Q1. आभानेरी और राजौरगढ़ का कलात्मक वैभव किस काल से संबंधित है?
Explanation
आभानेरी और राजौरगढ़ का कलात्मक वैभव गुर्जर-प्रतिहार काल से जोड़ा जाता है। राजस्थान में शुरुआती मध्यकालीन मंदिर-कला और मूर्तिकला के विकास में यह काल बहुत महत्त्वपूर्ण रहा। चौहान परंपरा अजमेर, सांभर और बाद के राजपूत राजनीतिक इतिहास से जुड़ी है, इसलिए यहाँ सही नहीं बैठती। गुहिल-सिसोदिया मुख्य रूप से मेवाड़ की शासक परंपरा और उसके स्मारकों से जुड़ते हैं। राठौड़ इतिहास मारवाड़ केंद्रित है। इसलिए इन कला-स्थलों के लिए गुर्जर-प्रतिहार काल ही उपयुक्त है।
