अभ्यास प्रश्न
प्र.1राजस्थान की कला में फड़ चित्रकला की सही पहचान किस कथन से होती है?
A कपड़े पर बनी धार्मिक पट-चित्र परंपरा, जिसमें प्रायः पाबूजी या देवनारायण की कथाएं कही जाती हैं
B श्रीनाथजी की पूजा के लिए मुख्य रूप से बनाया जाने वाला मंदिर का पृष्ठ-चित्र
C क्वार्ट्ज आधारित चमकदार मिट्टी-शिल्प, जो कोबाल्ट और फ़िरोज़ी रंगों के लिए जाना जाता है
D जयपुर के आभूषणों से जुड़ी धातु पर रंगीन तामचीनी चढ़ाने की कला
व्याख्या फड़ राजस्थान की लोक-धार्मिक पट-चित्र परंपरा है। इसे पारंपरिक रूप से कपड़े के लंबे टुकड़े पर बनाया जाता है और पाबूजी तथा देवनारायण जैसे लोकदेवताओं के कार्यों की कथा सुनाने में इस्तेमाल किया जाता है। भोपे प्रदर्शन के समय इन चित्रित पटों को चल-देवालय की तरह साथ रखते हैं।
प्र.2जयपुर की ब्लू पॉटरी के बारे में कौन-सा कथन सही है?
A यह मुख्य रूप से काली कपास मिट्टी से बनती है और पकाने के बाद ही रंगी जाती है
B यह क्वार्ट्ज आधारित मिट्टी-शिल्प है, जो नीले और फिरोजी रंगों के लिए जाना जाता है
C यह लोहे की वस्तुओं पर चाँदी के तार से की जाने वाली धातु जड़ाई कला है
D यह पारंपरिक जूतों के लिए इस्तेमाल होने वाला चमड़े का शिल्प है
व्याख्या राजस्थान पर्यटन की आधिकारिक खरीदारी मार्गदर्शिका ब्लू पॉटरी को जयपुर का ऐसा शिल्प बताती है जो सामान्य मिट्टी के बजाय क्वार्ट्ज से बनता है। इसके नीले और फिरोजी रंग कोबाल्ट ऑक्साइड और कॉपर ऑक्साइड जैसे पदार्थों से प्राप्त होते हैं।
प्र.3राजस्थान में कठपुतली को सबसे ठीक किस रूप में समझा जाता है?
A कृष्ण मंदिरों में इस्तेमाल होने वाला भक्तिपरक दीवार-पट
B कहानी सुनाते समय पल्ले-दर-पल्ले खोला जाने वाला चित्रित लकड़ी का देवालय
C ग्रामीण घरों को सजाने में काम आने वाली फर्श-चित्रकला परंपरा
D लकड़ी की पुतलियों से किया जाने वाला डोरीदार पुतली-नाटक, जो परंपरागत रूप से भाट कलाकारों से जुड़ा है
व्याख्या कठपुतली राजस्थान की प्रसिद्ध डोरीदार पुतली-नाट्य परंपरा है। इन पुतलियों के सिर लकड़ी के और शरीर रंग-बिरंगे कपड़े के होते हैं। सरकारी शिल्प-सामग्री में पुतली बनाने और उसके प्रदर्शन, दोनों को भाट समुदाय से जोड़ा गया है; जयपुर और जोधपुर इसके प्रमुख केंद्रों में गिने जाते हैं।
प्र.4पिछवाई चित्रकला किस केंद्र और किस भक्तिभाव से सबसे निकट जुड़ी है?
A नाथद्वारा, जहां चित्र श्रीनाथजी की प्रतिमा के पीछे लगाए जाते हैं
B जयपुर, जहां क्वार्ट्ज की मिट्टी-कला पर नीली चमकदार सजावट की जाती है
C प्रतापगढ़, जहां रंगीन कांच पर सोने का उभरा हुआ काम किया जाता है
D शाहपुरा, जहां देवनारायण के कार्यों की कथा कहने वाले पट बनाए जाते हैं
व्याख्या पिछवाई भक्तिमय कपड़ा-चित्र हैं, जिन्हें मंदिर में पृष्ठभूमि के रूप में लगाया जाता है, विशेषकर श्रीनाथजी की प्रतिमा के पीछे। यह परंपरा नाथद्वारा से गहराई से जुड़ी है, जहां श्रीनाथजी की पूजा केंद्र में रहती है।
प्र.5राजस्थान की फड़ चित्रकला में सामान्य रूप और विषय-वस्तु का सही मेल कौन-सा है?
A ऐसी मीनाकारी तकनीक जिसमें खुदे हुए आभूषण-डिजाइन में रंगीन कांच का चूर्ण भरा जाता है
B पाबूजी और देवनारायण जैसे लोकदेवताओं के जीवन और वीर गाथाओं को सुनाने वाला लंबा कपड़े का चित्र-पट
C नीले और फिरोजी पुष्प-अलंकरणों पर केंद्रित क्वार्ट्ज-आधारित चमकदार मिट्टीकला
D महलों की भित्ति-चित्र परंपरा, जो मुख्यतः कोटा शासकों के आखेट दृश्यों के लिए जानी जाती है
व्याख्या फड़ राजस्थान की कपड़े पर बनने वाली चित्र-पट परंपरा है। इसका उपयोग आम तौर पर पाबूजी और देवनारायण जैसे लोकनायकों और लोकदेवताओं के जीवन-प्रसंग सुनाने में होता है। राजस्थान पर्यटन फड़ों को लंबे आयताकार कपड़े के चित्र बताता है, और संस्कृति मंत्रालय भी फड़ को भोपा समुदाय से जुड़ी राजस्थान की परंपरा के रूप में दर्ज करता है। इसलिए कपड़े का चित्र-पट और लोकनायक वाला मेल सबसे सटीक है।
और प्रश्न
6स्वतंत्रता के बाद राजस्थान के एकीकरण के प्रमुख चरणों का कौन-सा क्रम सही है?
Aवृहद राजस्थान; मत्स्य संघ; राजस्थान संघ; संयुक्त राजस्थान
Bराजस्थान संघ; मत्स्य संघ; वृहद राजस्थान; पुनर्गठित राजस्थान
Cसंयुक्त राजस्थान; मत्स्य संघ; वृहद राजस्थान संयुक्त राज्य; राजस्थान संघ
Dमत्स्य संघ; राजस्थान संघ; संयुक्त राजस्थान; वृहद राजस्थान
7राजस्थान की आरंभिक मध्यकालीन जल-स्थापत्य परंपरा पर प्रश्न हो, तो चांद बावड़ी के बारे में सबसे सटीक कथन कौन-सा है?
Aयह आभानेरी की नौवीं शताब्दी की बावड़ी है, जिसे निकुम्भ वंश के राजा चंदा से जोड़ा जाता है और जल-संरक्षण के लिए बनवाया गया था।
Bयह हनुमानगढ़ का हड़प्पाई टीला है, जो नियोजित गलियों और अग्नि-वेदियों के लिए जाना जाता है।
Cयह सवाई जयसिंह द्वितीय द्वारा 1734 में पूर्ण कराई गई खगोलीय वेधशाला है।
Dयह चित्तौड़गढ़ का स्तंभ है, जिसे सैन्य विजय के उपलक्ष्य में 1440 से 1448 के बीच बनवाया गया था।
8राजस्थान इतिहास और धरोहर से जुड़े प्रश्नों में गागरोन दुर्ग के बारे में कौन-सा कथन सबसे सटीक है?
Aयह जैसलमेर का मुख्य मरुस्थलीय दुर्ग है, जिसकी रक्षा जलाशयों के बजाय रेतीले टीलों से होती थी।
Bइसे राणा कुंभा ने महाराणा प्रताप के जन्म-स्थल दुर्ग के रूप में बनवाया था।
Cयह झालावाड़ का पहाड़ी और जल-दुर्ग है, जिसे राजस्थान के उन पहाड़ी दुर्गों में गिना जाता है जिन्हें विश्व धरोहर सूची में स्थान मिला है।
Dयह वह केंद्र था, जहां स्वतंत्रता के बाद मत्स्य संघ की घोषणा हुई।
9राजस्थान की कठपुतली को किस सांस्कृतिक रूप में सबसे ठीक समझा जाता है?
Aकेवल मंदिरों की दीवारों से जुड़ी टेराकोटा मूर्ति-निर्माण परंपरा
Bबिना मिट्टी के बनी नीली चमकदार सिरेमिक कला
Cजोधपुर का कपड़े पर बांधकर रंगाई करने वाला शिल्प
Dकठपुतलीकार समुदायों द्वारा बनाई जाने वाली लकड़ी की पुतली-कला और प्रदर्शन-कला
10लघुचित्रकला की किशनगढ़ शैली स्त्री-सौंदर्य के किस प्रसिद्ध आदर्श रूप के लिए विशेष रूप से याद की जाती है?
Aबनी-ठणी
Bगोंड रानी
Cमधुबनी देवी
Dमोनालिसा
11जयपुर के जंतर मंतर की सबसे सही पहचान कौन-सी है?
A1857 के विद्रोह के बाद स्थापित उन्नीसवीं शताब्दी की ब्रिटिश छावनी
Bसवाई जयसिंह द्वितीय से जुड़ी अठारहवीं शताब्दी के आरंभ की खगोलीय वेधशाला
Cमेवाड़ की सीमा-सुरक्षा के लिए राणा कुम्भा द्वारा बनाया गया रक्षात्मक पहाड़ी दुर्ग
Dराजस्थान के समुद्री व्यापार को दिखाने वाला हड़प्पाई गोदीघर
12राजस्थान की प्रसिद्ध प्रदर्शन-कला परंपराओं में कठपुतली को सबसे सटीक रूप से किस रूप में समझा जाएगा?
Aकोबाल्ट नीली चमक से सजाई गई क्वार्ट्ज-आधारित सिरेमिक कला
Bश्रीनाथजी की प्रतिमा के पीछे लगाया जाने वाला भक्तिपरक चित्र
Cरंगीन लकड़ी की गुड़ियों से की जाने वाली डोरी-कठपुतली परंपरा
Dकीचड़-लेप से बनी रेजिस्ट-डाई वस्त्र छपाई
13राजस्थान के कालबेलिया लोकगीत और नृत्य को यूनेस्को ने 2010 में मुख्य रूप से किस समुदाय की सांस्कृतिक अभिव्यक्ति के रूप में दर्ज किया?
Aशाहपुरा फड़ परंपरा के जोशी चित्रकार
Bकालबेलिया समुदाय, जो पहले सांप पकड़ने-संभालने से जुड़ा था
Cजयपुर के आभूषण कार्यशालाओं के मीनाकार कारीगर
Dकठपुतली कलाकारों का भट्ट समुदाय
14राजस्थान का प्रसिद्ध घूमर लोकनृत्य सामान्यतः किन कलाकारों और किस अवसर से जुड़ा माना जाता है?
Aजसनाथी पुरुष, होली पर अग्नि-कौशल के साथ प्रदर्शन
Bविवाह अवसरों पर महिलाएं, गोल घेरे में लयपूर्ण नृत्य
Cशेखावाटी के पुरुष, नकली घोड़ों के साथ प्रदर्शन
Dकामड़ महिलाएं, शरीर पर मंजीरे बांधकर बैठकर नृत्य
15राजस्थान के पारंपरिक चित्रकला और शिल्प केंद्रों के संदर्भ में कौन-सी जोड़ी सही सुमेलित है?
Aमोलेला - देवताओं की टेराकोटा पट्टिकाएँ और आकृतियाँ
Bजयपुर - मुख्य मिट्टी-कला के रूप में मांडणा फर्श चित्रकला
Cप्रतापगढ़ - पाबूजी और देवनारायण की फड़ पटें
Dनाथद्वारा - थेवा काँच पर सोने के आभूषण