MCQ
धार्मिक आंदोलन (बौद्ध, जैन, आजीवक) MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न
RAS/RPSC तैयारी के लिए धार्मिक आंदोलन (बौद्ध, जैन, आजीवक) के 162 प्रश्न हल करें।
अभ्यास प्रश्न
प्र.1वैशाली में आयोजित द्वितीय बौद्ध संगीति का प्रमुख परिणाम क्या था?
द्वितीय बौद्ध संगीति लगभग 383 ईसा पूर्व में वैशाली में राजा कालाशोक के संरक्षण में आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता सबकामी ने की। इसके परिणामस्वरूप बौद्ध धर्म में प्रथम बड़ा विभाजन हुआ — रूढ़िवादी स्थविरवादी (थेरवाद) और उदारवादी महासांघिक में।
प्र.2प्राचीन भारतीय धार्मिक आंदोलनों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बुद्ध ने अपना प्रथम उपदेश सारनाथ में दिया। 2. महावीर जैन धर्म के 24वें और अंतिम तीर्थंकर थे। 3. अनेकांतवाद मानता है कि कोई भी एक दृष्टिकोण पूर्ण सत्य नहीं बता सकता। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
कथन 1 सही है क्योंकि बुद्ध ने धर्मचक्र प्रवर्तन उपदेश सारनाथ में दिया था। कथन 2 सही है क्योंकि महावीर को जैन धर्म का 24वाँ और अंतिम तीर्थंकर बताया गया है। कथन 3 सही है क्योंकि अनेकांतवाद बहुपक्षीयता का सिद्धांत है और यह मानता है कि कोई एक दृष्टिकोण पूर्ण सत्य नहीं देता।
प्र.3निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. दूसरी बौद्ध संगीति 383 ईसा पूर्व में वैशाली में हुई थी। 2. यह शिशुनाग वंश के राजा कालाशोक के अधीन हुई थी। 3. इसे मुख्य रूप से विनय नियमों पर विवाद सुलझाने के लिए बुलाया गया था। 4. इसके परिणामस्वरूप वज्रयान और तांत्रिक बौद्ध धर्म में विभाजन हुआ। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
कथन 1 सही है क्योंकि दूसरी बौद्ध संगीति 383 ईसा पूर्व में वैशाली में हुई थी। कथन 2 सही है क्योंकि यह शिशुनाग वंश के राजा कालाशोक के संरक्षण में हुई थी। कथन 3 सही है क्योंकि इसका उद्देश्य विनय नियमों से जुड़े विवादों का निपटारा था। कथन 4 गलत है क्योंकि विभाजन स्थविरवादी और महासांघिकों के बीच बताया गया है, वज्रयान और तांत्रिक बौद्ध धर्म के बीच नहीं।
प्र.4निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अष्टांगिक मार्ग को तपस्या और इंद्रिय-भोग की अतियों के बीच मध्यम मार्ग कहा गया है। 2. अष्टांगिक मार्ग बौद्ध धर्म में ज्ञान की ओर ले जाने वाला मार्ग है। 3. अष्टांगिक मार्ग पाँच महाव्रतों पर केंद्रित जैन सिद्धांत है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
कथन 1 और 2 सही हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि अष्टांगिक मार्ग बौद्ध सिद्धांत है, जैन पाँच व्रतों का सिद्धांत नहीं।
प्र.5निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सारनाथ में बुद्ध का पहला उपदेश चार आर्य सत्यों और अष्टांगिक मार्ग से जुड़ा है। 2. अष्टांगिक मार्ग में सम्यक् कर्मांत, सम्यक् वाक् और सम्यक् आजीव को नैतिकता के अंतर्गत रखा जाता है। 3. सम्यक् दृष्टि और सम्यक् संकल्प को त्रिविध प्रशिक्षण में समाधि के अंतर्गत रखा जाता है। 4. पहला उपदेश पाँच तपस्वियों को दिया गया था। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
कथन 1, 2 और 4 सही हैं। कथन 3 गलत है: ब्रिटैनिका के अनुसार सम्यक् दृष्टि और सम्यक् संकल्प समाधि में नहीं, प्रज्ञा के अंतर्गत आते हैं।
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और प्रश्न
6वल्लभी (512 ई.) में जैन परिषद् की अध्यक्षता किसने की:
7महावीर के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. महावीर जैन धर्म के 24वें और अंतिम तीर्थंकर थे। 2. उन्होंने 12 वर्ष की तपस्या के बाद पावापुरी में कैवल्य प्राप्त किया। 3. उन्होंने पावापुरी में मोक्ष प्राप्त किया। 4. उन्होंने अहिंसा, सत्य, अस्तेय, अपरिग्रह और ब्रह्मचर्य सहित पाँच व्रतों की शिक्षा दी। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
8हर्यंक वंश के संस्थापक बिम्बिसार किसके समकालीन थे:
9बौद्ध संगीतियों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. द्वितीय बौद्ध संगीति लगभग 383 ईसा पूर्व वैशाली में राजा कालाशोक के संरक्षण में हुई। 2. तृतीय बौद्ध संगीति पाटलिपुत्र में अशोक के संरक्षण में हुई और इसकी अध्यक्षता मोग्गलिपुत्त तिस्स ने की। 3. चतुर्थ बौद्ध संगीति वल्लभी में हुई और इसमें जैन आगमों को अंतिम रूप दिया गया। 4. प्रथम बौद्ध संगीति राजगृह में महाकाश्यप की अध्यक्षता में हुई। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
10प्रथम बौद्ध संगीति कहाँ हुई:
11जैन सिद्धांतों और व्रतों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अनेकांतवाद बताता है कि सत्य और वास्तविकता को अलग-अलग दृष्टिकोणों से अलग तरह से देखा जाता है। 2. स्याद्वाद अनेकांतवाद से निकट रूप से जुड़ा है और इसमें कथन की सात विधियाँ हैं। 3. दान जैन धर्म के पाँच महाव्रतों में से एक है। 4. पाँच महाव्रतों में अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह शामिल हैं। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
12निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. गौतम बुद्ध ने 35 वर्ष की आयु में 49 दिनों के ध्यान के बाद बोधगया में पीपल वृक्ष के नीचे ज्ञान प्राप्त किया। 2. बुद्ध का प्रथम उपदेश सारनाथ में 5 तपस्वियों को दिया गया और उसमें चार आर्य सत्य तथा अष्टांगिक मार्ग का उपदेश था। 3. विनय पिटक में दार्शनिक विश्लेषण और टीका है, जबकि अभिधम्म पिटक में मठीय नियम हैं। 4. महावीर ने 12 वर्ष की तपस्या के बाद ऋजुपालिका नदी के तट पर जृम्भिकग्राम में कैवल्य प्राप्त किया। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
13निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जैन त्रिरत्न सम्यक् दर्शन, सम्यक् ज्ञान और सम्यक् चरित्र हैं। 2. सम्यक् आजीव जैन त्रिरत्नों में से एक है। 3. दान जैन धर्म के पाँच महाव्रतों में से एक है। 4. अपरिग्रह जैन धर्म के पाँच महाव्रतों में से एक है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
14निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सम्यक् आजीव बौद्ध अष्टांगिक मार्ग का अंग है। 2. सम्यक् आजीव समाधि, अर्थात मानसिक अनुशासन, के अंतर्गत रखा जाता है। 3. सम्यक् वाक्, सम्यक् कर्मांत और सम्यक् आजीव नैतिक आचरण या शील के अंतर्गत रखे जाते हैं। 4. सम्यक् व्यायाम, सम्यक् स्मृति और सम्यक् समाधि एकाग्रता के अंतर्गत रखे जाते हैं। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
15निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वैशाली की द्वितीय बौद्ध संगीति विनय अनुशासन के दस बिंदुओं पर विचार करने के लिए बुलाई गई थी। 2. परिषद ने सोना-चाँदी स्वीकार करने सहित विवादित प्रथाओं को अमान्य घोषित किया। 3. यह संगीति अशोक के संरक्षण में पाटलिपुत्र में हुई और त्रिपिटक को पूर्ण किया। 4. महासांघिक भिक्षुओं द्वारा निर्णय अस्वीकार करने से स्थविरवाद और महासांघिक के बीच पहला बड़ा विभाजन हुआ। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
