MCQ
भक्ति एवं सूफी आंदोलन MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न
RAS/RPSC तैयारी के लिए भक्ति एवं सूफी आंदोलन के 225 प्रश्न हल करें।
अभ्यास प्रश्न
प्र.1मध्यकालीन भक्ति संतों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. आदि शंकराचार्य ने अद्वैत का प्रतिपादन किया, जिसमें जीवात्मा और परमात्मा की एकता मानी जाती है। 2. रामानुज ने विष्णु के प्रति गहन भक्ति को मुक्ति प्राप्ति का सर्वोत्तम साधन बताया। 3. कबीर ने बाह्य पूजा और जाति व्यवस्था को मुक्ति के लिए आवश्यक माना। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
कथन 1 सही है: एनसीईआरटी शंकराचार्य को अद्वैत, अर्थात जीवात्मा और परमात्मा की एकता, का समर्थक बताती है। कथन 2 सही है: एनसीईआरटी के अनुसार रामानुज ने विष्णु की गहन भक्ति को मुक्ति का सर्वोत्तम साधन माना। कथन 3 गलत है: एनसीईआरटी कबीर को बाह्य पूजा, पुरोहित-प्रधानता और जाति व्यवस्था का विरोधी बताती है; कथन इसका उलट कहता है।
प्र.2तमिल भक्ति परंपराओं के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 10वीं शताब्दी तक 12 आलवारों की रचनाएँ नालयिर दिव्यप्रबंधम् के रूप में संकलित हो चुकी थीं। 2. तेवारम् मुख्यतः आंडाल, करैक्काल अम्मैयार और तोंडरडिप्पोडि की कविताओं से बना है। 3. चोल संरक्षण में चिदंबरम, तंजावुर और गंगैकोंडचोलपुरम के प्रमुख शिव मंदिरों को समर्थन मिला। 4. 9वीं से 13वीं शताब्दी के शक्तिशाली चोल शासकों ने ब्राह्मणीय और भक्ति परंपराओं को समर्थन दिया। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
कथन 1, 3 और 4 सही हैं। कथन 2 गलत है, क्योंकि एनसीईआरटी तेवारम् को आंडाल, करैक्काल अम्मैयार और तोंडरडिप्पोडि की नहीं, बल्कि अप्पर, सम्बंदर और सुन्दरर की कविताओं का संग्रह बताती है।
प्र.3नेत्रहीन कवि सूरदास किसके भक्त थे:
सूरदास (लगभग 1478-1583) भगवान कृष्ण के नेत्रहीन भक्त और कृष्ण-भक्ति के कवि थे। उनकी प्रमुख कृति 'सूर सागर' में कृष्ण की बाल लीला और गोपियों के साथ उनके प्रेम का वर्णन है। वे वल्लभाचार्य के शिष्य और अष्टछाप कवियों में से एक थे।
प्र.4निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. रामानुज ने विशिष्टाद्वैत का प्रतिपादन किया। 2. वल्लभाचार्य ने शुद्धाद्वैत का प्रतिपादन किया। 3. मध्वाचार्य ने अद्वैत वेदांत का प्रतिपादन किया। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
कथन 1 सही है, क्योंकि रामानुज ने विशिष्टाद्वैत का प्रतिपादन किया। कथन 2 सही है, क्योंकि वल्लभाचार्य ने शुद्धाद्वैत का प्रतिपादन किया। कथन 3 गलत है, क्योंकि मध्वाचार्य ने अद्वैत वेदांत नहीं, द्वैत दर्शन प्रतिपादित किया।
प्र.5भक्ति और सूफी परंपराओं के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. समा चिश्ती सिलसिले की आध्यात्मिक संगीत सभाओं की प्रथा थी। 2. चिश्तियों के विपरीत सुहरावर्दियों ने राज्य संरक्षण स्वीकार किया। 3. नक्शबंदी सिलसिले ने समा को अपनी साधना का केंद्र बनाया। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
कथन 1 सही है क्योंकि समा चिश्ती सिलसिले की आध्यात्मिक संगीत सभाओं की प्रथा थी। कथन 2 सही है क्योंकि सुहरावर्दियों ने सरकारी पद और शाही अनुदान स्वीकार किए, जबकि चिश्ती राज्य शक्ति से दूरी रखते थे। कथन 3 गलत है क्योंकि नक्शबंदी सिलसिले ने समा को अस्वीकार किया और शरीअत के सख्त पालन पर ज़ोर दिया।
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और प्रश्न
6निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. रामानुज का श्री भाष्य ब्रह्मसूत्रों पर टीका है और विशिष्टाद्वैत की स्थापना करता है। 2. वल्लभाचार्य ने शुद्धाद्वैत या पुष्टि मार्ग प्रतिपादित किया, जिसमें संसार को वास्तविक और कृष्ण को सर्वोच्च माना गया। 3. कबीर की शिक्षाएँ बीजक में संकलित हैं और उनके अनुयायी कबीर पंथी कहलाते हैं। 4. अहमद सिरहिंदी चिश्ती संत थे, जिन्हें मुजद्दिद-ए-अल्फ-ए-सानी की उपाधि मिली और उन्होंने अकबर के दीन-ए-इलाही का समर्थन किया। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
7रामानुज के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. श्री भाष्य का संबंध ब्रह्मसूत्रों से है। 2. विशिष्टाद्वैत में आत्मा और पदार्थ ईश्वर से स्वतंत्र हैं। 3. रामानुज का काल लगभग 1017-1137 माना जाता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
8कादिरी और नक्शबंदी संबंधों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत में कादिरी सिलसिला शाह नियामतुल्लाह और मियाँ मीर जैसे संतों से जुड़ा है। 2. दारा शिकोह कादिरी सिलसिले के अनुयायी थे और उन्होंने सूफी तथा वेदांतिक अवधारणाओं की तुलना करते हुए मज्म-उल-बहरैन लिखा। 3. अहमद सरहिंदी चिश्ती संत थे जिन्होंने अकबर के दीन-ए-इलाही का समर्थन किया। 4. वहदत-उल-वुजूद इब्न अल-अरबी से जुड़ा है, जबकि अहमद सरहिंदी का वहदत-उल-शुहूद ईश्वर और सृष्टि को पृथक मानता था। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
9कबीर के दर्शन में ज़ोर था:
10सिख धर्म के संस्थापक और पहले सिख गुरु कौन थे?
11किस सिख गुरु ने आदि ग्रंथ (गुरु ग्रंथ साहिब का पहला संस्करण) का संकलन किया?
12दिल्ली सल्तनत के आरंभिक काल के सूफी सिलसिलों में, चिश्तियों के विपरीत किस सिलसिले ने राज्य संरक्षण और शासकों से निकट संपर्क स्वीकार किया?
13किस सिख गुरु ने अमृतसर शहर की स्थापना की?
14भक्ति दार्शनिक परंपराओं के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. रामानुज का श्री भाष्य ब्रह्मसूत्रों पर भाष्य है और विशिष्टाद्वैत को स्थापित करता है। 2. मध्वाचार्य का द्वैत मानता है कि ईश्वर, व्यक्तिगत आत्माएँ और भौतिक जगत अंततः अभिन्न हैं। 3. वल्लभाचार्य ने शुद्धाद्वैत प्रतिपादित किया और कृष्ण-भक्ति केंद्रित पुष्टिमार्ग की स्थापना की। 4. निम्बार्क ने द्वैताद्वैत प्रतिपादित किया और वे राधा-कृष्ण के भक्त थे। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
15किस भक्ति संत ने 'बीजक' की रचना की?
