RAS प्रश्न
अर्थशास्त्र के अनुसार, सप्तांग सिद्धांत किसका वर्णन करता है?
सही उत्तर: (A) राज्य के सात अंगों का सिद्धांत।
अर्थशास्त्र में सप्तांग सिद्धांत राज्य को 7 परस्पर जुड़े अंगों या तत्वों से बना मानता है।
व्याख्या
अर्थशास्त्र के अनुसार सप्तांग-राज्य का अर्थ है राज्य को 7 जुड़े हुए अंगों के रूप में समझना। ये अंग हैं: स्वामी यानी राजा, अमात्य यानी मंत्री, जनपद यानी क्षेत्र और उसकी जनता, दुर्ग यानी किलेबंद राजधानी, कोष यानी खजाना, दंड यानी न्याय या बल, और मित्र यानी सहयोगी। इसलिए सही उत्तर राज्य के सात अंगों का सिद्धांत है। यह केवल सूची याद करने वाला तथ्य नहीं है; इससे राज्य की शक्ति या कमजोरी को अलग-अलग अंगों के आधार पर परखा जा सकता था। अर्थशास्त्र में दुर्ग, कोष, दंड और मित्र जैसे अंग दिखाते हैं कि शासन, सुरक्षा, संसाधन और बाहरी संबंध सभी राज्य-व्यवस्था का हिस्सा माने गए थे।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) दुर्ग सप्तांग के 7 अंगों में केवल एक अंग है; सप्तांग सिद्धांत सात प्रकार के दुर्गों की अलग सूची नहीं देता।
- (C) दंड को न्याय या बल के अर्थ में एक अंग माना गया है, लेकिन सिद्धांत सात सैन्य व्यूहों का वर्णन नहीं करता।
- (D) कोष राज्य का एक अंग है, पर सप्तांग सिद्धांत सात प्रकार के करों के बजाय राज्य के 7 मूल तत्वों को बताता है।
अवधारणा
यह प्रश्न प्राचीन भारतीय राज्य-चिंतन, खासकर अर्थशास्त्र में राज्य की संरचना, को परखता है। RAS में यह इसलिए बार-बार आता है क्योंकि मौर्यकालीन प्रशासन और कौटिल्य की राज्य-व्यवस्था मूलभूत इतिहास विषय हैं।
