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राजस्थान के दुर्ग, महल, बावड़ियाँ एवं मंदिर स्थापत्य MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न

RAS/RPSC तैयारी के लिए राजस्थान के दुर्ग, महल, बावड़ियाँ एवं मंदिर स्थापत्य के 20 प्रश्न हल करें।

अभ्यास प्रश्न

प्र.1राजस्थान की बावड़ियों के बारे में कौन-सा कथन गलत है?

A वे पानी सहेजती थीं और सूखे महीनों में नीचे जाते जल-स्तर तक पहुँच देती थीं।
B वे छायादार या अपेक्षाकृत ठंडी जगह बनाती थीं और अक्सर सामाजिक मिलन-स्थल भी बनती थीं।
C उनकी सीढ़ियाँ, दीर्घाएँ, स्तंभ, मेहराब और नक्काशीदार पट्टियाँ पानी तक पहुँच को योजनाबद्ध सार्वजनिक स्थान बनाती थीं।
D वे मुख्यतः दुर्गों के भीतर निजी राजकीय निवास के रूप में बनाई जाती थीं।
व्याख्या

बावड़ियाँ व्यावहारिक जल-स्थापत्य का उदाहरण हैं। वे पानी सहेजती थीं, सूखे महीनों में घटते जल-स्तर तक पहुँच देती थीं, छाया या ठंडक वाला स्थान बनाती थीं और कई बार सामाजिक या धार्मिक मिलन-स्थल भी होती थीं। सीढ़ियाँ, दीर्घाएँ, स्तंभ, मेहराब और नक्काशी पानी तक पहुँच को योजनाबद्ध सार्वजनिक स्थान बनाते थे। दुर्ग के भीतर निजी राजकीय निवास महल की धारणा है, बावड़ी का काम नहीं। इसलिए बावड़ियों को मुख्यतः निजी निवास बताने वाला कथन गलत है।

प्र.2जयपुर और आमेर के बारे में निम्न कथनों पर विचार कीजिए: कथन 1: सवाई जय सिंह द्वितीय ने 1727 में जयपुर को नियोजित परकोटा शहर के रूप में बसाया। कथन 2: विद्याधर भट्टाचार्य को जयपुर की ग्रिड, द्वार, बाजार, चौकड़ियों और राजमहल क्षेत्र की योजना से जोड़ा गया है। कथन 3: आमेर को जयपुर के बाद बसाई गई बाद की नियोजित व्यापारिक राजधानी बताया गया है। ऊपर दिए गए कथनों में कौन-से सही हैं?

A केवल 1 और 2
B केवल 1 और 3
C केवल 2 और 3
D 1, 2 और 3
व्याख्या

आमेर और जयपुर का अंतर साफ है। जयपुर को सवाई जय सिंह द्वितीय ने 1727 में नियोजित परकोटा शहर के रूप में बसाया, और विद्याधर भट्टाचार्य को उसकी ग्रिड, द्वार, बाजार, चौकड़ियों तथा राजमहल क्षेत्र की योजना से जोड़ा गया है। आमेर बाद की नियोजित व्यापारिक राजधानी नहीं है। वह पुराना पहाड़ी महल-दुर्ग है, जिसमें ऊँचाई, माओटा झील, आंगन, गणेश पोल और दरबारी स्थापत्य साथ आते हैं। इसलिए पहले दो कथन सही हैं और तीसरा कथन अंतर को उलट देता है।

प्र.3अभिकथन (A): बीकानेर का जूनागढ़ राजस्थान के पहाड़ी दुर्गों के लिए एक उपयोगी तुलना देता है। कारण (R): जूनागढ़ को समतल भूमि का प्रमुख दुर्ग बताया गया है, जिससे पता चलता है कि राजस्थान की दुर्ग-रचना केवल पहाड़ी ऊँचाई से नहीं, बल्कि भूगोल और राजनीतिक जरूरत से भी बनी। सही उत्तर चुनिए।

A A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है
B A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की व्याख्या नहीं करता
C A सही है, लेकिन R गलत है
D A गलत है, लेकिन R सही है
व्याख्या

जूनागढ़ को किसी और पहाड़ी दुर्ग की तरह नहीं रखा गया है। उसे बीकानेर का समतल भूमि पर बना प्रमुख दुर्ग बताया गया है, जिसे 1589 में राजा राय सिंह ने शुरू कराया। इसलिए वह चित्तौड़गढ़, कुम्भलगढ़, रणथम्भौर, आमेर जैसे ऊँचाई-आधारित दुर्गों से साफ तुलना देता है। बड़ा नियम यह है कि राजस्थान की दुर्ग-रचना भूगोल और राजनीतिक जरूरत से बनती थी। जूनागढ़ दिखाता है कि रक्षा समतल स्थिति, परकोटे, द्वार और मरु-मार्गों पर नियंत्रण से भी संभव थी।

प्र.4राजस्थान की बावड़ियों पर दिए गए निम्न में से कौन-सा कथन गलत है?

A बावड़ियाँ पानी संग्रह करती थीं, छाया देती थीं और यात्रियों, महिलाओं, श्रद्धालुओं तथा स्थानीय समुदायों के लिए सार्वजनिक स्थान का काम करती थीं।
B आभानेरी की चाँद बावड़ी बड़े ज्यामितीय सीढ़ीदार रूप से जुड़ी है और हर्षत माता मंदिर के पास स्थित है।
C बूंदी की रानीजी की बावड़ी 1589 में राजा राय सिंह ने बीकानेर के समतल दुर्ग स्थापत्य के हिस्से के रूप में बनवाई।
D आमेर के पास पन्ना मीना का कुंड अपनी सममित सीढ़ियों के कारण जयपुर-आमेर परिपथ के लिए उपयोगी है।
व्याख्या

रानीजी की बावड़ी वाला कथन ही मिला-जुला है। इसे बीकानेर नहीं, बूंदी से जोड़ा गया है, और 1589 में राजा राय सिंह से नहीं, बल्कि 1699 में रानी नाथावती जी से जोड़ा गया है। राजा राय सिंह और 1589 का संबंध बीकानेर के जूनागढ़ दुर्ग से है, जो समतल भूमि का प्रमुख दुर्ग है। बाकी कथन हैं: बावड़ियाँ जल-संग्रह, छाया और सार्वजनिक उपयोग को जोड़ती थीं; चाँद बावड़ी हर्षत माता मंदिर के पास है; और पन्ना मीना का कुंड आमेर के पास सममित सीढ़ियों के लिए याद रखा जाता है।

प्र.5अभिकथन: जयपुर का जंतर मंतर वैज्ञानिक और स्थापत्य स्मारक के रूप में पढ़ा जाता है। कारण: 2010 में UNESCO ने सवाई जय सिंह द्वितीय की पत्थर-यंत्रों वाली वेधशाला को मान्यता दी। सही उत्तर चुनिए।

A अभिकथन और कारण दोनों सही हैं, और कारण अभिकथन की सही व्याख्या करता है
B अभिकथन और कारण दोनों सही हैं, लेकिन कारण अभिकथन की व्याख्या नहीं करता
C अभिकथन सही है, लेकिन कारण गलत है
D अभिकथन गलत है, लेकिन कारण सही है
व्याख्या

जयपुर के जंतर मंतर को 2010 में UNESCO ने सूचीबद्ध किया। वे यह भी बताते हैं कि यह मान्यता क्यों महत्त्वपूर्ण है: सवाई जय सिंह द्वितीय की पत्थर-यंत्रों वाली वेधशाला को वैज्ञानिक और स्थापत्य स्मारक माना गया। कारण कोई अलग, असंबंधित तथ्य नहीं है; वह स्मारक के मान्यता-प्राप्त स्वरूप और उसके धरोहर-मूल्य का आधार बताता है। इसलिए अभिकथन भी सही है और कारण भी, तथा कारण अभिकथन की व्याख्या करता है।

आपने 20 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं

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और प्रश्न

6स्मारक को संबंध से मिलाइए: सूची I: 1. मेहरानगढ़ 2. जूनागढ़ 3. कुम्भलगढ़ 4. रानीजी की बावड़ी सूची II: क. 1699 में बूंदी में रानी नाथावती जी द्वारा बनवाई गई ख. राणा कुम्भा और मेवाड़ के लंबे पहाड़ी दुर्ग-परकोटे से जुड़ा ग. 1589 में बीकानेर में राजा राय सिंह द्वारा शुरू कराया गया घ. 1459 में राव जोधा द्वारा जोधपुर के साथ स्थापित सही मिलान कौन-सा है?

A1-क, 2-ख, 3-ग, 4-घ
B1-ख, 2-ग, 3-घ, 4-क
C1-घ, 2-क, 3-ख, 4-ग
D1-घ, 2-ग, 3-ख, 4-क

7कौन-सा समूह 2013 की UNESCO राजस्थान पहाड़ी दुर्ग श्रृंखला में शामिल केवल उन्हीं दुर्गों को रखता है?

Aचित्तौड़गढ़, कुम्भलगढ़, जूनागढ़, आमेर
Bचित्तौड़गढ़, कुम्भलगढ़, रणथम्भौर, गागरोन
Cआमेर, जैसलमेर, मेहरानगढ़, रानीजी की बावड़ी
Dरणथम्भौर, गागरोन, हवामहल, जंतर मंतर

8किस दुर्ग को नदी-भूगोल से सुरक्षित जल-दुर्ग प्रकार के रूप में पहचाना गया है?

Aजैसलमेर दुर्ग
Bजूनागढ़ दुर्ग
Cगागरोन दुर्ग
Dकुम्भलगढ़ दुर्ग

9सूची I को सूची II से मिलाइए: सूची I: 1. मेहरानगढ़ 2. जूनागढ़ 3. रानीजी की बावड़ी 4. चाँद बावड़ी सूची II: a. 1699 में बूंदी में रानी नाथावती जी द्वारा बनवाई गई b. राव जोधा द्वारा मारवाड़ की चट्टानी राजधानी की ओर सत्ता-स्थानांतरण से जुड़ा c. बीकानेर के राजा राय सिंह से जुड़ा प्रमुख समतल दुर्ग d. आभानेरी की बावड़ी, जिसका हर्षत माता मंदिर से संबंध बताया गया है सही मिलान चुनिए।

A1-a, 2-b, 3-c, 4-d
B1-b, 2-a, 3-c, 4-d
C1-c, 2-b, 3-a, 4-d
D1-b, 2-c, 3-a, 4-d

10राजस्थान के मंदिरों और सामग्री-संकेतों के बारे में कौन-सा कथन गलत है?

Aमंदिर के मूल शब्दों में गर्भगृह में देवता विराजते हैं, मंडप स्तंभों वाला सभागार होता है और शिखर गर्भगृह के ऊपर उठता है।
Bमाउंट आबू के दिलवाड़ा मंदिर मुख्य रूप से जैसलमेर जैसे पीले बलुआ पत्थर के काम के लिए याद किए जाते हैं।
Cउदयपुर के पास एकलिंगजी मंदिर मेवाड़ की धार्मिक और राजनीतिक परंपरा से जुड़ता है।
Dजयपुर का गोविंद देव जी मंदिर वैष्णव दरबारी परंपरा को समझने में सहायक है।

112013 में UNESCO की राजस्थान के पहाड़ी दुर्गों वाली श्रृंखला में शामिल 6 दुर्गों का सही समूह कौन-सा है?

Aचित्तौड़गढ़, कुम्भलगढ़, मेहरानगढ़, जूनागढ़, आमेर और जैसलमेर
Bचित्तौड़गढ़, कुम्भलगढ़, रणथम्भौर, गागरोन, आमेर और जैसलमेर
Cचित्तौड़गढ़, कुम्भलगढ़, रणथम्भौर, गागरोन, जयपुर शहर और जूनागढ़
Dआमेर, जयपुर शहर, जोधपुर, बीकानेर, बूंदी और आभानेरी

12सूची 1 को सूची 2 से मिलाइए। सूची 1: 1. चाँद बावड़ी 2. रानीजी की बावड़ी 3. दिलवाड़ा मंदिर 4. जंतर मंतर, जयपुर सूची 2: क. आभानेरी की बावड़ी, जो जल-स्थापत्य और हर्षत माता मंदिर से जुड़ी है ख. बूंदी की बावड़ी, जिसे 1699 में रानी नाथावती जी से जोड़ा जाता है ग. माउंट आबू के मंदिर, जो संगमरमर की सूक्ष्म नक्काशी के लिए प्रसिद्ध हैं घ. 2010 में UNESCO से मान्यता प्राप्त वेधशाला सही कूट चुनिए।

A1-क, 2-ख, 3-ग, 4-घ
B1-ख, 2-क, 3-ग, 4-घ
C1-क, 2-ग, 3-ख, 4-घ
D1-घ, 2-ख, 3-ग, 4-क

13जयपुर के लिए कौन-सा वर्णन सबसे उपयुक्त है?

Aरावल जैसल द्वारा स्थापित पीले बलुआ पत्थर का मरु-दुर्ग
B1727 में स्थापित नियोजित परकोटा-नगर, जिसमें ग्रिड, द्वार, बाजार, चौक और राजमहल क्षेत्र थे
Cझालावाड़ में नदी-भूगोल से सुरक्षित जल-दुर्ग
Dमाउंट आबू में सूक्ष्म नक्काशी के लिए प्रसिद्ध संगमरमर का जैन मंदिर परिसर

14कौन-सा सामग्री-संकेत उस क्षेत्र या स्मारक से सही जुड़ा है जिसकी पहचान वह कराता है?

Aसफेद संगमरमर की नक्काशी - जैसलमेर दुर्ग और वहाँ की व्यापारी हवेलियाँ
Bकेवल दर्पण-काम - आभानेरी की चाँद बावड़ी का मुख्य सामग्री-संकेत
Cकेवल लाल बलुआ पत्थर - जयपुर शहर को 2019 में UNESCO सूची में शामिल किए जाने का कारण
Dपीला बलुआ पत्थर - जैसलमेर का दुर्ग और हवेलियाँ, जिससे वहाँ की स्थापत्य छवि सुनहरी दिखती है

15राजस्थान का ‘मिनी खजुराहो’ किस मंदिर को कहा जाता है?

Aरामगढ़ भंड देवरा मंदिर
Bकिराडू का मंदिर
Cरानी भटियाणी मंदिर
Dश्री नाकोड़ाजी मंदिर

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