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मौर्य, गुप्त साम्राज्य और दिल्ली सल्तनत MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न

RAS/RPSC तैयारी के लिए मौर्य, गुप्त साम्राज्य और दिल्ली सल्तनत के 10 प्रश्न हल करें।

अभ्यास प्रश्न

प्र.1गुप्त शासन के बारे में निम्न कथनों पर विचार कीजिए। कथन 1: प्रयाग प्रशस्ति समुद्रगुप्त को विजेता और अलग-अलग प्रकार के अधीन शासकों को व्यवस्थित करने वाले शासक के रूप में दिखाती है। कथन 2: गुप्त नियंत्रण को हर जगह आधुनिक राज्य की तरह समान और सीधे केंद्रीकृत बताया गया है। कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

A केवल कथन 1
B केवल कथन 2
C कथन 1 और कथन 2 दोनों
D न तो कथन 1 और न ही कथन 2
व्याख्या

हरिषेण द्वारा रचित प्रयाग प्रशस्ति में समुद्रगुप्त की उपलब्धियों का वर्णन है। इसमें पराजित शासकों, सीमांत शासकों, वन-जन क्षेत्रों और दूरस्थ शक्तियों का उल्लेख है, जिससे अधीनता की अलग-अलग श्रेणियां दिखती हैं। गुप्त नियंत्रण हर जगह समान नहीं था; कुछ क्षेत्र सीधे शासित थे और कुछ गुप्त श्रेष्ठता स्वीकार करते थे। इसलिए प्रशस्ति और अधीन शासकों वाला कथन सही है, जबकि समान केंद्रीकरण वाला दावा गलत है।

प्र.2गुप्त शासन के बारे में निम्न कथनों पर विचार कीजिए। कथन 1: गुप्त नियंत्रण हर जगह एक जैसा नहीं था; कुछ क्षेत्र सीधे शासित थे, जबकि कुछ ने गुप्त प्रभुत्व स्वीकार किया। कथन 2: प्रयाग स्तंभ अभिलेख में पराजित शासकों, सीमांत शासकों, वन-प्रमुखों और दूरस्थ शक्तियों का उल्लेख है। कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

A केवल कथन 1
B केवल कथन 2
C कथन 1 और कथन 2 दोनों
D न तो कथन 1 और न ही कथन 2
व्याख्या

गुप्त शासन को हर क्षेत्र पर समान पकड़ रखने वाला आधुनिक राज्य मानने से सावधान किया जाता है। समुद्रगुप्त ने सैन्य अभियानों और राजनीतिक व्यवस्थाओं से प्रभाव बढ़ाया, और प्रयाग स्तंभ अभिलेख इसी विविधता को दिखाता है। उसमें पराजित शासकों, सीमांत शासकों, वन-प्रमुखों और दूरस्थ शक्तियों का उल्लेख है। इसका अर्थ है कि कुछ क्षेत्र सीधे शासित थे, जबकि कुछ ने कर, अधीनता या राजनीतिक प्रतिष्ठा के माध्यम से गुप्त प्रभुत्व स्वीकार किया। इसलिए असमान नियंत्रण और अभिलेख की श्रेणियां, दोनों बातें सही हैं।

प्र.3स्रोत या उदाहरण को उससे सबसे सीधे जुड़े काल या शासक से मिलाइए। सूची 1: 1. अशोक के शिलालेख 2. प्रयाग प्रशस्ति 3. फारसी इतिहास-ग्रंथ सूची 2: 1. समुद्रगुप्त 2. दिल्ली सल्तनत के कई शासक 3. अशोक सही कूट चुनिए।

A 1-3, 2-1, 3-2
B 1-1, 2-3, 3-2
C 1-3, 2-2, 3-1
D 1-2, 2-1, 3-3
व्याख्या

स्रोत और काल का सीधा संबंध है। मौर्य इतिहास में अशोक के अभिलेख महत्त्वपूर्ण हैं, इसलिए अशोक के शिलालेख अशोक से जुड़ते हैं। गुप्त इतिहास में प्रयाग प्रशस्ति जैसे अभिलेख आते हैं, जो समुद्रगुप्त की उपलब्धियां बताते हैं। सल्तनत इतिहास में इतिहास-ग्रंथ, शिलालेख, सिक्के और स्थापत्य काम आते हैं; फारसी इतिहास-ग्रंथ खास तौर पर कई सल्तनत शासकों से जुड़े हैं। इसलिए सही मिलान अशोक के शिलालेख-अशोक, प्रयाग प्रशस्ति-समुद्रगुप्त और फारसी इतिहास-ग्रंथ-दिल्ली सल्तनत है।

प्र.4दिल्ली सल्तनत के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?

A सुल्तान राज्य का सर्वोच्च शासक था।
B वजीर वित्त से जुड़ा अधिकारी था।
C आरिज-ए-ममालिक सैन्य संगठन से जुड़ा था।
D इक्ता व्यवस्था अधिकारियों को आधुनिक अर्थ में निजी भूमि स्वामित्व देती थी।
व्याख्या

गलत कथन वह है जो इक्ता को आधुनिक निजी भूमि स्वामित्व मानता है। इक्ता व्यवस्था में किसी क्षेत्र के राजस्व का हिस्सा सेवा और सैनिकों के रखरखाव के बदले अधिकारी या अमीर को दिया जाता था, जिसे मुक्ति या इक्तादार कहा जाता था। यह अधिकार कर्तव्य और राज्य-सेवा से जुड़ा था। सुल्तान का सर्वोच्च शासक होना, वजीर का वित्त से जुड़ना और आरिज-ए-ममालिक का सैन्य संगठन से संबंध, ये सभी बातें सही दी गई हैं।

प्र.5दिल्ली सल्तनत में इक्ता व्यवस्था के तहत सेवा और सैनिकों के रखरखाव के बदले किसी अधिकारी या सरदार को मुख्य रूप से क्या सौंपा जाता था?

A भूमि का स्थायी निजी स्वामित्व
B राजस्व अधिकारों के बिना केवल राजकीय उपाधि
C कर्तव्य से जुड़ा किसी क्षेत्र का राजस्व
D संस्कृत संस्कृति फैलाने के लिए मंदिर को दिया गया दान
व्याख्या

सल्तनत प्रशासन वाले भाग में इक्ता को राजस्व असाइनमेंट के रूप में समझाया गया है। किसी क्षेत्र का राजस्व सेवा और सैनिकों के रखरखाव के बदले अधिकारी या सरदार, यानी मुक्ति या इक्तादार, को दिया जाता था। यह आधुनिक अर्थ में निजी भूमि-स्वामित्व नहीं था। राजस्व अधिकारों के बिना उपाधि कहना इसकी आर्थिक प्रकृति को छोड़ देता है, और संस्कृत संस्कृति के लिए मंदिर दान गुप्त काल के भूमि दान से जुड़ा है, सल्तनत की सैन्य-प्रशासनिक व्यवस्था से नहीं।

आपने 10 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं

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और प्रश्न

6अभिकथन और कारण पढ़िए। अभिकथन (A): अलाउद्दीन खिलजी के बाजार नियंत्रण सल्तनत प्रशासन में महत्त्वपूर्ण हैं। कारण (R): दिल्ली के बाजारों में उसके मूल्य नियंत्रण को कम नकद खर्च पर बड़ी स्थायी सेना बनाए रखने से जोड़ा जाता है। सही उत्तर चुनिए।

Aअभिकथन सही है, लेकिन कारण गलत है
Bअभिकथन गलत है, लेकिन कारण सही है
Cदोनों सही हैं, लेकिन कारण अभिकथन की व्याख्या नहीं करता
Dदोनों सही हैं, और कारण अभिकथन की व्याख्या करता है

7किस घटना के बाद अशोक ने धम्म, लोक-कल्याण और नैतिक शासन को बढ़ावा दिया?

A261 ईसा पूर्व का कलिंग युद्ध
Bचंद्रगुप्त मौर्य की सेल्युकस निकेटर पर विजय
C319-320 ईस्वी में गुप्त संवत की शुरुआत
D1526 ईस्वी का पानीपत का प्रथम युद्ध

8शासक या विशेषता को सही विवरण से मिलाइए। सूची I: 1. समुद्रगुप्त 2. आर्यभट 3. इल्तुतमिश 4. अलाउद्दीन खिलजी सूची II: क. बड़ी सेना के लिए बाजार नियंत्रण ख. प्रयाग स्तंभ अभिलेख ग. 499 ईस्वी में रचित आर्यभटीय घ. चांदी का टंका और तांबे का जीतल

A1-क, 2-ख, 3-ग, 4-घ
B1-ख, 2-ग, 3-घ, 4-क
C1-ग, 2-घ, 3-क, 4-ख
D1-घ, 2-क, 3-ख, 4-ग

9कौन-सी घटना वह मोड़ थी जिसके बाद अशोक ने धम्म, लोक-कल्याण और नैतिक शासन को बढ़ावा दिया?

Aसेल्युकस निकेटर पर विजय
Bकलिंग युद्ध
Cगुप्त संवत की शुरुआत
Dपानीपत का प्रथम युद्ध

10अभिकथन: गुप्त काल को राजनीतिक लचीलापन, सांस्कृतिक प्रतिष्ठा और धीरे-धीरे बढ़ते क्षेत्रीयकरण के मेल के रूप में पढ़ना चाहिए। कारण: गुप्त पतन को हूण आक्रमण, कमजोर उत्तराधिकार, क्षेत्रीय शक्तियों और राजस्व नियंत्रण के कमजोर पड़ने जैसे मिले-जुले दबावों का परिणाम बताया जाता है। सही उत्तर चुनिए।

Aअभिकथन और कारण दोनों सही हैं, और कारण अभिकथन की व्याख्या करता है।
Bअभिकथन और कारण दोनों सही हैं, लेकिन कारण अभिकथन की पूरी व्याख्या नहीं करता।
Cअभिकथन सही है, लेकिन कारण गलत है।
Dअभिकथन गलत है, लेकिन कारण सही है।

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