MCQ
राजस्थान की जनजातियाँ MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न
RAS/RPSC तैयारी के लिए राजस्थान की जनजातियाँ के 3 प्रश्न हल करें।
अभ्यास प्रश्न
प्र.1निम्नलिखित में से किस जनजाति में तन्ना और मोर बंधिया नामक विवाह प्रचलित हैं?
तन्ना और मोर बंधिया विवाह-प्रकार गरासिया जनजाति की सामाजिक परंपराओं से जुड़े माने जाते हैं, खासकर दक्षिणी राजस्थान के जनजातीय संदर्भ में। सांसी अलग घुमंतू समुदाय के रूप में जाना जाता है और इन विवाह नामों से नहीं पहचाना जाता। मीणा समाज की अपनी विवाह परंपराएँ हैं, पर ये दोनों शब्द वहाँ की सामान्य पहचान नहीं हैं। भील राजस्थान की बड़ी जनजाति है, लेकिन प्रश्न में दिए गए खास नाम गरासिया रीति-रिवाज की ओर इशारा करते हैं।
प्र.2नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन (1): सांसी एक घुमंतू जनजाति है, जो मुख्य रूप से भरतपुर जिले में पाई जाती है। कथन (2): सांसी की दो शाखाएँ विजा और मावा हैं। उपर्युक्त कथनों के आलोक में नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें।
राजस्थान सामान्य ज्ञान में सांसी समुदाय को घुमंतू जनजाति के रूप में पढ़ाया जाता है और इसका प्रमुख संबंध भरतपुर जिले से बताया जाता है, इसलिए पहला कथन इस प्रश्न में सही माना गया है। दूसरा कथन भी सही माना गया है, क्योंकि प्रश्न में सांसी की दो शाखाएँ विजा और मावा दी गई हैं। इसलिए दोनों कथनों को सही बताने वाला उत्तर आधिकारिक कुंजी से मेल खाता है। दोनों को गलत, केवल पहले को सही या केवल दूसरे को सही बताने वाले उत्तर इस कुंजी के अनुसार सही नहीं बैठते।
प्र.3'कथौड़ी' जनजाति मुख्य रूप से निम्नलिखित में से किस जिले में पाई जाती है?
राजस्थान में कथौड़ी जनजाति का मुख्य संबंध उदयपुर जिले से माना जाता है, खासकर दक्षिणी राजस्थान की जनजातीय पट्टी से। डूंगरपुर और बांसवाड़ा भी दक्षिणी राजस्थान के जनजातीय क्षेत्र में आते हैं, इसलिए वे निकट लग सकते हैं, लेकिन कथौड़ी के लिए मानक जिला उदयपुर है। कोटा हाड़ौती क्षेत्र में आता है और कथौड़ी जनजाति का मुख्य क्षेत्र नहीं माना जाता। इसलिए यह प्रश्न सामान्य जनजातीय क्षेत्र नहीं, बल्कि जनजाति और जिले के खास संबंध को पूछता है।
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