RAS प्रश्न
अर्थशास्त्र के अनुसार, कृषि पर आदर्श कर की दर थी:
सही उत्तर: (B) उपज का एक-छठा भाग।
अर्थशास्त्र के अनुसार कृषि उपज पर मानक कर उपज का एक-छठा भाग था।
व्याख्या
अर्थशास्त्र में कृषि से जुड़े भू-राजस्व को भाग माना गया है और उसका मानक रूप उपज का 1/6 बताया गया है। प्रजा राजा को उगे हुए अनाज का 1/6 और व्यापारिक माल का 1/10 राजदेय के रूप में देती थी। इसलिए कृषि पर आदर्श दर उपज का एक-छठा भाग मानी जाती है, न कि दसवाँ, चौथा या तीसरा भाग। यह व्यवस्था इस विचार से जुड़ी है कि कर लेने वाला राजा प्रजा की सुरक्षा और व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाता है। सिंचित भूमि या आपातकाल जैसी स्थितियों में दर अधिक हो सकती थी, लेकिन सामान्य मानक 1/6 ही था और यह स्मृति परंपरा के अनुरूप था।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) दसवाँ भाग व्यापारिक माल के लिए आता है; कृषि या अनाज के लिए मानक हिस्सा 1/6 था।
- (C) चौथा भाग मानक कृषि कर के रूप में नहीं था; कृषि उपज के लिए 1/6 को आधार माना गया था।
- (D) तीसरा भाग सामान्य आदर्श दर नहीं था; अधिक दर केवल सिंचित भूमि या आपातकाल जैसी विशेष स्थितियों में संभव थी।
अवधारणा
मौर्यकालीन राजस्व व्यवस्था में अर्थशास्त्र में वर्णित भू-राजस्व की दर महत्त्वपूर्ण है। RAS में यह तथ्य इसलिए दोहरता है क्योंकि इससे राज्य, कर और कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था की समझ सीधे जुड़ती है।
