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MCQ

भक्ति और सूफी आंदोलन, बौद्ध और जैन धर्म MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न

RAS/RPSC तैयारी के लिए भक्ति और सूफी आंदोलन, बौद्ध और जैन धर्म के 10 प्रश्न हल करें।

अभ्यास प्रश्न

प्र.1अभिकथन: इस विषय में अनात्म बौद्ध सिद्धांत है, जबकि जीव जैन सिद्धांत है। कारण: बौद्ध विचार स्थायी आत्मा को स्वीकार नहीं करता, जबकि जैन दर्शन जीव और अजीव पर केंद्रित है। सही उत्तर चुनिए।

A अभिकथन सही है, लेकिन कारण गलत है।
B अभिकथन गलत है, लेकिन कारण सही है।
C अभिकथन और कारण दोनों सही हैं, लेकिन कारण अभिकथन की सही व्याख्या नहीं करता।
D अभिकथन और कारण दोनों सही हैं, और कारण अभिकथन की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या

इसे सबसे सामान्य सिद्धांत-भ्रमों में रखा जाता है। बौद्ध धर्म अनात्म पर बल देता है, अर्थात स्थायी आत्मा को स्वीकार नहीं करता; इसके साथ अनित्य और प्रतीत्यसमुत्पाद जैसे विचार भी जुड़े हैं। इसके विपरीत जैन धर्म जीव, यानी जीवित आत्मा, और अजीव पर केंद्रित है; कर्म को आत्मा पर बंधने वाला बंध माना गया है। इसलिए कारण केवल कथन को दोहराता नहीं, बल्कि अनात्म और जीव को अलग रखने का आधार बताता है। निष्कर्ष यह है कि दोनों कथन सही हैं और कारण अभिकथन की व्याख्या करता है।

प्र.2जैन धर्म के बारे में निम्न कथनों पर विचार कीजिए। कथन 1: जैन परंपरा में 24 तीर्थंकर माने जाते हैं। कथन 2: ऋषभदेव को प्रथम तीर्थंकर माना जाता है। कथन 3: महावीर 24वें तीर्थंकर हैं, जैन धर्म के पहले संस्थापक नहीं। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

A केवल 1 और 2
B 1, 2 और 3
C केवल 2 और 3
D केवल 1 और 3
व्याख्या

जैन तीर्थंकरों का क्रम साफ बताया जाता है। जैन परंपरा में 24 तीर्थंकर माने जाते हैं; ऋषभदेव प्रथम, पार्श्वनाथ 23वें और वर्धमान महावीर 24वें तीर्थंकर हैं। परीक्षा के लिए सुरक्षित बात यह है कि महावीर ने पुरानी जैन परंपरा को व्यवस्थित कर सिखाया। इसलिए उन्हें पहला संस्थापक कहना गलत है, जबकि दिए गए तीनों कथन सही हैं।

प्र.3निम्न अभिकथन और कारण पढ़िए। अभिकथन: अशोक के धम्म को बौद्ध सिद्धांत के ठीक बराबर नहीं मानना चाहिए। कारण: 261 ईसा पूर्व के कलिंग युद्ध के बाद अशोक ने शिलालेखों के माध्यम से सम्मान, संयम, सहिष्णुता और जनकल्याण पर बल देने वाली नैतिक नीति को बढ़ावा दिया। सही उत्तर चुनिए।

A अभिकथन और कारण दोनों सही हैं, लेकिन कारण अभिकथन की व्याख्या नहीं करता।
B अभिकथन और कारण दोनों सही हैं, और कारण अभिकथन की व्याख्या करता है।
C अभिकथन सही है, लेकिन कारण गलत है।
D अभिकथन गलत है, लेकिन कारण सही है।
व्याख्या

अशोक ने 261 ईसा पूर्व के कलिंग युद्ध के बाद शिलालेखों के माध्यम से धम्म को बढ़ावा दिया। साथ ही धम्म को ठीक बौद्ध सिद्धांत नहीं मानना चाहिए, भले ही अशोक ने बौद्ध धर्म का समर्थन किया। कारण यह है कि धम्म एक नैतिक नीति के रूप में बताया गया है, जिसमें सम्मान, संयम, सहिष्णुता और जनकल्याण पर बल था। यही व्यापक नैतिक अर्थ अभिकथन को समझाता है।

प्र.4गौतम बुद्ध के जीवन से जुड़े स्थान और घटना का सही सुमेलन कीजिए। सूची 1: 1. लुम्बिनी 2. बोध गया 3. सारनाथ 4. कुशीनगर सूची 2: क. ज्ञान प्राप्ति ख. जन्म ग. महापरिनिर्वाण घ. पहला उपदेश

A 1-ख, 2-क, 3-ग, 4-घ
B 1-क, 2-ख, 3-घ, 4-ग
C 1-ख, 2-क, 3-घ, 4-ग
D 1-घ, 2-क, 3-ख, 4-ग
व्याख्या

गौतम बुद्ध के जीवन का सीधा क्रम दिया है: लुम्बिनी में जन्म, बोध गया में ज्ञान प्राप्ति, सारनाथ में पहला उपदेश और कुशीनगर में महापरिनिर्वाण। इसलिए सही सुमेलन लुम्बिनी-जन्म, बोध गया-ज्ञान प्राप्ति, सारनाथ-पहला उपदेश और कुशीनगर-महापरिनिर्वाण है। सामान्य गलती सारनाथ और बोध गया को मिलाने की होती है, जबकि सारनाथ पहला उपदेश और संगठित धम्म-प्रचार का संकेत है, ज्ञान प्राप्ति का नहीं।

प्र.5सूची 1 को सूची 2 से मिलाइए। सूची 1: 1. अलवार 2. नयनमार 3. वारकरी परंपरा 4. दादू दयाल सूची 2: अ. शैव तमिल संत-कवि ब. नारायणा-सांभर-जयपुर क्षेत्र स. वैष्णव तमिल संत-कवि द. पंढरपुर के विठोबा

A 1-स, 2-अ, 3-द, 4-ब
B 1-अ, 2-स, 3-द, 4-ब
C 1-स, 2-अ, 3-ब, 4-द
D 1-द, 2-अ, 3-स, 4-ब
व्याख्या

भक्ति परंपराओं को क्षेत्र, देवता और भाषा के आधार पर अलग पहचानने को कहा जाता है। अलवार तमिल वैष्णव संत-कवि थे, जबकि नयनमार तमिल शैव संत-कवि थे। महाराष्ट्र की वारकरी परंपरा पंढरपुर के विठोबा तथा ज्ञानेश्वर, नामदेव, एकनाथ और तुकाराम जैसे संतों से जुड़ती है। दादू दयाल राजस्थान के लिए महत्त्वपूर्ण हैं, क्योंकि दादू पंथ नारायणा-सांभर-जयपुर क्षेत्र से जुड़ा है। इसलिए सही सुमेलन अलवार-वैष्णव, नयनमार-शैव, वारकरी-विठोबा और दादू दयाल-राजस्थान क्षेत्र है।

आपने 10 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं

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और प्रश्न

6दक्षिण भारत के आरंभिक भक्ति कवि-संतों और उनकी भक्ति-परंपरा का सही युग्म कौन-सा है?

Aअलवार - विष्णु को समर्पित तमिल वैष्णव कवि-संत
Bनयनमार - विष्णु को समर्पित तमिल वैष्णव कवि-संत
Cअलवार - शिव को समर्पित तमिल शैव कवि-संत
Dनयनमार - निराकार भक्ति पर केंद्रित निर्गुण संत कवि

7बुद्ध के जीवन-क्रम के अनुसार उनका पहला उपदेश किस स्थान से जुड़ा है?

Aबोध गया
Bसारनाथ
Cलुम्बिनी
Dकुशीनगर

8सूफी संस्थाओं के बारे में निम्न में से कौन-सा कथन गलत है?

Aसिलसिला आध्यात्मिक गुरु-क्रम होता है।
Bपीर या शेख मुरीदों का मार्गदर्शन करता था।
Cदरगाह किसी दिवंगत संत की मजार और श्रद्धा-स्थल होती है।
Dखानकाह किसी दिवंगत संत की मजार और श्रद्धा-स्थल होती है।

9जैन धर्म के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?

Aजैन परंपरा में 24 तीर्थंकर माने जाते हैं।
Bपार्श्वनाथ को 23वें तीर्थंकर के रूप में याद किया जाता है।
Cमहावीर पहले तीर्थंकर और जैन धर्म के पहले संस्थापक हैं।
Dऋषभनाथ को पहले तीर्थंकर के रूप में याद किया जाता है।

10सूफी संस्थाओं के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए। कथन 1: खानकाह शिक्षा, मेहमाननवाजी और सेवा का जीवित केंद्र हो सकती थी। कथन 2: दरगाह किसी दिवंगत संत की मजार और स्मृति-आस्था से जुड़ी होती थी। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Aकेवल कथन 1
Bकेवल कथन 2
Cकथन 1 और कथन 2 दोनों
Dन तो कथन 1 और न ही कथन 2

भारतीय इतिहास (प्राचीन एवं मध्यकालीन) में और विषय

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