RAS प्रश्न
दिए गए राजस्थान इतिहास स्रोत के अनुसार, चित्तौड़ पर अधिकार के बाद अलाउद्दीन खिलजी ने क्या किया?
सही उत्तर: (A) चित्तौड़ का नाम खिज्राबाद रखा।
चित्तौड़ पर अधिकार करने के बाद अलाउद्दीन खिलजी ने चित्तौड़ किले का नाम अपने पुत्र खिज्र खां के नाम पर खिज्राबाद रखा।
व्याख्या
मेवाड़ के गुहिल शासक रत्नसिंह और 1303 की चित्तौड़ घेराबंदी के प्रसंग में दिल्ली सल्तनत के शासक अलाउद्दीन खिलजी ने लंबे घेरे के बाद चित्तौड़ पर अधिकार किया। इसके बाद चित्तौड़ किला उसके छोटे पुत्र खिज्र खां को सौंपा गया और राजकुमार के नाम पर किले का नाम खिज्राबाद रखा गया। अलाउद्दीन की कार्रवाई नाम-परिवर्तन थी, न कि मेवाड़ का पुनरुद्धार, पिछोला बाँध या खानवा का नेतृत्व। बाकी विकल्प उसी व्यापक मेवाड़ इतिहास के अलग-अलग प्रसंग हैं, इसलिए उन्हें अलाउद्दीन से जोड़ना तथ्यात्मक गलती होगी।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) पिछोला झील के बाँध का प्रसंग राणा लाखा से जुड़ता है, अलाउद्दीन खिलजी से नहीं।
- (C) रत्नसिंह के बाद मेवाड़ को फिर सँभालने का प्रसंग हम्मीर से जुड़ा है, जबकि अलाउद्दीन का प्रसंग चित्तौड़ पर अधिकार और नाम-परिवर्तन का है।
- (D) खानवा में बाबर के विरुद्ध राजपूत संघ का प्रसंग राणा सांगा से जुड़ता है, इसलिए यह अलाउद्दीन खिलजी के चित्तौड़-विजय के बाद की कार्रवाई नहीं है।
अवधारणा
मध्यकालीन मेवाड़ इतिहास में चित्तौड़, दिल्ली सल्तनत और शासक-घटनाओं का सही मिलान जरूरी है। RAS में एक ही कालखंड के कई शासकों की घटनाएँ पास-पास पढ़नी पड़ती हैं, इसलिए रत्नसिंह, हम्मीर, राणा लाखा और राणा सांगा की भूमिकाएँ अलग-अलग याद रखनी चाहिए।
