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RAS प्रश्न

1170 ई. का बिजोलिया शिलालेख किस भाषा और लिपि में लिखा गया है, और इसे किस शासक के काल में रचा गया था?

सही उत्तर: (B) नागरी लिपि में संस्कृत — सोमेश्वर (चाहमान राजा)।

1170 ई. का बिजोलिया शिलालेख नागरी लिपि में संस्कृत में रचा गया था और यह चाहमान राजा सोमेश्वर के शासनकाल से संबंधित है।

  1. (A)

    ब्राह्मी लिपि में प्राकृत — पृथ्वीराज तृतीय

  2. (B)

    नागरी लिपि में संस्कृत — सोमेश्वर (चाहमान राजा)

  3. (C)

    शारदा लिपि में संस्कृत — विग्रहराज चतुर्थ

  4. (D)

    नस्तालिक लिपि में फारसी — मुइज़ुद्दीन मुहम्मद

व्याख्या

बिजोलिया शिलालेख संस्कृत में है, कुछ अपभ्रंश अंशों के साथ, और नागरी यानी देवनागरी लिपि में उत्कीर्ण है। इसका काल 1170 ई. है और इसका संबंध चाहमान राजा सोमेश्वर के शासनकाल से है। इसलिए इसकी पहचान में भाषा, लिपि और शासक तीनों साथ आते हैं: केवल संस्कृत कहना पर्याप्त नहीं है। यह शिलालेख आज के राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में बिजोलिया के निकट है। इसकी ऐतिहासिक उपयोगिता चाहमानों की वंशावली में है, जहां उनकी उत्पत्ति वत्स गोत्र से बताई जाती है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) प्राकृत और ब्राह्मी दोनों संकेत गलत हैं, क्योंकि बिजोलिया शिलालेख संस्कृत में नागरी लिपि में है; ब्राह्मी को 12वीं शताब्दी ई. के इस अभिलेख से जोड़ना भी काल-संदर्भ बिगाड़ता है।
  • (C) भाषा संस्कृत सही है, लेकिन लिपि शारदा नहीं है और शासक विग्रहराज चतुर्थ नहीं, बल्कि सोमेश्वर से जुड़ा काल है।
  • (D) फारसी और नस्तालिक इस शिलालेख के लिए असंगत हैं, क्योंकि यह राजपूताना की मुस्लिम विजय से पहले का संस्कृत-नागरी अभिलेख है।

अवधारणा

राजस्थान के मध्यकालीन अभिलेखों में भाषा, लिपि और राजवंशीय संदर्भ की पहचान जरूरी रहती है। RAS में ऐसे अभिलेख बार-बार पूछे जाते हैं क्योंकि उनसे वंशावली, क्षेत्रीय सत्ता और सांस्कृतिक स्रोत-परंपरा एक साथ समझी जाती है।

स्रोत

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