MCQ
राजस्थान के प्रागैतिहासिक स्थल एवं प्राचीन सभ्यताएँ MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न
RAS/RPSC तैयारी के लिए राजस्थान के प्रागैतिहासिक स्थल एवं प्राचीन सभ्यताएँ के 20 प्रश्न हल करें।
अभ्यास प्रश्न
प्र.1आहड़-बनास संस्कृति के बारे में निम्न कथनों पर विचार कीजिए: कथन 1: इसका समय सामान्यतः लगभग 2800-1500 ईसा पूर्व माना जाता है और यह दक्षिण-पूर्वी राजस्थान से जुड़ी है। कथन 2: यह लिपि, मानकीकृत भार-माप और बड़े नियोजित नगरों वाली नगरीय हड़प्पाई सभ्यता थी। कथन 3: काले-लाल मृद्भांड और तांबे का उपयोग इसके प्रमुख पहचान-चिह्नों में हैं। ऊपर दिए गए कथनों में कौन-से सही हैं?
आहड़-बनास को दक्षिण-पूर्वी राजस्थान की प्रमुख ताम्रपाषाण संस्कृति बताया जाता है, जिसका समय सामान्यतः लगभग 2800-1500 ईसा पूर्व माना गया है। काले-लाल मृद्भांड, तांबे का उपयोग और खेती-पशुपालन पर आधारित ग्राम-जीवन इसकी पहचान हैं। भ्रम पैदा करने वाला कथन यह है कि इसे लिपि, मानकीकृत भार-माप और बड़े नियोजित नगरों वाली हड़प्पाई सभ्यता कहा जाए। आहड़-बनास महत्त्वपूर्ण थी, पर हड़प्पाई अर्थ में नगरीय नहीं थी।
प्र.2कोठारी नदी के किनारे भीलवाड़ा में स्थित, सूक्ष्म-पाषाण और पशुपालन के आरंभिक संकेतों वाला राजस्थान का प्रमुख मध्यपाषाण स्थल कौन-सा है?
बागोर को राजस्थान का प्रमुख मध्यपाषाण स्थल बताया गया है। इसका स्थान-संकेत भीलवाड़ा में कोठारी नदी है, और इसका महत्व सूक्ष्म-पाषाण, पशु-अस्थियों तथा पशुपालन की ओर बढ़ते समाज के संकेतों में है। कालीबंगा घग्घर क्षेत्र का हड़प्पाई स्थल है, गणेश्वर खेतड़ी क्षेत्र के ताँबे से जुड़ता है, और बैराठ अशोक-बौद्ध साक्ष्यों वाला आरंभिक ऐतिहासिक स्थल है। इसलिए कोठारी नदी, मध्यपाषाण और पशुपालन-संक्रमण का मेल बागोर पर ही बैठता है।
प्र.3स्थल को उसके प्रमुख ऐतिहासिक-सांस्कृतिक संकेत से मिलाइए। सूची I: 1. आहड़ 2. गणेश्वर 3. कालीबंगा 4. बैराठ सूची II: a. अशोक के अभिलेख और बौद्ध अवशेष b. काला-लाल मृद्भांड और ताम्रपाषाण ग्राम-जीवन c. खेतड़ी ताँबा-पट्टी और ताँबे के उपकरण d. जुता खेत और हड़प्पाई नगर-योजना
हर स्थल को उसके प्रमुख संकेत से जोड़कर याद रखें। आहड़ की पहचान आहड़-बनास संस्कृति, काला-लाल मृद्भांड और ताम्रपाषाण ग्राम-जीवन से बनती है। गणेश्वर खेतड़ी ताँबा-पट्टी और ताँबे के उपकरणों के कारण महत्त्वपूर्ण है। कालीबंगा जुते खेत और हड़प्पाई नगर-योजना वाला स्थल है। बैराठ या विराटनगर मत्स्य, मौर्य और बौद्ध परंपरा से, खासकर अशोक के अभिलेखों और बौद्ध अवशेषों से जुड़ता है।
प्र.4स्थलों को उनके सबसे उचित पुरातात्त्विक संबंध से मिलाइए: सूची 1: 1. बालाथल 2. गणेश्वर 3. कालीबंगा 4. बैराठ सूची 2: क. अशोक के लघु शिलालेख और बौद्ध अवशेष ख. आहड़-बनास ग्राम-जीवन में तांबा-गलन के प्रमाण ग. खेत्री क्षेत्र के पास 900 से अधिक तांबे की वस्तुएँ घ. प्राक्-हड़प्पाई जुता खेत और अग्नि-वेदिकाएँ सही कूट चुनिए।
बालाथल को आहड़-बनास संस्कृति की ग्राम-बस्ती और तांबा-गलन के प्रमाण से जोड़ा जाता है। गणेश्वर खेत्री तांबा पट्टी के पास गणेश्वर-जोधपुरा संस्कृति और 900 से अधिक तांबे की वस्तुओं के लिए महत्त्वपूर्ण है। कालीबंगा प्राक्-हड़प्पाई जुते खेत और बाद की हड़प्पाई अग्नि-वेदिकाओं से जुड़ती है। बैराठ प्रारंभिक ऐतिहासिक संक्रमण का स्थल है, जहाँ अशोक के लघु शिलालेख और बौद्ध अवशेष मिलते हैं। इन मिलानों से हर स्थल अपना सही सांस्कृतिक चरण रखता है।
प्र.5कोठारी नदी के किनारे मध्यपाषाणकालीन राजस्थान में पशुपालन के शुरुआती प्रमाणों से सबसे सीधे किस स्थल को जोड़ा जाता है?
बागोर सीधा संकेत है, क्योंकि इसे भीलवाड़ा में कोठारी नदी के किनारे स्थित प्रमुख मध्यपाषाण स्थल बताते हैं और राजस्थान में पशुपालन के शुरुआती प्रमाणों के लिए उपयोगी माना जाता है। आहड़ और गणेश्वर बाद के ताम्रपाषाण चरण में ग्राम-जीवन और तांबे से जुड़े हैं, जबकि बैराठ प्रारंभिक ऐतिहासिक चरण का स्थल है। प्रश्न में कोठारी नदी और मध्यपाषाण काल में पशुपालन का संकेत है, इसलिए बागोर ही सही बैठता है।
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और प्रश्न
6भीलवाड़ा में कोठारी नदी के किनारे सूक्ष्म-पाषाण और पशुपालन के आरंभिक संकेतों के लिए किस स्थल को याद किया जाता है?
7राजस्थान में कोठारी नदी के किनारे मध्यपाषाण जीवन और पशुपालन के आरंभिक प्रमाणों से सबसे सीधे कौन-सा स्थल जुड़ा है?
8आहड़-बनास संस्कृति के बारे में निम्न कथनों पर विचार कीजिए: कथन 1: यह दक्षिण-पूर्वी राजस्थान की ताम्रपाषाण गाँव-आधारित संस्कृति थी। कथन 2: इसकी सबसे पहचानने योग्य सामग्री काला-लाल मृद्भांड थी। कथन 3: इसके स्थलों में प्रमुख हड़प्पाई नगरों जैसी नियोजित नगरीय ग्रिड, लिपि और मानकीकृत बाट मिलते हैं। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
9कालीबंगा के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म गलत है?
10बैराठ के बारे में अभिकथन और कारण पढ़िए: अभिकथन: बैराठ को प्रागैतिहासिक ताम्रपाषाण चरण के बजाय मुख्यतः प्रारंभिक ऐतिहासिक चरण में रखा जाना चाहिए। कारण: यह मत्स्य महाजनपद, अशोक के लघु शिलालेखों, बौद्ध अवशेषों और प्रारंभिक लिखित प्रमाणों से जुड़ा है। सही उत्तर चुनिए।
11गणेश्वर की सही पहचान कौन-सी है?
12बैराठ के बारे में निम्न में से कौन-सा कथन गलत है?
13कालीबंगा के बारे में निम्न में से कौन-सा कथन गलत है?
14आहड़-बनास संस्कृति के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन 1: इसका समय सामान्यतः लगभग 2800-1500 ईसा पूर्व माना जाता है और यह काले-लाल मृद्भांड, तांबे के उपयोग तथा कृषक-पशुपालक ग्राम-जीवन से जुड़ी है। कथन 2: यह लिपि, मानकीकृत भार-माप और बड़े नियोजित नगरों वाली हड़प्पाई शैली की नगरीय सभ्यता थी। कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
15कालीबंगा के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?
