Q1. निम्नलिखित में से कौन-सा केंद्रीय बैंक द्वारा साख नियंत्रण की मात्रात्मक विधि है?
Explanation
बैंक दर साख नियंत्रण की मात्रात्मक यानी सामान्य विधि है, क्योंकि इससे अर्थव्यवस्था में ऋण की कुल लागत और उपलब्धता पर व्यापक असर पड़ता है। केंद्रीय बैंक इस दर को बदलता है तो वाणिज्यिक बैंकों की ऋण-शर्तें भी प्रभावित होती हैं। सीमांत आवश्यकताएं खास प्रतिभूतियों या ऋणों पर लक्षित चयनात्मक उपाय हैं। साख राशनिंग ऋण के बंटवारे को नियंत्रित करती है, कुल मात्रा को सामान्य दर से नहीं। प्रत्यक्ष कार्रवाई किसी खास बैंक पर प्रशासनिक या गुणात्मक कदम है।
