RAS प्रश्न
चिश्ती और सुहरावर्दी सिलसिलों के बीच एक प्रमुख अंतर था:
सही उत्तर: (D) चिश्तियों ने राज्य संरक्षण से परहेज़ किया जबकि सुहरावर्दियों ने इसे स्वीकार किया।
चिश्ती सिलसिले के संत सामान्यतः राज्य संरक्षण और दरबार से दूरी रखते थे, जबकि सुहरावर्दी सिलसिले ने सरकारी पद, शाही अनुदान और शासक वर्ग से संबंध स्वीकार किए।
व्याख्या
इस प्रश्न का आधार चिश्ती और सुहरावर्दी सिलसिलों का राज्य सत्ता के प्रति अलग रवैया है। चिश्ती संत कठोर जीवन और सत्ता से दूरी पर बल देते थे; निज़ामुद्दीन औलिया ने सुल्तान के दरबार में जाने से मना किया। ई-ज्ञानकोश ब्लॉक 8 भी बताता है कि उन्होंने राजाओं और अमीरों की संगति से परहेज किया और दरबार नहीं गए। इसके उलट सुहरावर्दी परंपरा में बहाउद्दीन ज़करिया ने इल्तुतमिश से उपाधि और अनुदान पाया, राज्य संरक्षण स्वीकार किया और शासक वर्ग से संबंध बनाए। इसलिए अंतर सिद्धांत का नहीं, बल्कि राज्य संरक्षण और दरबारी निकटता के व्यवहार का था।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) अंतर था, क्योंकि चिश्ती संतों की दरबार से दूरी और सुहरावर्दियों के राज्य संरक्षण स्वीकार करने की बात स्पष्ट विरोध के रूप में सामने आती है।
- (B) चिश्ती संतों के महलों में रहने की बात आधार से उलटी है; उनके खानकाह-आधारित जीवन और दरबार से दूरी पर जोर मिलता है।
- (C) यह विकल्प गलत है क्योंकि दोनों सुन्नी सिलसिले थे, इसलिए अंतर शिया-सुन्नी पहचान का नहीं था।
अवधारणा
यह मध्यकालीन भारत में सूफी सिलसिलों और राज्य सत्ता के संबंध का प्रश्न है। RAS में यह इसलिए दोहराया जाता है क्योंकि चिश्ती-सुहरावर्दी तुलना से धार्मिक-सामाजिक इतिहास और सल्तनतकालीन राजनीति दोनों की समझ जांची जाती है।
