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अधिगम के सिद्धांत और अभिप्रेरणा MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न

RAS/RPSC तैयारी के लिए अधिगम के सिद्धांत और अभिप्रेरणा के 10 प्रश्न हल करें।

अभ्यास प्रश्न

प्र.1कोहलर के अंतर्दृष्टि अधिगम को थॉर्नडाइक के प्रयास-त्रुटि अधिगम से सबसे ठीक ढंग से कौन-सा अंतर अलग करता है?

A अंतर्दृष्टि अधिगम में पूरी स्थिति के संबंधों का अचानक बोध होता है, जबकि प्रयास-त्रुटि अधिगम में सफल अनुक्रियाएं क्रमशः मजबूत होती हैं।
B अंतर्दृष्टि अधिगम बार-बार यांत्रिक अभ्यास पर निर्भर करता है, जबकि प्रयास-त्रुटि अधिगम संपूर्ण स्थिति के अचानक बोध पर निर्भर करता है।
C अंतर्दृष्टि अधिगम शास्त्रीय अनुकूलन का रूप है, जबकि प्रयास-त्रुटि अधिगम अवलोकनात्मक अधिगम का रूप है।
D अंतर्दृष्टि अधिगम में हर सही अनुक्रिया के बाद प्रत्यक्ष पुरस्कार जरूरी है, जबकि प्रयास-त्रुटि अधिगम में परिणामों की जरूरत नहीं होती।
व्याख्या

कोहलर के सुल्तान प्रयोग में अधिगम का आधार पूरी समस्या-स्थिति के संबंधों का अचानक बोध है। थॉर्नडाइक के प्रयास-त्रुटि अधिगम में प्रभाव के नियम के कारण संतोषजनक परिणाम वाली अनुक्रियाएं धीरे-धीरे मजबूत होती हैं, इसलिए दोनों को एक जैसा नहीं माना जा सकता।

प्र.2पावलॉव के शास्त्रीय अनुकूलन प्रयोग में भोजन के साथ घंटी को बार-बार जोड़ने के बाद पदों का कौन-सा मिलान सही है?

A भोजन - UCS; भोजन पर लार आना - UCR; घंटी - CS; घंटी पर लार आना - CR
B भोजन - CS; भोजन पर लार आना - CR; घंटी - UCS; घंटी पर लार आना - UCR
C भोजन - UCR; भोजन पर लार आना - UCS; घंटी - CR; घंटी पर लार आना - CS
D भोजन - UCS; भोजन पर लार आना - CR; घंटी - CS; घंटी पर लार आना - UCR
व्याख्या

पावलॉव के शास्त्रीय अनुकूलन में बिना सीखने वाली और सीखने के बाद बनने वाली कड़ियां अलग रखी जाती हैं। भोजन UCS है और भोजन पर लार UCR है; अर्जन के बाद घंटी CS बनती है और घंटी पर लार CR कहलाती है, इसलिए उद्दीपन और अनुक्रिया को उलटने वाले विकल्प गलत हैं।

प्र.3स्किनर के क्रियाप्रसूत अनुकूलन की दृष्टि से कौन-सा उदाहरण दंड नहीं बल्कि ऋणात्मक पुनर्बलन है?

A नियम बार-बार तोड़ने पर विद्यार्थी की प्रिय गतिविधि रोक दी जाती है, और नियम-भंग घटता है।
B सही उत्तर देने पर अधिगामी को प्रशंसा मिलती है, और सही उत्तर देने की प्रवृत्ति बढ़ती है।
C अधिगामी के लीवर दबाते ही तेज ध्वनि बंद हो जाती है, और लीवर दबाने की अनुक्रिया बढ़ती है।
D दूसरों को बाधित करने पर अधिगामी को अतिरिक्त लिखित कार्य दिया जाता है, और बाधा डालना घटता है।
व्याख्या

स्किनर के पदों में ऋणात्मक पुनर्बलन दंड नहीं है; इसमें अप्रिय उद्दीपन हटता है और उसे हटाने वाला व्यवहार बढ़ता है। दंड में व्यवहार घटता है, चाहे अप्रिय परिणाम जोड़ा जाए या सुखद वस्तु हटाई जाए; प्रशंसा धनात्मक पुनर्बलन है क्योंकि वह सुखद परिणाम जोड़ती है।

प्र.4वायगोत्स्की के समाज-सांस्कृतिक सिद्धांत पर ये कथन देखिए। 1. ZPD स्वतंत्र निष्पादन और सहायता-प्राप्त निष्पादन के बीच की दूरी है। 2. अधिक जानकार सहायक व्यक्ति ZPD के भीतर सहायता दे सकता है। 3. क्रमिक सहारा ऐसी स्थायी सहायता है जो दक्षता आने के बाद भी अपरिवर्तित रहनी चाहिए। कितने कथन सही हैं?

A केवल 1 कथन
B सभी 3 कथन
C केवल 2 कथन
D कोई कथन नहीं
व्याख्या

वायगोत्स्की के मत में ZPD वह अंतर है जहां विद्यार्थी अकेले जितना कर सकता है और सहायता से जितना कर सकता है, दोनों के बीच दूरी होती है। अधिक जानकार सहायक व्यक्ति इसी क्षेत्र में सहारा देता है, लेकिन यह सहारा स्थायी नहीं होता; दक्षता बढ़ने पर उसे घटाया जाता है।

प्र.5मास्लो की आवश्यकता-क्रमबद्धता, आंतरिक-बाह्य अभिप्रेरणा और मैक्लेलैंड की उपलब्धि अभिप्रेरणा के बारे में कौन-सा कथन गलत है?

A मास्लो के क्रम में शारीरिक आवश्यकताएं सुरक्षा आवश्यकताओं से नीचे हैं और आत्म-साक्षात्कार सबसे ऊपर रखा गया है।
B आंतरिक अभिप्रेरणा कार्य में रुचि या दक्षता से आती है, जबकि बाह्य अभिप्रेरणा बाहरी पुरस्कारों या परिणामों पर निर्भर करती है।
C मैक्लेलैंड ने उपलब्धि की आवश्यकता के साथ संबंध और शक्ति की आवश्यकताओं पर भी चर्चा की।
D दंड से बचने के लिए ही पढ़ने वाला विद्यार्थी मुख्यतः आंतरिक रूप से अभिप्रेरित है, क्योंकि व्यवहार विद्यार्थी के भीतर घटित होता है।
व्याख्या

मास्लो के क्रम में शारीरिक, सुरक्षा, प्रेम या अपनत्व, सम्मान और फिर आत्म-साक्षात्कार आता है। दंड से बचने के लिए पढ़ना बाह्य अभिप्रेरणा है, जबकि मैक्लेलैंड ने उपलब्धि को संबंध और शक्ति की आवश्यकताओं के साथ समझाया।

आपने 10 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं

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और प्रश्न

6पियाजे के रचनावादी पदों को उनके अर्थों से मिलाइए। 1. स्कीमा 2. आत्मसातीकरण 3. समायोजन 4. संतुलनीकरण

A1-स्कीमा में बदलाव, 2-पुरानी और नई सोच के बीच संतुलन, 3-मानसिक ढांचा, 4-अनुभव को मौजूदा स्कीमा में बैठाना
B1-मानसिक ढांचा, 2-नए अनुभव को मौजूदा स्कीमा में बैठाना, 3-अनुभव के अनुसार स्कीमा बदलना, 4-संज्ञानात्मक संतुलन फिर स्थापित करना
C1-बाहरी पुरस्कार, 2-अस्थायी वयस्क सहायता, 3-देखकर अनुकरण, 4-उपलब्धि की आवश्यकता
D1-अनुकूलित अनुक्रिया, 2-अनानुकूलित उद्दीपक, 3-नकारात्मक पुनर्बलन, 4-परिवर्ती अनुपात कार्यक्रम

7थॉर्नडाइक के संबंधवाद में तीन प्रमुख नियमों और उनसे जुड़े प्रचलित प्रयोगात्मक आधार का कौन-सा समूह सही है?

Aतत्परता, अभ्यास, प्रभाव; पहेली-पेटी में बिल्ली
Bसमानता, निकटता, पूर्णता; चिंपांजी सुल्तान
Cअवधान, धारण, पुनरुत्पादन; बोबो गुड़िया प्रयोग
Dआत्मसातीकरण, समायोजन, संतुलन; संरक्षण संबंधी कार्य

8स्किनर के क्रियाप्रसूत अनुकूलन के बारे में कथनों पर विचार कीजिए। 1. धनात्मक पुनर्बलन सुखद उद्दीपन जोड़ता है और व्यवहार बढ़ाता है। 2. ऋणात्मक पुनर्बलन अप्रिय उद्दीपन हटाता है और व्यवहार बढ़ाता है। 3. दंड व्यवहार घटाता है। कौन-से कथन सही हैं?

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 2 और 3
Cकेवल 1 और 3
D1, 2 और 3

9बंडूरा के सामाजिक अधिगम सिद्धांत में कौन-सा विकल्प बोबो गुड़िया प्रयोग में दिखी प्रक्रिया और देखी गई क्रिया के निष्पादन को प्रभावित करने वाली दशा, दोनों को ठीक पहचानता है?

Aउद्दीपक-युग्मन द्वारा शास्त्रीय अनुकूलन; क्रिया होगी या नहीं, यह विलोपन से तय होता है
Bअचानक पुनर्गठन से अंतर्दृष्टि; संतोष क्रिया को दृढ़ कर देता है
Cमौजूदा स्कीमा में आत्मसातीकरण; निष्पादन संतुलनीकरण से तय होता है
Dप्रतिरूपण के माध्यम से अवलोकनात्मक अधिगम; प्रतिनिधिक पुनर्बलन निष्पादन को प्रभावित कर सकता है

10परिवर्ती अनुपात पुनर्बलन को विलोपन के प्रति विशेष रूप से टिकाऊ मानने का सही कारण कौन-सा है?

Aइसमें निश्चित समय बीतने के बाद पहली अनुक्रिया को पुरस्कार मिलता है।
Bइसमें अनिश्चित संख्या की अनुक्रियाओं के बाद पुनर्बलन मिलता है, इसलिए अनुक्रिया स्थिर और टिकाऊ रहती है।
Cइसमें हर अनुक्रिया पर पुनर्बलन मिलता है, इसलिए विलोपन-प्रतिरोध हमेशा सबसे अधिक होता है।
Dइसमें हर अनुक्रिया के बाद अप्रिय उद्दीपन हटता है, इसलिए यह दंड-प्रतिरोधी बन जाता है।

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