Q1. डॉ. माधव हाड़ा को के. के. बिरला फाउंडेशन ने 32वां बिहारी पुरस्कार उनकी किस साहित्यिक कृति के लिए दिया?
Explanation
डॉ. माधव हाड़ा को 32वां बिहारी पुरस्कार पचरंग चोला पहर सखी री के लिए दिया गया था। यह कृति मीरा और राजस्थानी-हिंदी साहित्यिक परंपरा से जुड़ी आलोचनात्मक रचना है। हम यहां थे किसी और लेखिका से जुड़ी कृति है, इसलिए यह हाड़ा की पुरस्कृत पुस्तक नहीं है। तसलीमा : संघर्ष और साहित्य तसलीमा नसरीन पर केंद्रित है। आंख हीण्यै रा हरियाल सपना राजस्थानी शीर्षक जरूर है, पर के. के. बिरला फाउंडेशन ने इस पुरस्कार के लिए इसे नहीं चुना था।
