RAS प्रश्न
अग्निकुंड कथा के अनुसार, अग्निकुंड से कितने राजपूत कुल उत्पन्न हुए?
सही उत्तर: (C) 4।
अग्निकुंड कथा के अनुसार आबू पर्वत के अग्निकुंड से 4 राजपूत कुल उत्पन्न हुए थे।
व्याख्या
अग्निकुंड कथा में संख्या 4 इसलिए आती है, क्योंकि परंपरा के अनुसार आबू पर्वत पर ऋषि वशिष्ठ के यज्ञ के अग्निकुंड से प्रतिहार, चालुक्य या सोलंकी, परमार और चौहान कुलों का उदय माना गया है। इन्हीं को अग्निवंशी राजपूत कहा जाता है। नगर पालिका माउंट आबू की वेबसाइट गौमुख के अग्निकुंड को चार मुख्य अग्निकुल राजपूत कुलों की उत्पत्ति से जुड़ा ऐतिहासिक अग्निकुंड मानती है। इसलिए सही संख्या अग्निवंशी परंपरा के इन्हीं चार कुलों से जुड़ती है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) 6 गलत है, क्योंकि अग्निकुंड परंपरा में गिनती प्रतिहार, चालुक्य या सोलंकी, परमार और चौहान तक सीमित 4 कुलों की है।
- (B) 2 गलत है, क्योंकि कथा केवल दो कुलों की बात नहीं करती; इसमें चार अग्निवंशी राजपूत कुल माने जाते हैं।
- (D) 8 गलत है, क्योंकि अग्निकुंड से चार मुख्य अग्निकुल कुलों की उत्पत्ति मानी गई है, आठ की नहीं।
अवधारणा
राजस्थान के मध्यकालीन इतिहास में राजपूत उत्पत्ति-कथाओं और अग्निवंशी परंपरा की बुनियादी पहचान महत्वपूर्ण है। RAS में ऐसी कथाएं बार-बार पूछी जाती हैं, क्योंकि वे राजवंश, क्षेत्र और सांस्कृतिक परंपरा को जोड़ती हैं।
