RAS प्रश्न
तीसरे सिख गुरु, गुरु अमर दास, किसके लिए जाने जाते हैं?
सही उत्तर: (B) मंजी और पीढ़ी प्रणालियों की स्थापना और सती व पर्दा प्रथा का विरोध।
गुरु अमर दास मंजी और पीरी प्रणालियों की स्थापना तथा सती और पर्दा प्रथाओं के विरोध के लिए जाने जाते हैं।
व्याख्या
गुरु अमर दास तीसरे सिख गुरु थे; उनका गुरु-काल 1552 से 1574 तक रहा। उन्होंने सिख संगत के प्रशासन और प्रचार के लिए 22 धर्मप्रदेशों वाली मंजी प्रणाली बनाई और महिलाओं के लिए पीरी प्रणाली शुरू की। यही कारण है कि विकल्प B उनके काम को सबसे ठीक पकड़ता है। उन्होंने लंगर परंपरा को भी मजबूत किया, जिसमें जाति-भेद के बिना सभी एक ही पंक्ति में बैठते थे। सामाजिक सुधार के स्तर पर उन्होंने सती और पर्दा प्रथा का कड़ा विरोध किया और विधवा-विवाह का समर्थन किया। अकबर से जुड़ा प्रसंग भी उनके प्रभाव को दिखाता है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) स्वर्ण मंदिर के निर्माण का श्रेय गुरु अमर दास को नहीं दिया जाता; यह गुरु अर्जन देव से जुड़ा है।
- (C) खालसा की स्थापना गुरु अमर दास के कार्यों में नहीं आती; खालसा गुरु गोबिंद सिंह ने बनाया था।
- (D) गुरमुखी लिपि का विकास गुरु अमर दास से नहीं, बल्कि गुरु अंगद देव से जुड़ा है।
अवधारणा
यह प्रश्न मध्यकालीन भारतीय इतिहास में सिख गुरुओं के संस्थागत और सामाजिक सुधारों की पहचान जांचता है। RAS में ऐसे प्रश्न बार-बार आते हैं क्योंकि गुरु-परंपरा को व्यक्ति, संस्था और सुधार के साथ मिलाकर याद करना पड़ता है।
