदार अकबर से समझौते की ओर गए, तब भी प्रतिरोध जारी रखा।
Dवह वह सिसोदिया शासक था जिसने अलाउद्दीन खिलजी की चित्तौड़ विजय के बाद मेवाड़ को फिर से उठाया।
12अजमेर के चौहानों के बारे में कौन-सा कथन-समूह उनके राजनीतिक और सांस्कृतिक इतिहास के प्रचलित विवरणों से भीतर-ही-भीतर मेल खाता है?
Aअजयराज का संबंध अजमेर से, अर्णोराज का आनासागर से, विग्रहराज चतुर्थ का साहित्यिक-सांस्कृतिक संरक्षण से और पृथ्वीराज तृतीय का तराइन के संघर्षों से जोड़ा जाता है।
Bअर्णोराज ने तराइन के द्वितीय युद्ध के बाद अजमेर बसाया और पृथ्वीराज तृतीय ने गौरी शासक का अधीनस्थ बनने से पहले आनासागर बनवाया।
Cविग्रहराज चतुर्थ अजमेर का पहला सल्तनती सूबेदार था, जबकि अजयराज इल्तुतमिश के अधीन दिल्ली से शासन करता था।
Dअजमेर में चौहान केंद्र का उदय केवल अलाउद्दीन खिलजी के रणथंभौर और चित्तौड़ अभियानों के बाद हुआ।
13इन साक्ष्यों की श्रृंखला पर विचार करें: पूर्व-हड़प्पाई/हड़प्पाई स्तर; प्रारंभिक कृषि के हल-चिह्न; अनुष्ठानिक अग्नि-वेदियां; और उत्तर राजस्थान में घग्गर तंत्र पर स्थित स्थल। किस स्थल का वर्णन किया जा रहा है?
Aबैराठ
Bआहड़
Cकालीबंगा
Dगणेश्वर
14बसावट-योजना और अनुष्ठानिक साक्ष्यों के आधार पर कालीबंगा को कई अन्य परिपक्व हड़प्पाई केंद्रों से अलग पहचान देने वाला कथन कौन-सा है?
Aयहां दुर्गीकृत गढ़ और दुर्गीकृत निचला नगर, अग्नि-वेदियों के साक्ष्य के साथ मिलते हैं, जबकि महान स्नानागार जैसा सार्वजनिक जलाशय नहीं मिलता।
Bयह मुख्य रूप से गोदी-सुविधाओं और मनका-निर्माण वाले औद्योगिक क्षेत्र वाला बंदरगाह-नगर था।
Cयह विशाल जलाशय-व्यवस्था और धोलावीरा जैसी त्रिभागी नगर-योजना के लिए मुख्यतः जाना जाता है।
Dयहां राजस्थान के सबसे प्रारंभिक आहत सिक्के और उत्तरी कृष्ण परिमार्जित मृद्भांड स्तर मिले।
15राजस्थान के मुगलकालीन इतिहास में बीकानेर के राय सिंह की पहचान सबसे ठीक किस जोड़ी से होती है?
Aबीकानेर का शासक और अकबर के अधीन प्रतिष्ठित सेनापति, जिसे सोलहवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में जूनागढ़ दुर्ग के निर्माण से जोड़ा जाता है
Bमेवाड़ का शासक जिसने खानवा में बाबर से युद्ध किया और युद्ध के कुछ समय बाद मृत्यु को प्राप्त हुआ
Cरणथंभौर का चौहान शासक जिसने 1301 में अलाउद्दीन खिलजी का प्रतिरोध किया
Dमारवाड़ का दावेदार जिसने अकबर की अधीनता अस्वीकार की और रेगिस्तानी दुर्गों से संघर्ष किया