Q1. सहजो बाई किस संप्रदाय से संबंधित थीं?
Explanation
सहजो बाई चरनदासी संप्रदाय की प्रमुख संत-कवयित्री मानी जाती हैं और उनका संबंध चरनदास की भक्ति परंपरा से जोड़ा जाता है। रामस्नेही परंपरा रामचरण जैसे संतों से जुड़ी अलग धारा है। लालदासी और अलखदासी परंपराएं भी अलग संप्रदायिक धाराएं हैं, पर सहजो बाई की सामान्य पहचान इनसे नहीं दी जाती। प्रश्न केवल उनके संप्रदाय की पहचान पूछता है। इसलिए सही संबंध चरनदासी संप्रदाय से है, बाकी नाम राजस्थान की अन्य संत परंपराओं से जुड़े भटकाने वाले विकल्प हैं।
