अभ्यास प्रश्न
प्र.1एटकिंसन-शिफ्रिन के बहु-भंडार प्रतिमान और संवेदी पंजी के बारे में कौन-सा कथन गलत है?
A संवेदी पंजी कच्ची संवेदी सूचना का बहुत अल्पकालिक भंडार है।
B आइकॉनिक और इकोइक निशान क्रमशः दृश्य और श्रव्य संवेदी सूचना से जुड़े हैं।
C संवेदी पंजी से केवल अवधानयुक्त सूचना अल्पकालिक स्मृति में प्रवेश करती है।
D संवेदी पंजी दीर्घकालिक स्मृति जैसा ही भंडार है, क्योंकि दोनों सूचना को स्थायी रूप से रखते हैं।
व्याख्या संवेदी पंजी दीर्घकालिक स्मृति नहीं है; वह कच्ची संवेदी सूचना को बहुत थोड़े समय के लिए रखती है और अवधान कुछ सूचना को अल्पकालिक स्मृति में ले जाता है। आइकॉनिक और इकोइक उदाहरण सही हैं, इसलिए संवेदी पंजी को स्थायी भंडार कहना मूल गलती है।
प्र.2एटकिंसन-शिफ्रिन के बहु-भंडार प्रतिमान में सूचना के सामान्य प्रवाह के अनुसार अवस्थाओं का सही क्रम कौन-सा है?
A अल्पकालिक स्मृति -> संवेदी पंजी -> दीर्घकालिक स्मृति
B संवेदी पंजी -> अल्पकालिक स्मृति -> दीर्घकालिक स्मृति
C दीर्घकालिक स्मृति -> संवेदी पंजी -> अल्पकालिक स्मृति
D संवेदी पंजी -> दीर्घकालिक स्मृति -> अल्पकालिक स्मृति
व्याख्या एटकिंसन-शिफ्रिन का बहु-भंडार प्रतिमान सूचना को क्रमशः संवेदी पंजी, अल्पकालिक स्मृति और दीर्घकालिक स्मृति में रखता है। यदि अल्पकालिक स्मृति को संवेदी पंजी से पहले या दीर्घकालिक स्मृति को बीच में रख दिया जाए, तो प्रतिमान का आधारभूत क्रम बिगड़ जाता है।
प्र.3संवेदी पंजी के बारे में इन कथनों पर विचार कीजिए: 1. आइकॉनिक स्मृति दृश्य सूचना से जुड़ी है। 2. इकोइक स्मृति श्रव्य सूचना से जुड़ी है। 3. संवेदी पंजी की सारी सूचना अपने-आप अल्पकालिक स्मृति में चली जाती है। कौन-सा विकल्प सही है?
A केवल 1 और 3
B केवल 2 और 3
C केवल 1 और 2
D 1, 2 और 3
व्याख्या संवेदी पंजी में दृश्य और श्रव्य सूचना बहुत थोड़े समय के लिए रहती है; इन्हें क्रमशः आइकॉनिक और इकोइक रूप से समझा जाता है। एटकिंसन-शिफ्रिन प्रतिमान में केवल जिस सूचना पर अवधान जाता है वही अल्पकालिक स्मृति में प्रवेश करती है, इसलिए सारी सूचना के स्वतः प्रवेश का विचार गलत है।
प्र.4संकेत-निर्भर विस्मरण के बारे में दो कथनों पर विचार कीजिए। कथन 1: पुनःप्राप्ति-असफलता में सूचना संग्रहित रह सकती है, पर उपयुक्त संकेत न होने से उसका स्मरण नहीं हो पाता। कथन 2: पुनःप्राप्ति-असफलता चिह्न-क्षय के समान है, क्योंकि दोनों में स्मृति-चिह्न का भौतिक लोप आवश्यक होता है। कौन-सा विकल्प सही है?
A कथन 1 और कथन 2 दोनों सही हैं तथा कथन 2, कथन 1 की व्याख्या करता है।
B कथन 1 और कथन 2 दोनों सही हैं, पर कथन 2, कथन 1 की व्याख्या नहीं करता।
C कथन 1 गलत है, पर कथन 2 सही है।
D कथन 1 सही है, पर कथन 2 गलत है।
व्याख्या संकेत-निर्भर विस्मरण में समस्या यह होती है कि संग्रहीत सूचना तक पहुँच के लिए आवश्यक संकेत उपलब्ध या प्रभावी नहीं होते। यह चिह्न-क्षय नहीं है, क्योंकि चिह्न-क्षय स्मृति-चिह्नों के अनुपयोग या क्षीणता से विस्मरण की व्याख्या करता है, पहुँच-असफलता से नहीं।
प्र.5बैडले और हिच के कार्यशील स्मृति प्रतिमान के घटक को उसके कार्य से मिलाइए।
1. केंद्रीय कार्यपालक
2. ध्वन्यात्मक लूप
3. दृश्य-स्थानिक रेखाचित्र पट
A 1 - वाणी-आधारित भंडारण और पुनरावृत्ति; 2 - ध्यान का नियंत्रण; 3 - कौशलों का दीर्घकालिक भंडारण
B 1 - ध्यान का नियंत्रण और समन्वय; 2 - वाचिक-श्रव्य सूचना; 3 - दृश्य और स्थानिक सूचना
C 1 - संवेदना-पंजीकरण; 2 - दृश्य संवेदना-स्मृति; 3 - श्रव्य संवेदना-स्मृति
D 1 - व्यक्तिगत घटनाएँ; 2 - सामान्य ज्ञान; 3 - कौशलगत क्रियाएँ
व्याख्या बैडले और हिच ने STM को सक्रिय कार्यशील स्मृति के रूप में समझाया, जिसमें केंद्रीय कार्यपालक ध्यान और समन्वय को नियंत्रित करता है। ध्वन्यात्मक लूप वाचिक-श्रव्य सूचना से और दृश्य-स्थानिक रेखाचित्र पट दृश्य-स्थानिक सूचना से संबंधित है; संवेदना-पंजी या टल्विंग की श्रेणियाँ अलग संदर्भ हैं।
और प्रश्न
6स्मृति में विस्तारात्मक पूर्वाभ्यास और निर्वाह पूर्वाभ्यास का सही अंतर कौन-सा है?
Aविस्तारात्मक पूर्वाभ्यास नई सामग्री को अर्थ और पूर्व ज्ञान से जोड़ता है, जबकि निर्वाह पूर्वाभ्यास मुख्यतः गहरे संबंध बनाए बिना दोहराता है।
Bनिर्वाह पूर्वाभ्यास अधिक गहरा है क्योंकि वह सामग्री को हमेशा अर्थ के आधार पर व्यवस्थित करता है, जबकि विस्तारात्मक पूर्वाभ्यास उसे केवल संवेदी स्मृति में रखता है।
Cविस्तारात्मक पूर्वाभ्यास और निर्वाह पूर्वाभ्यास समान प्रक्रियाएँ हैं; दोनों में कूटलेखन की गहराई समान रहती है।
Dनिर्वाह पूर्वाभ्यास दीर्घकालिक धारण के लिए श्रेष्ठ मार्ग है क्योंकि वह किसी भी अर्थगत हस्तक्षेप को रोक देता है।
7घोषणात्मक और अघोषणात्मक स्मृति के भेद में कौन-सा युग्म गलत वर्गीकृत है?
Aकिसी ऐतिहासिक घटना की तिथि याद रखना - घोषणात्मक स्मृति
Bअपने जन्मदिन के आयोजन को याद करना - घोषणात्मक स्मृति
Cअभ्यास के बाद साइकिल चलाना - घोषणात्मक स्मृति
Dकिसी संकल्पना का अर्थ जानना - घोषणात्मक स्मृति
8अल्पकालिक स्मृति की क्षमता के बारे में मिलर का निष्कर्ष किस कथन में ठीक व्यक्त होता है?
Aअल्पकालिक स्मृति सामान्यतः 7 धन या ऋण 2 इकाइयाँ रखती है, और खंडन से अर्थपूर्ण रूप में धारण की जाने वाली मात्रा बढ़ सकती है।
Bलगातार पुनरावृत्ति करने पर अल्पकालिक स्मृति की क्षमता असीमित हो जाती है।
Cजादुई संख्या 7 दीर्घकालिक स्मृति की स्थायी क्षमता बताती है।
Dखंडन अर्थपूर्ण इकाइयों को अलग-अलग अक्षरों में तोड़कर स्मृति-सीमा घटाता है।
9कौन-सा विकल्प दो मूल बातों को ठीक बताता है: संज्ञान का क्षेत्र और स्मृति की मूल परिभाषा?
Aसंज्ञान में अवधान, प्रत्यक्षीकरण, स्मृति, चिंतन और भाषा आते हैं; स्मृति सूचना का संकेतन, संग्रहण और पुनर्प्राप्ति है।
Bसंज्ञान केवल स्मृति और चिंतन तक सीमित है; स्मृति केवल सूचना का स्थायी संग्रहण है।
Cसंज्ञान केवल भाषा को कहते हैं; स्मृति अवधान से पहले की तात्कालिक इंद्रिय छाप है।
Dसंज्ञान बुद्धि-परीक्षण के समान है; स्मृति समय के साथ सूचना का लोप है।
10वितरित अभ्यास, सघन अभ्यास और स्मृति-सहायक युक्तियों के बारे में निम्न में से कौन-सा कथन गलत है?
Aवितरित अभ्यास सामान्यतः सघन अभ्यास की तुलना में दीर्घकालिक धारण को बेहतर बनाता है।
Bस्थान-प्रणाली, संक्षेपाक्षर और तुक जैसी स्मृति-सहायक युक्तियाँ सामग्री को संगठित पुनःप्राप्ति ढाँचा देकर स्मृति में सहायता करती हैं।
Cसघन अभ्यास सामान्यतः दीर्घकालिक धारण के लिए श्रेष्ठ है क्योंकि अंतराल सुदृढ़ीकरण को कमजोर कर देता है।
Dजब लक्ष्य बहुत थोड़े समय का तत्काल प्रदर्शन नहीं, बल्कि टिकाऊ धारण हो, तब अंतराल पर पुनरावृत्ति विशेष रूप से उपयोगी होती है।
11विस्मरण के प्रत्येक सिद्धांत का उसके मुख्य स्पष्टीकरण से मिलान कीजिए। 1. चिह्न-क्षय 2. बाधा 3. पुनःप्राप्ति-असफलता 4. अभिप्रेरित विस्मरण
A1-प्रभावी संकेतों का अभाव; 2-कष्टदायक सामग्री का दमन; 3-स्मृति-चिह्नों का अनुपयोग; 4-अधिगमों में प्रतिस्पर्धा
B1-अधिगमों में प्रतिस्पर्धा; 2-स्मृति-चिह्नों का अनुपयोग; 3-कष्टदायक सामग्री का दमन; 4-प्रभावी संकेतों का अभाव
C1-स्मृति-चिह्नों का अनुपयोग; 2-अधिगमों में प्रतिस्पर्धा; 3-प्रभावी संकेतों का अभाव; 4-कष्टदायक सामग्री का दमन
D1-कष्टदायक सामग्री का दमन; 2-प्रभावी संकेतों का अभाव; 3-अधिगमों में प्रतिस्पर्धा; 4-स्मृति-चिह्नों का अनुपयोग
12एटकिंसन-शिफ्रिन प्रतिमान में सूचना के प्रवाह में अवधान और अभ्यास की भूमिका को कौन-सा कथन सबसे ठीक बताता है?
Aअवधान सूचना को अल्पकालिक स्मृति से दीर्घकालिक स्मृति में ले जाता है, जबकि अभ्यास उसे संवेदी पंजी से अल्पकालिक स्मृति में ले जाता है।
Bअवधान सारी संवेदी सूचना को सीधे दीर्घकालिक स्मृति में भेज देता है, और अभ्यास केवल सूचना भूल जाने के बाद जरूरी होता है।
Cअभ्यास अवधान से पहले संवेदी सूचना को छांटता है, और अवधान सूचना को स्थायी रूप से दीर्घकालिक स्मृति में रखता है।
Dअवधान संवेदी पंजी से सूचना चुनकर उसे अल्पकालिक स्मृति में लाता है, और अभ्यास अल्पकालिक स्मृति की सूचना को दीर्घकालिक स्मृति तक ले जाने में सहायक होता है।
13टल्विंग के दीर्घकालिक स्मृति-वर्गीकरण के बारे में निम्न कथनों पर विचार कीजिए।
1. प्रासंगिक स्मृति स्वयं अनुभूत घटनाओं को रखती है।
2. अर्थगत स्मृति सामान्य ज्ञान और अर्थों को रखती है।
3. प्रक्रियात्मक स्मृति कौशलों और करने की विधियों को रखती है।
कौन-से कथन सही हैं?
Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 2 और 3
Cकेवल 1 और 3
D1, 2 और 3
14अभिप्रेरित विस्मरण के रूप में दमन के बारे में कौन-सा कथन सही है?
Aयह एबिंगहॉस के विस्मरण-वक्र में दिखा निरर्थक अक्षर-समूहों का आरंभिक तीव्र लोप है।
Bयह फ्रॉयडीय व्याख्या है, जिसमें कष्टदायक या भयकारी सामग्री सचेत स्मरण से बाहर रखी जाती है।
Cयह तब होता है जब पुराना अधिगम नए अधिगम को बाधित करता है।
Dयह तब होता है जब सूचना उपलब्ध नहीं रहती क्योंकि संवेदनात्मक पंजी ने उसे बहुत थोड़े समय तक रखा।
15क्रमिक-स्थिति प्रभाव में सूची-स्थिति और सामान्य स्मृति-आधार का सही युग्म कौन-सा है?
Aप्रारंभिक पद इसलिए याद रहते हैं क्योंकि वे संवेदी स्मृति में रहते हैं; अंतिम पद इसलिए याद रहते हैं क्योंकि उनका क्षय हो चुका होता है।
Bप्रारंभिकता पूर्वाभ्यास के कारण LTM में पहुँचे पदों को दर्शाती है; नवीनता अभी STM में उपलब्ध पदों को दर्शाती है।
Cप्रारंभिकता प्रतिगामी हस्तक्षेप से पैदा होती है; नवीनता अग्रगामी हस्तक्षेप से पैदा होती है।
Dप्रारंभिकता और नवीनता केवल निरर्थक सूची में होती हैं और अर्थपूर्ण सामग्री में नहीं दिख सकतीं।