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MCQ

निर्देशन और परामर्श MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न

RAS/RPSC तैयारी के लिए निर्देशन और परामर्श के 20 प्रश्न हल करें।

अभ्यास प्रश्न

प्र.1परामर्श के दृष्टिकोण को उससे सामान्यतः जुड़े सिद्धांतकार से मिलाइए।

A निर्देशात्मक परामर्श - रोजर्स; गैर-निर्देशात्मक परामर्श - विलियमसन; समन्वित परामर्श - थॉर्न
B निर्देशात्मक परामर्श - विलियमसन; गैर-निर्देशात्मक परामर्श - रोजर्स; समन्वित परामर्श - थॉर्न
C निर्देशात्मक परामर्श - थॉर्न; गैर-निर्देशात्मक परामर्श - रोजर्स; समन्वित परामर्श - विलियमसन
D निर्देशात्मक परामर्श - पार्संस; गैर-निर्देशात्मक परामर्श - सुपर; समन्वित परामर्श - गिन्जबर्ग
व्याख्या

विलियमसन निर्देशात्मक परामर्श, रोजर्स गैर-निर्देशात्मक या सेवार्थी-केंद्रित परामर्श और थॉर्न समन्वित परामर्श से जुड़े हैं। पार्संस, सुपर और गिन्जबर्ग का संबंध मुख्यतः व्यावसायिक निर्देशन तथा व्यवसाय-विकास सिद्धांतों से है, इसलिए उन्हें इन तीन परामर्श दृष्टिकोणों में रखना गलत है।

प्र.2वृत्ति-विकास सिद्धांतों के बारे में निम्न कथनों पर विचार कीजिए: 1. पार्संस का गुण-कारक दृष्टिकोण व्यक्ति के गुणों और व्यवसाय की आवश्यकताओं के मिलान पर बल देता है। 2. सुपर का सिद्धांत आत्म-धारणा और जीवन-अवस्थाओं को केंद्रीय महत्त्व देता है। 3. गिंजबर्ग की व्यवसाय-चयन अवस्थाएँ यथार्थ, कल्पना और अनिश्चित हैं। कौन-से कथन सही हैं?

A केवल 1 और 2
B केवल 2 और 3
C केवल 1 और 3
D 1, 2 और 3
व्याख्या

कथन 1 पार्संस के गुण-कारक दृष्टिकोण को और कथन 2 सुपर के आत्म-धारणा तथा जीवन-अवस्था सिद्धांत को सही पहचानते हैं। कथन 3 गलत है, क्योंकि गिंजबर्ग की व्यवसाय-चयन अवस्थाएँ कल्पना, अनिश्चित और यथार्थ होती हैं।

प्र.3एली गिंजबर्ग की व्यवसाय-चयन अवस्थाओं को सही विकासात्मक क्रम में रखिए।

A अनिश्चित, कल्पना, यथार्थ
B यथार्थ, अनिश्चित, कल्पना
C कल्पना, अनिश्चित, यथार्थ
D कल्पना, यथार्थ, अनिश्चित
व्याख्या

गिंजबर्ग ने व्यवसाय-चयन को कल्पना, अनिश्चित और यथार्थ अवस्थाओं के क्रम में समझाया। यथार्थ को अनिश्चित से पहले रखना या अनिश्चित से क्रम शुरू करना इस विकासात्मक क्रम को बिगाड़ देता है।

प्र.4अभिकथन: व्यावसायिक निर्देशन में स्ट्रॉन्ग और कूडर जैसी रुचि-सूचियां परीक्षण तकनीकें हैं। कारण: इनका उपयोग व्यावसायिक रुचियों का आकलन करने के लिए होता है, किसी एक देखी गई व्यवहार-घटना का वर्णनात्मक अभिलेख बनाने के लिए नहीं।

A अभिकथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण अभिकथन की सही व्याख्या करता है।
B अभिकथन और कारण दोनों सही हैं, पर कारण अभिकथन की सही व्याख्या नहीं करता।
C अभिकथन सही है, पर कारण गलत है।
D अभिकथन गलत है, पर कारण सही है।
व्याख्या

अभिकथन सही है, क्योंकि स्ट्रॉन्ग व्यावसायिक रुचि सूची और कूडर वरीयता अभिलेख व्यावसायिक निर्देशन में रुचि मापने वाली परीक्षण तकनीकें हैं। कारण भी सही व्याख्या करता है, क्योंकि घटनावृत्त अभिलेख किसी विशिष्ट व्यवहार-घटना का अपरीक्षण लेखा होता है, रुचि-मापन नहीं।

प्र.5विद्यालयी निर्देशन सेवा के रूप में व्यवसाय-सूचना के बारे में कौन-सा कथन अशुद्ध है?

A यह वृत्तियों, व्यवसायों और उनकी आवश्यकताओं के बारे में सूचना देती है।
B यह विद्यार्थियों को अपने गुणों और रुचियों को व्यवसायिक संभावनाओं से जोड़ने में सहायता देकर वृत्तिक निर्देशन को सहारा देती है।
C यह अभिमुखीकरण, परामर्श, नियुक्ति और अनुवर्ती सेवा के साथ सामान्य विद्यालयी निर्देशन सेवाओं में आती है।
D यह गोपनीय आमने-सामने की उपचारात्मक संबंध-प्रक्रिया है, जो वृत्तिक निर्देशन में परामर्श का स्थान लेती है।
व्याख्या

व्यवसाय-सूचना व्यवसायों और उनकी आवश्यकताओं से जुड़े तथ्य उपलब्ध कराती है और विद्यालयी निर्देशन की सामान्य सेवा है। यह परामर्श जैसी गोपनीय और व्यक्तिगत सहायता-संबंध प्रक्रिया नहीं है।

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और प्रश्न

6निर्देशन और परामर्श के बारे में निम्न कथनों पर विचार कीजिए। कथन 1: निर्देशन प्रकृति में व्यापक, निवारक और सूचनात्मक होता है। कथन 2: परामर्श आत्मबोध और समस्या-समाधान के लिए गहरा, वैयक्तिक सहायता-संबंध है।

Aकेवल कथन 1 सही है
Bकेवल कथन 2 सही है
Cकथन 1 और कथन 2 दोनों सही हैं
Dन तो कथन 1 सही है और न कथन 2

7विद्यालयों में निर्देशन के सिद्धांत और आवश्यकता के अनुरूप कथनों का कौन-सा समूह सबसे उचित है? 1. निर्देशन केवल संकट के समय नहीं, सतत उपलब्ध होना चाहिए। 2. निर्देशन में विद्यार्थियों की व्यक्तिगत भिन्नताओं को ध्यान में रखना चाहिए। 3. निर्देशन केवल गंभीर व्यवहारगत समस्याओं वाले विद्यार्थियों तक सीमित होना चाहिए। 4. निर्देशन शैक्षिक, व्यावसायिक और वैयक्तिक-सामाजिक समायोजन में सहायता करता है।

Aकेवल 1, 2 और 4
Bकेवल 1 और 3
Cकेवल 2, 3 और 4
Dकेवल 3

8परामर्श दृष्टिकोणों के संदर्भ में कौन-सा कथन गलत है?

Aनिर्देशात्मक परामर्श परामर्शदाता-केंद्रित है और विलियमसन से जुड़ा है।
Bगैर-निर्देशात्मक परामर्श सेवार्थी-केंद्रित है और रोजर्स से जुड़ा है।
Cसमन्वित परामर्श निर्देशात्मक और गैर-निर्देशात्मक दोनों विधियों को पूरी तरह अस्वीकार करता है।
Dनिर्देशात्मक परामर्श में परामर्शदाता नेतृत्व, विश्लेषण और सलाह देता है।

9निर्देशन की अपरीक्षण तकनीकों के बारे में निम्न कथनों पर विचार कीजिए। 1. संचयी अभिलेख विद्यार्थी के विकास और प्रगति का सतत तथा व्यापक अभिलेख होता है। 2. घटनावृत्त अभिलेख मुख्यतः मनोवैज्ञानिक परीक्षण से प्राप्त मानकीकृत प्राप्तांकों का विवरण होता है। 3. समाजमिति समूह में सामाजिक संबंधों और स्वीकृति को दर्शाती है। 4. निर्धारण मापनी, साक्षात्कार और अवलोकन भी अपरीक्षण तकनीकें हैं। कितने कथन सही हैं?

Aएक
Bदो
Cतीन
Dचार

10निर्देशन के क्षेत्र को उसके उपयुक्त सरोकार से मिलाइए। 1. शैक्षिक निर्देशन 2. व्यावसायिक निर्देशन 3. वैयक्तिक-सामाजिक निर्देशन

A1-व्यवसाय और आजीविका, 2-समायोजन और भावनाएं, 3-अध्ययन और पाठ्यक्रम
B1-समायोजन और संबंध, 2-अध्ययन आदतें, 3-व्यवसाय चयन
C1-अध्ययन और पाठ्यक्रम, 2-पारिवारिक संबंध, 3-व्यवसाय और आजीविका
D1-अध्ययन, पाठ्यक्रम और विद्यालयी शिक्षा, 2-व्यवसाय और आजीविका, 3-समायोजन, संबंध और भावनाएं

11अभिकथन: गैर-निर्देशात्मक परामर्श में परामर्शदाता की स्वीकृति और सहानुभूति सहायता-संबंध की केंद्रीय शर्तें हैं। कारण: रोजर्स के सेवार्थी-केंद्रित दृष्टिकोण में आत्म-समझ की प्रक्रिया का नेतृत्व परामर्शदाता नहीं, सेवार्थी करता है।

Aअभिकथन और कारण दोनों सही हैं, और कारण अभिकथन की सही व्याख्या करता है।
Bअभिकथन और कारण दोनों सही हैं, पर कारण अभिकथन की व्याख्या नहीं करता।
Cअभिकथन सही है, पर कारण गलत है।
Dअभिकथन गलत है, पर कारण सही है।

12शैक्षिक मनोविज्ञान में निर्देशात्मक परामर्श की मुख्य पहचान कौन-सी है?

Aपरामर्शदाता नेतृत्व करता है, समस्या का विश्लेषण करता है और सलाह देता है।
Bसेवार्थी पूरी प्रक्रिया अकेले चलाता है और परामर्शदाता केवल मौन दर्शक रहता है।
Cपरामर्शदाता हर व्याख्या से बचता है और केवल निःशर्त सकारात्मक सम्मान पर निर्भर रहता है।
Dपरामर्शदाता आवश्यकता के अनुसार निर्देशात्मक और गैर-निर्देशात्मक विधियों का संयोजन करता है।

13डोनाल्ड सुपर के वृत्ति-विकास सिद्धांत की सही पहचान कौन-सा वर्णन करता है?

Aपरामर्शदाता-केंद्रित सिद्धांत, जिसमें परामर्शदाता सेवार्थी का निदान करके व्यवसाय निर्धारित करता है
Bआत्म-धारणा और जीवन-अवस्था सिद्धांत, जिसमें वृत्ति-विकास विकसित होते स्व की अभिव्यक्ति होता है
Cकल्पना, अनिश्चित और यथार्थ व्यवसाय-चयन तक सीमित तीन-अवस्था सिद्धांत
Dसामाजिक चयन विधि, जो कक्षा-समूह में सहपाठी स्वीकृति का मानचित्र बनाती है

14निम्न में से कितनी सेवाएं सामान्यतः विद्यालयी निर्देशन सेवाओं में शामिल मानी जाती हैं? अभिमुखीकरण सेवा, विद्यार्थी सूचना-संग्रह सेवा, व्यावसायिक सूचना सेवा, स्थानन सेवा, अनुवर्ती सेवा, शारीरिक दंड सेवा।

Aचार
Bपांच
Cछह
Dतीन

15निर्देशन साधन को उसके सर्वाधिक उपयुक्त उपयोग से मिलाइए। 1. स्ट्रॉन्ग व्यावसायिक रुचि सूची 2. कूडर वरीयता अभिलेख 3. संचयी अभिलेख 4. घटनावृत्त अभिलेख A. विद्यार्थी की प्रगति का सतत दीर्घकालिक विवरण B. देखी गई किसी विशिष्ट व्यवहार-घटना का तथ्यात्मक लेखा C. व्यावसायिक रुचि सूची D. वरीयता-आधारित रुचि सूची

A1-D, 2-C, 3-B, 4-A
B1-C, 2-D, 3-A, 4-B
C1-A, 2-B, 3-C, 4-D
D1-B, 2-A, 3-D, 4-C

शैक्षिक मनोविज्ञान (पेपर I) में और विषय

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