MCQ
सिंधु घाटी सभ्यता एवं वैदिक काल MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न
RAS/RPSC तैयारी के लिए सिंधु घाटी सभ्यता एवं वैदिक काल के 20 प्रश्न हल करें।
अभ्यास प्रश्न
प्र.1आरम्भिक वैदिक समाज के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए। कथन 1: आरम्भिक वैदिक समाज मुख्यतः पशुपालन-प्रधान और वंश-आधारित था। कथन 2: राजन बाद के क्षेत्रीय सम्राट की अपेक्षा जनजातीय मुखिया के अधिक निकट था। इनमें से कौन-सा उत्तर सही है?
आरम्भिक वैदिक समाज को हड़प्पाई नगरीय जीवन से अलग दिखाया जाता है। आरम्भिक वैदिक जीवन को पशुपालन-प्रधान और वंश-आधारित बताया गया है, जिसमें पशुधन, मुखिया, पुरोहित, सभाएं और नदी-स्तुतियां प्रमुख हैं। राजन को भी बाद के क्षेत्रीय सम्राट की जगह जनजातीय मुखिया के अधिक निकट बताया गया है। ये दोनों बातें उसी आरम्भिक वैदिक ढांचे से जुड़ी हैं, इसलिए दोनों कथन सही हैं।
प्र.2महाजनपद-कालीन मानचित्र को राजस्थान के व्यापक क्षेत्रीय संबंध से कौन-सा युग्म सही जोड़ता है?
लगभग छठी शताब्दी ईसा पूर्व तक 16 महाजनपद उत्तर वैदिक बदलावों का राजनीतिक परिणाम बने। राजस्थान के व्यापक क्षेत्रीय संबंध के लिए मत्स्य और शूरसेन महत्वपूर्ण नाम हैं। मत्स्य को बाद की परंपरा में जयपुर-अलवर-बैराट क्षेत्र से जोड़ा जाता है, जबकि मथुरा के आसपास का शूरसेन पूर्वी राजस्थान को यमुना और गंगा मैदानों की राहों से जोड़ता था। वज्जि और मल्ल गण-संघ रूपों से जुड़े हैं, और धोलावीरा या कालीबंगन की विशेषताएं हड़प्पाई पुरातत्व की हैं, इस महाजनपदीय कड़ी की नहीं।
प्र.3अभिकथन: उत्तर वैदिक समाज में कृषि, बड़े यज्ञ, क्षेत्रीय जनपद और आरम्भिक लौह-युगीन बसावट के संकेत मजबूत हुए। कारण: चित्रित धूसर मृद्भाण्ड किसी खास वैदिक जन और किसी खास वैदिक ग्रंथ की सीधी पहचान सिद्ध करता है। सही उत्तर चुनिए।
उत्तर वैदिक चरण को अधिक कृषि, बड़े यज्ञों, बढ़ते पुरोहित प्रभाव, जनपदों, लौह-उपयोग और बसावट-वृद्धि से जोड़ा जाता है। इसलिए अभिकथन ठीक है। चित्रित धूसर मृद्भाण्ड का उल्लेख भी खासकर ऊपरी गंगा-यमुना दोआब के संदर्भ में है, लेकिन इसे किसी खास वैदिक जन या किसी खास ग्रंथ का सीधा प्रमाण नहीं मानना चाहिए। यह व्यापक सामाजिक संसार को समझाने में मदद करता है, नामित पाठीय पहचान सिद्ध नहीं करता।
प्र.4नीचे दिए गए अभिकथन और कारण को पढ़िए। अभिकथन: उत्तर वैदिक समाज जन से जनपद की ओर बढ़ा। कारण: लौह-उपयोग, व्यापक खेती और बस्तियों के विकास ने पहचान को जन-आधारित समूहों से क्षेत्र-आधारित राजनीतिक रूप की ओर बढ़ाने में मदद की। सही उत्तर चुनिए।
उत्तर वैदिक काल में कृषि मजबूत हुई, बड़े यज्ञ बढ़े, राजसत्ता का विस्तार हुआ और आरम्भिक लौह-युगीन बसावटें विकसित हुईं। लौह-उपयोग, व्यापक खेती और बस्तियों के विकास ने जन से जनपद की ओर बदलाव में मदद की, यानी पहचान जन-आधारित समूह से क्षेत्र-आधारित राजनीति की ओर बढ़ी। इसलिए जनपद की ओर बढ़ने वाला अभिकथन सही है, और दिया गया कारण उसी बदलाव की प्रक्रिया समझाता है।
प्र.5ऋग्वेद के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए। कथन 1: ऋग्वेद सबसे प्राचीन वैदिक संहिता है और आरम्भिक वैदिक समाज का प्रमुख स्रोत है। कथन 2: शाकल शाखा में इसमें 10 मंडल, 1028 सूक्त और 10552 मंत्र हैं। कथन 3: मंडल 2 से 7 को परिवार मंडल कहा जाता है क्योंकि वे पुरोहित वंशों से जुड़े हैं। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
ऋग्वेद को सबसे प्राचीन वैदिक संहिता और आरम्भिक वैदिक समाज का मुख्य पाठीय स्रोत बताया जाता है। वहीं शाकल शाखा के लिए 10 मंडल, 1028 सूक्त और 10552 मंत्र की संख्या दी गई है। अलग संकेत यह है कि मंडल 2 से 7 को पुरोहित वंशों से जुड़े होने के कारण परिवार मंडल कहा जाता है। तीनों कथन इन्हीं बातों को बिना किसी अतिरिक्त असमर्थित दावे के दोहराते हैं, इसलिए पूरा समूह सही है।
आपने 20 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं
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और प्रश्न
6हड़प्पाई स्थल को बताए गए प्रमुख संकेत से मिलाइए। सूची 1: 1. कालीबंगन 2. धोलावीरा 3. लोथल सूची 2: क. गोदी-सदृश संरचना और समुद्री संपर्क ख. राजस्थान में जुता हुआ खेत ग. जल-संग्रह, जल-नालियाँ और नगर-योजना सही कूट चुनिए।
7हड़प्पाई साक्ष्यों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?
8कौन-सा कथन गलत है?
9हड़प्पाई स्थल और खोज या नगर-योजना के संकेत का सही युग्म कौन-सा है?
10हड़प्पा सभ्यता के नामकरण में हड़प्पा का महत्व किस कथन से सही स्पष्ट होता है?
11सूची I को सूची II से मिलाइए। सूची I: 1. सामवेद 2. यजुर्वेद 3. अथर्ववेद 4. ब्राह्मण ग्रंथ सूची II: क. यज्ञ-विधि के सूत्र ख. मंत्र, रोग-चिंता और घरेलू आशंकाएँ ग. गायन और अनुष्ठानिक पाठ घ. यज्ञ की गद्य व्याख्या सही क्रम चुनिए।
12हड़प्पाई स्थल को दी गई विशेषता से मिलाइए। सूची 1: 1. कालीबंगन 2. लोथल 3. धोलावीरा सूची 2: अ. गोदी-सदृश संरचना और समुद्री व्यापार ब. राजस्थान में जुता हुआ खेत स. जलाशय और त्रिभागी नगर-योजना
13कथन 1: परिपक्व हड़प्पा चरण को लगभग 2600-1900 ईसा पूर्व माना गया है। कथन 2: लोहे के उपयोग को परिपक्व हड़प्पाई अर्थव्यवस्था का सामान्य चिह्न माना गया है। नीचे दिए गए विकल्पों में से सही चुनिए।
14उत्तर वैदिक साहित्य के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?
15बताए गए हड़प्पाई स्थल को उसकी विशेषता से मिलाइए। सूची 1: 1. लोथल 2. धोलावीरा 3. कालीबंगन 4. मोहनजोदड़ो सूची 2: क. महान स्नानागार और ढकी हुई नालियां ख. गोदी-सदृश संरचना और समुद्री व्यापार ग. जलाशय और त्रिभागी नगर-योजना घ. राजस्थान में जुता हुआ खेत
