RAS प्रश्न
राजस्थानी दुर्ग वर्गीकरण के अनुसार, चित्तौड़गढ़ किस प्रकार के दुर्ग का उदाहरण है?
सही उत्तर: (B) गिरि दुर्ग (पहाड़ी दुर्ग)।
चित्तौड़गढ़ राजस्थानी दुर्ग वर्गीकरण में गिरि दुर्ग का उदाहरण है, क्योंकि वह 180 मीटर ऊंची पहाड़ी पर स्थित है।
व्याख्या
चित्तौड़गढ़ को गिरि दुर्ग मानने का आधार उसका स्थान है, केवल उसका ऐतिहासिक महत्व नहीं। राजस्थान पर्यटन के चित्तौड़गढ़ किला पृष्ठ पर इसे 180 मीटर ऊंची पहाड़ी पर स्थित बताया गया है। यही भौगोलिक स्थिति राजस्थानी दुर्ग वर्गीकरण में उसे पहाड़ी दुर्ग, यानी गिरि दुर्ग, बनाती है। यह किला एकाकी ऊंची पहाड़ी पर है और अर्थशास्त्र से जुड़े पारंपरिक हिंदू वर्गीकरण में गिरि दुर्ग को सबसे मजबूत प्रकार माना गया है। इसलिए यहां सही पहचान किले की ऊंचाई और पहाड़ी आधार से बनती है, न कि खाई, सपाट भूमि या मरुस्थलीय स्थिति से।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) परिख्या दुर्ग की पहचान खाई-सुरक्षा से बनती है, जबकि चित्तौड़गढ़ के लिए आधार 180 मीटर ऊंची पहाड़ी और गिरि दुर्ग की स्थिति है।
- (C) स्थल दुर्ग भूमि-आधारित विकल्प है, पर चित्तौड़गढ़ को सपाट भूमि नहीं बल्कि ऊंची पहाड़ी पर स्थित किले के रूप में समझाया गया है।
- (D) धान्व दुर्ग मरुस्थलीय आधार वाला विकल्प है, जबकि चित्तौड़गढ़ की सही पहचान राजस्थान पर्यटन और व्याख्या दोनों में पहाड़ी स्थिति से जुड़ती है।
अवधारणा
यह प्रश्न राजस्थान के दुर्गों के पारंपरिक वर्गीकरण और स्थलाकृति-आधारित पहचान को परखता है। RAS में यह अवधारणा इसलिए अहम है क्योंकि एक ही किले को उसके स्थान, रक्षा-स्वरूप और वर्ग-नाम से जोड़कर समझना पड़ता है।
