RAS प्रश्न
कनिष्क प्रथम ने कौन सी बौद्ध संगीति बुलाई?
सही उत्तर: (C) चौथी बौद्ध संगीति कुण्डलवन, कश्मीर में।
कनिष्क प्रथम ने कश्मीर के कुण्डलवन में चौथी बौद्ध संगीति बुलाई थी।
व्याख्या
कनिष्क प्रथम से जुड़ी सही संगीति चौथी बौद्ध संगीति है, जो कुण्डलवन, कश्मीर में आयोजित बताई जाती है। यह सर्वास्तिवाद परंपरा की कश्मीर वाली चौथी संगीति थी और कुषाण सम्राट कनिष्क प्रथम ने इसे कुण्डलवन विहार में बुलाया। इसका स्थान श्रीनगर के पास हरवन क्षेत्र के आसपास माना जाता है। इस सभा की अध्यक्षता वसुमित्र ने की और अश्वघोष उपाध्यक्ष थे। इसलिए कनिष्क प्रथम का नाम आते ही राजगृह, वैशाली या पाटलिपुत्र वाली पहले की संगतियों के बजाय कश्मीर की चौथी संगीति पहचाननी चाहिए।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) प्रथम बौद्ध संगीति राजगृह से जुड़ी है, जबकि कनिष्क प्रथम कुण्डलवन, कश्मीर की चौथी संगीति से जुड़े हैं।
- (B) द्वितीय बौद्ध संगीति वैशाली वाली अलग संगीति है; यह कनिष्क प्रथम द्वारा बुलाई गई कश्मीर की चौथी संगीति नहीं है।
- (D) तृतीय बौद्ध संगीति पाटलिपुत्र से जुड़ा विकल्प है, जबकि कनिष्क प्रथम के लिए सही पहचान चौथी संगीति, कुण्डलवन है।
अवधारणा
प्राचीन भारत में बौद्ध धर्म के विकास और प्रमुख बौद्ध संगतियों की क्रमवार पहचान महत्वपूर्ण है। RAS में ऐसे तथ्य इसलिए बार-बार आते हैं क्योंकि शासक, स्थान और धार्मिक परंपरा को जोड़कर पूछे जाने वाले इतिहास प्रश्न सीधे अंक दिलाते हैं।
