अभ्यास प्रश्न
प्र.1रचनावादी अधिगम में पाड़-सहायता के बारे में इन कथनों पर विचार कीजिए। 1. यह पद वुड, ब्रूनर और रॉस ने दिया। 2. इसका अर्थ ऐसी अस्थायी, क्रमिक सहायता है जिसे दक्षता बढ़ने पर घटाया जाता है। कौन-सा विकल्प सही है?
A केवल कथन 1 सही है
B केवल कथन 2 सही है
C कथन 1 और 2 दोनों सही हैं
D न तो कथन 1 सही है और न कथन 2
व्याख्या पाड़-सहायता पद वुड, ब्रूनर और रॉस से संबंधित है। इसमें विशेषज्ञ की सहायता स्थायी नहीं रहती; विद्यार्थी की दक्षता बढ़ने पर सहारा धीरे-धीरे हटाया जाता है, इसलिए दोनों कथन स्वीकार्य हैं।
प्र.2रचनावादी बल-बिंदु को उससे सबसे निकट जुड़े विचारक से मिलाइए। 1. आत्मसातीकरण और समायोजन के माध्यम से व्यक्तिगत निर्माण 2. सामाजिक अंतःक्रिया और भाषा, जिसमें अधिगम विकास को आगे ले जाता है
A 1 - वायगोत्स्की; 2 - पियाजे
B 1 - ब्रूनर; 2 - ऑसुबेल
C 1 - पियाजे; 2 - वायगोत्स्की
D 1 - फ्लेवेल; 2 - ब्रूनर
व्याख्या यह तुलना पियाजे के संज्ञानात्मक रचनावाद और वायगोत्स्की के सामाजिक रचनावाद के बीच है। पियाजे में व्यक्तिगत निर्माण और संज्ञानात्मक समायोजन मुख्य हैं, जबकि वायगोत्स्की में सामाजिक अंतःक्रिया, भाषा और विकास को आगे ले जाने वाला अधिगम प्रमुख है।
प्र.3संज्ञानात्मक और सामाजिक रचनावाद के बारे में कौन-सा कथन गलत है?
A पियाजे विद्यार्थी द्वारा पर्यावरण पर क्रिया करते हुए व्यक्तिगत निर्माण को केंद्रीय महत्व देते हैं।
B वायगोत्स्की ज्ञान-निर्माण में सामाजिक अंतःक्रिया और भाषा को केंद्रीय महत्व देते हैं।
C रचनावाद विद्यार्थी को निष्क्रिय ग्रहणकर्ता नहीं, बल्कि सक्रिय निर्माता मानता है।
D पियाजे के मत में भाषा और सामाजिक अंतःक्रिया ज्ञान का पहला स्रोत हैं, जिन्हें विद्यार्थी बाद में आंतरिकीकृत करता है।
व्याख्या गलत कथन में वायगोत्स्की का सामाजिक रचनावादी बल-बिंदु पियाजे को दे दिया गया है। पियाजे का संज्ञानात्मक रचनावाद आत्मसातीकरण, समायोजन और संतुलन-स्थापन के माध्यम से व्यक्ति के ज्ञान-निर्माण पर बल देता है।
प्र.4पियाजे के संज्ञानात्मक रचनावाद से विशेष रूप से जुड़े प्रक्रमों का सही समूह कौन-सा है?
A सामाजिक अंतःक्रिया, भाषा और आंतरिकीकरण
B आत्मसातीकरण, समायोजन और संतुलन-स्थापन
C रुचि-जागरण, अन्वेषण और विस्तार
D लक्ष्य-निर्धारण, निगरानी और आत्म-मूल्यांकन
व्याख्या पियाजे के संज्ञानात्मक रचनावाद में विद्यार्थी पर्यावरण पर क्रिया करते हुए अपने स्तर पर ज्ञान रचता है। आत्मसातीकरण, समायोजन और संतुलन-स्थापन इसी व्याख्या के मुख्य प्रक्रम हैं; भाषा और सामाजिक अंतःक्रिया वायगोत्स्की के पक्ष में अधिक केंद्रीय हैं।
प्र.5सहकारी और सहयोगात्मक अधिगम, विशेषकर जिगसॉ तकनीक में, सकारात्मक परस्पर-निर्भरता के लिए कौन-सी दशा सबसे केंद्रीय है?
A प्रत्येक विद्यार्थी अकेले काम करे और समूह का अंक केवल अलग-अलग अंकों का योग हो।
B समूह के सदस्यों के पास कार्य के पूरक भाग हों, इसलिए साझा लक्ष्य के लिए हर सदस्य का योगदान आवश्यक हो।
C एक उच्च उपलब्धि वाला विद्यार्थी पूरी सामग्री समझाए और बाकी सदस्य मुख्यतः सुनें।
D समूह के भीतर प्रतिस्पर्धा हो ताकि सदस्य एक-दूसरे से आगे निकलने का प्रयास करें।
व्याख्या जिगसॉ तकनीक में कार्य इस तरह बंटता है कि हर सदस्य की समझ समूह के लिए आवश्यक बनती है। यही सकारात्मक परस्पर-निर्भरता है; केवल व्यक्तिगत काम, एक विद्यार्थी पर निर्भर व्याख्या या आपसी प्रतिस्पर्धा सहकारी अधिगम की मूल रचना नहीं बनाते।
और प्रश्न
6अभिकथन: वायगोत्स्की के सामाजिक रचनावाद में निकटस्थ विकास क्षेत्र के भीतर अधिगम विकास को आगे ले जा सकता है। कारण: ज्ञान पहले सामाजिक अंतःक्रिया और भाषा के माध्यम से बनता है, फिर विद्यार्थी उसे आंतरिकीकृत करता है।
Aअभिकथन और कारण दोनों सही हैं, तथा कारण अभिकथन की सही व्याख्या करता है।
Bअभिकथन और कारण दोनों सही हैं, पर कारण अभिकथन की व्याख्या नहीं करता।
Cअभिकथन सही है, पर कारण गलत है।
Dअभिकथन गलत है, पर कारण सही है।
7ब्रूनर के खोज अधिगम में विद्यार्थी किसी सिद्धांत तक किस मुख्य मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया से पहुंचता है?
Aपहले पूरा नियम ग्रहण करके और फिर उदाहरणों को दोहराकर स्मरण को स्वचालित बनाना
Bउदाहरणों का परीक्षण, संबंधों की पहचान और स्वयं सिद्धांत का निर्माण करने में मार्गदर्शन पाना
Cशिक्षण-सहायता के बिना जैविक परिपक्वता से अवधारणा अपने-आप उपलब्ध हो जाना
Dविशेषज्ञ की मौखिक व्याख्या को नकल करके वही शब्द फिर से बोल पाना
8फ्लेवेल के अधिसंज्ञान की अवधारणा को सबसे सही ढंग से कौन-सा कथन व्यक्त करता है?
Aअपनी संज्ञानात्मक प्रक्रियाओं की जागरूकता और नियमन
Bस्मरण बढ़ाने के लिए सामग्री की यांत्रिक पुनरावृत्ति
Cप्रबलन देखकर आदर्श के व्यवहार का अनुकरण
Dकेवल सामाजिक भाषा-व्यवहार से ज्ञान का निर्माण
9रचनावादी 5ई अधिगम-चक्र के चरणों का सही क्रम कौन-सा है?
Aसंलग्न करना, अन्वेषण करना, व्याख्या करना, विस्तार करना, मूल्यांकन करना
Bअन्वेषण करना, संलग्न करना, व्याख्या करना, मूल्यांकन करना, विस्तार करना
Cसंलग्न करना, व्याख्या करना, अन्वेषण करना, विस्तार करना, मूल्यांकन करना
Dव्याख्या करना, संलग्न करना, अन्वेषण करना, विस्तार करना, मूल्यांकन करना
10परावर्ती चिंतन और अधिसंज्ञान के बारे में कथनों पर विचार कीजिए: 1. परावर्ती चिंतन में अपनी समझ, तर्क और रणनीति-प्रयोग की समीक्षा आती है। 2. परावर्ती चिंतन का अधिसंज्ञान से कोई संबंध नहीं है, क्योंकि यह केवल बाहरी व्यवहार से जुड़ा है। कौन-सा विकल्प सही है?
Aकेवल कथन 1 सही है
Bकेवल कथन 2 सही है
Cकथन 1 और 2 दोनों सही हैं
Dन कथन 1 सही है, न कथन 2
11अधिसंज्ञान में अधिसंज्ञानात्मक ज्ञान और अधिसंज्ञानात्मक नियमन का सही भेद कौन-सा युग्म बताता है?
Aअधिसंज्ञानात्मक ज्ञान: समय-सारणी बनाना; अधिसंज्ञानात्मक नियमन: कार्य के लिए उपयुक्त रणनीति को जानना
Bअधिसंज्ञानात्मक ज्ञान: दीर्घकालीन स्मृति में तथ्य रखना; अधिसंज्ञानात्मक नियमन: तथ्यों को बोलकर दोहराना
Cअधिसंज्ञानात्मक ज्ञान: अपनी संज्ञान-प्रक्रिया और रणनीतियों को जानना; अधिसंज्ञानात्मक नियमन: अधिगम की योजना, निगरानी और मूल्यांकन
Dअधिसंज्ञानात्मक ज्ञान: शिक्षक से सूचना ग्रहण करना; अधिसंज्ञानात्मक नियमन: उसे बिना जाँच स्वीकार करना
12स्व-विनियमित अधिगम में अधिगम पर विद्यार्थी के अपने नियंत्रण को सबसे ठीक कौन-सा समूह दर्शाता है?
Aशिक्षक की व्याख्या, टिप्पणियाँ उतारना और शिक्षक द्वारा तत्काल सुधार
Bसमूह-चर्चा, सहपाठी प्रशंसा और साझा कार्यपत्रक पूरा करना
Cपूर्व-संगठक ग्रहण करना और उसे पूर्व ज्ञान से जोड़ना
Dलक्ष्य-निर्धारण, रणनीति-चयन, प्रगति की निगरानी और आत्म-चिंतन
13अभिकथन: अग्रिम आयोजक नई अधिगम सामग्री से पहले दिया जाता है ताकि वह विद्यार्थी की मौजूदा संज्ञानात्मक संरचना से प्रारंभिक सेतु बना सके। कारण: ऑसुबेल के सार्थक ग्रहण अधिगम में सार्थक अधिगम नई धारणाओं को विद्यार्थी के पूर्वज्ञान से जोड़ने पर निर्भर करता है।
Aअभिकथन और कारण दोनों सत्य हैं तथा कारण अभिकथन की सही व्याख्या करता है।
Bअभिकथन और कारण दोनों सत्य हैं, पर कारण अभिकथन की व्याख्या नहीं करता।
Cअभिकथन सत्य है, पर कारण असत्य है।
Dअभिकथन असत्य है, पर कारण सत्य है।
14ब्रूनर के सर्पिल पाठ्यक्रम का सबसे उपयुक्त कथन कौन-सा है?
Aकिसी विषय को निश्चित औपचारिक अवस्था तक रोककर रखना चाहिए और फिर उसे अंतिम रूप में केवल एक बार पढ़ाना चाहिए।
Bमूल विचार केवल भाषा-प्रतीकों से पढ़ाए जाने चाहिए क्योंकि क्रिया और बिंब निम्नतर रूप हैं।
Cएक ही प्रमुख विचारों को बढ़ती जटिलता के साथ फिर से पढ़ाया जाता है, क्योंकि किसी भी बच्चे को कोई भी विषय ईमानदारी से पढ़ाया जा सकता है।
Dनवीनता बनाए रखने और पूर्वज्ञान पर निर्भरता घटाने के लिए पाठ्यक्रम को असंबद्ध विषयों में अनियमित रूप से चलना चाहिए।
15समस्या-आधारित, अन्वेषण-आधारित और परियोजना-आधारित अधिगम को सूचना के निष्क्रिय ग्रहण से अलग रचनावादी उपागम के रूप में कौन-सा कथन सबसे ठीक पहचानता है?
Aवे अधिगम को शिक्षक द्वारा दी गई परिभाषाओं के बार-बार स्मरण तक सीमित कर देते हैं।
Bवे विद्यार्थियों से पूर्वज्ञान को अलग रखने की अपेक्षा करते हैं ताकि नए तथ्य अप्रभावित रहें।
Cवे वास्तविक समस्याओं और अन्वेषण को ज्ञान-निर्माण का आधार बनाते हैं।
Dवे अधिगम को विशेषज्ञ से नवशिक्षु तक तैयार ज्ञान के यथावत संप्रेषण के रूप में परिभाषित करते हैं।