MCQ
राजस्थान के लोक नृत्य MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न
RAS/RPSC तैयारी के लिए राजस्थान के लोक नृत्य के 5 प्रश्न हल करें।
अभ्यास प्रश्न
प्र.1किस राजस्थानी लोकनृत्य में ढोल, बांकिया और थाली मुख्य वाद्य यंत्रों के रूप में इस्तेमाल होते हैं?
गैर राजस्थान का समूह लोकनृत्य है, जिसमें ढोल, बांकिया और थाली जैसे वाद्य यंत्र प्रमुख रूप से जुड़े माने जाते हैं। घुड़ला अलग लोक-परंपरा और उत्सवी संदर्भ से जुड़ा है, इसलिए दिए गए वाद्य-समूह से इसकी पहचान नहीं बनती। चंग नृत्य में चंग वाद्य केंद्र में रहता है, खासकर होली के प्रसंग में। डांडिया की पहचान डंडियों के साथ तालबद्ध नृत्य से है, न कि ढोल, बांकिया और थाली के इस मुख्य संयोजन से। इसलिए सही उत्तर गैर है।
प्र.2कालबेलिया नृत्य रूप को यूनेस्को की अमूर्त विरासत सूची में किस वर्ष शामिल किया गया था?
कालबेलिया राजस्थान की प्रसिद्ध लोकनृत्य परंपरा है, जो कालबेलिया समुदाय, काले परिधान, लचीली देह-गतियों और सर्प जैसी लय के कारण पहचानी जाती है। यूनेस्को ने राजस्थान के कालबेलिया लोकगीतों और नृत्यों को मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में 2010 में शामिल किया था। 2008 और 2009 इस प्रविष्टि के वर्ष नहीं हैं। 2011 वास्तविक शामिल किए जाने के बाद का वर्ष है, इसलिए वह भी प्रश्न में पूछे गए वर्ष से मेल नहीं खाता।
प्र.3फाल्कू बाई का संबंध किस लोक नृत्य से है?
फाल्कू बाई का संबंध चरी नृत्य से माना जाता है। इस लोक नृत्य में नर्तकियां सिर पर चरी या पात्र संतुलित करके, कई बार दीप या अग्नि के साथ, लयबद्ध प्रस्तुति देती हैं। भवई नृत्य में घड़ों का संतुलन और करतब प्रमुख हैं, पर फाल्कू बाई का पूछा गया संबंध उससे नहीं है। कालबेलिया नृत्य कालबेलिया समुदाय और सर्प जैसी गतियों के लिए प्रसिद्ध है। तेरहताली नृत्य कामड़ समुदाय तथा मंजीरों के साथ बैठकर की जाने वाली प्रस्तुति से जुड़ा है।
प्र.4‘कच्ची घोड़ी’ नृत्य किस अवसर से जुड़ा हुआ है? नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें:
कच्ची घोड़ी राजस्थान का प्रसिद्ध लोकनृत्य है, जिसका संबंध खास तौर पर विवाह समारोहों और बारात जैसी उत्सवी स्थितियों से माना जाता है। इसमें कलाकार नकली घोड़ी की पोशाक पहनकर तेज लय पर नृत्य करते हैं और कई बार वीरता या हास्य के प्रसंग दिखाते हैं। नवरात्र अधिकतर भक्ति और गरबा व डांडिया जैसे रूपों से जुड़ा है। होली के अपने मौसमी लोकनृत्य होते हैं, और तीज वर्षा ऋतु व महिलाओं के उत्सव से जुड़ी है। दिए गए विकल्पों में विवाह सबसे उपयुक्त अवसर है।
प्र.5मुगल सम्राट शाहजहाँ के समय से प्रसिद्ध 'नाहर नृत्य' आयोजित करने की परंपरा कहाँ प्रचलित है?
प्रसिद्ध नाहर नृत्य की परंपरा राजस्थान के मांडल से जुड़ी मानी जाती है और इसे मुगल सम्राट शाहजहाँ के समय से प्रचलित बताया जाता है। इसलिए मांडल सही स्थान है। चोमू और चाकसू जयपुर क्षेत्र के ऐतिहासिक कस्बे हैं, पर इस नृत्य-परंपरा से उनकी मानक पहचान नहीं बनती। किशनगढ़ अपनी चित्रकला शैली और रियासती इतिहास के लिए अधिक जाना जाता है, नाहर नृत्य के लिए नहीं।
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