RAS प्रश्न
चौहान वंश ने आबू पर्वत की अग्निकुंड कथा के आधार पर अपने वंश की उत्पत्ति का दावा किया। यह कथा बताती है कि राजपूतों की उत्पत्ति हुई:
सही उत्तर: (D) वैदिक अग्नि यज्ञ।
राजपूतों की उत्पत्ति वैदिक अग्नि यज्ञ से मानी गई है।
व्याख्या
राजपूत उत्पत्ति की अग्निकुंड परंपरा में वंश का संबंध अग्नि से जोड़ा गया है, न कि समुद्री यात्रा, सूर्यवंश या विदेशी आक्रमण से। आबू पर्वत पर ऋषि वशिष्ठ ने अग्नि यज्ञ किया और उसी से चौहान, सोलंकी, परमार और प्रतिहार जैसे 4 राजपूत वंश प्रकट हुए। Britannica में अग्निकुल को अग्नि वंश माना गया है और प्रमुख राजपूत वंशों ने इसी अग्निकुल वंश का दावा किया। इसलिए मूल संकेत अग्नि से निकले कुल या यज्ञजन्य उत्पत्ति का है, और सही विकल्प वैदिक अग्नि यज्ञ है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) समुद्री यात्रा का संबंध अग्निकुंड कथा से नहीं है, क्योंकि राजपूत वंशों का उद्भव अग्नि यज्ञ से माना गया है।
- (B) सूर्य से दिव्य वंश अलग उत्पत्ति-परंपरा है, जबकि आबू पर्वत की अग्निकुंड कथा अग्नि यज्ञ से उत्पत्ति पर आधारित है।
- (C) विदेशी आक्रमण इस कथा का दावा नहीं है; चौहान आदि वंशों को अग्निकुल या यज्ञ से उत्पन्न माना गया है।
अवधारणा
राजस्थान इतिहास में राजपूत वंशों की उत्पत्ति-कथाओं और पहचान-निर्माण की समझ जरूरी है। RAS में ऐसे बिंदु बार-बार आते हैं क्योंकि वंश, लोक-परंपरा और राजनीतिक वैधता को अलग-अलग पहचानना पड़ता है।
