RAS प्रश्न
बंगाल के महान भक्ति संत चैतन्य महाप्रभु ने किसकी भक्ति का प्रचार किया?
सही उत्तर: (D) कृष्ण (राधा-कृष्ण)।
बंगाल के भक्ति संत चैतन्य महाप्रभु ने कृष्ण, यानी राधा-कृष्ण, की भक्ति का प्रचार किया।
व्याख्या
चैतन्य महाप्रभु (1486-1534) बंगाल की भक्ति परंपरा में कृष्ण-भक्ति के प्रमुख प्रचारक थे। उन्होंने कीर्तन और नाम-संकीर्तन के माध्यम से कृष्ण-भक्ति को फैलाया, हरे कृष्ण मंत्र के गायन को लोकप्रिय किया और पुरी के जगन्नाथ मंदिर को अपना आध्यात्मिक केंद्र बनाया। NCERT के अध्याय में चैतन्यदेव बंगाल के 16वीं शताब्दी के भक्ति संत हैं और उन्होंने कृष्ण-राधा का प्रचार किया; उनके अनुयायी नृत्य और गायन से जुड़े दिखते हैं। इसलिए उनकी मूल पहचान निर्गुण साधना या शिव/राम भक्ति नहीं, बल्कि सगुण वैष्णव कृष्ण-राधा भक्ति है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) राम-भक्ति तुलसीदास से जुड़ी है, जबकि चैतन्य महाप्रभु कृष्ण-राधा भक्ति से जुड़े हैं।
- (B) शिव-भक्ति चैतन्य महाप्रभु से मेल नहीं खाती, क्योंकि वे वैष्णव संत थे और कृष्ण-राधा भक्ति से जुड़े हैं।
- (C) निर्गुण निराकार साधना सही नहीं है, क्योंकि चैतन्य सगुण भक्ति परंपरा में आते हैं और उनका केंद्र कृष्ण-भक्ति है।
अवधारणा
मध्यकालीन भक्ति आंदोलन में संतों और उनके आराध्य/मत की पहचान अहम है। RAS में यह इसलिए बार-बार आता है क्योंकि एक जैसे दिखने वाले संतों को राम, कृष्ण, शिव, निर्गुण और वैष्णव धाराओं से अलग-अलग मिलाना पड़ता है।
