MCQ
चिंतन, तर्क, समस्या-समाधान और सृजनात्मकता MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न
RAS/RPSC तैयारी के लिए चिंतन, तर्क, समस्या-समाधान और सृजनात्मकता के 20 प्रश्न हल करें।
अभ्यास प्रश्न
प्र.1कार्यात्मक स्थिरता के बारे में कौन-सा कथन गलत है?
कार्यात्मक स्थिरता में वस्तु का सामान्य उपयोग ही मन पर हावी रहता है, इसलिए वैकल्पिक उपयोग दिख नहीं पाता। इसे कलनविधि कहना गलत है, क्योंकि कलनविधि समाधान की विधि है; मानसिक विन्यास भी अलग बाधा है, जहाँ पुराना तरीका व्यक्ति को बाँधता है।
प्र.2चिंतन में प्रत्यय का मनोवैज्ञानिक अर्थ सबसे ठीक किस कथन में व्यक्त होता है?
प्रत्यय वस्तुओं या विचारों को समान विशेषताओं के आधार पर रखने वाली मानसिक श्रेणी है। केवल छवि, आकस्मिक साहचर्य या भावात्मक पसंद को प्रत्यय मानना गलत है, क्योंकि चिंतन में प्रत्यय भाषा, छवियों और प्रतीकों के साथ काम करते हैं पर उनसे सीमित नहीं हो जाते।
प्र.3शैक्षिक मनोविज्ञान में तर्क को चिंतन के किस रूप के रूप में सबसे ठीक समझा जाता है?
तर्क को निर्देशित या लक्ष्याभिमुख चिंतन कहा जाता है, क्योंकि इसमें विचार किसी निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए क्रमबद्ध होते हैं। दिवास्वप्न में ऐसा लक्ष्य नहीं होता, और अनेक मौलिक प्रतिक्रियाएं देना सर्जनात्मकता से जुड़े अपसारी चिंतन का क्षेत्र है।
प्र.4एक विद्यार्थी नई समस्या पर परिचित बीजगणितीय विधि ही लगाता रहता है, जबकि सरल ज्यामितीय प्रस्तुति उसे अधिक कुशलता से हल कर सकती है। यहाँ समस्या-समाधान की कौन-सी बाधा दिखती है?
मानसिक विन्यास में पुरानी सफल विधि इतनी प्रबल हो जाती है कि व्यक्ति नई स्थिति में बेहतर उपाय नहीं देख पाता। आइंस्टेलुंग इसी जड़ता को बताता है; यह कार्यात्मक स्थिरता नहीं है, क्योंकि वहाँ बाधा वस्तु के सामान्य उपयोग से जुड़ी होती है।
प्र.5समस्या-समाधान में प्रयास-त्रुटि और अंतर्दृष्टि के बीच सबसे सही अंतर कौन-सा है?
प्रयास-त्रुटि में व्यक्ति कई कोशिशों के बाद उपयुक्त प्रतिक्रिया तक पहुँचता है, जबकि अंतर्दृष्टि में समस्या अचानक नए ढंग से समझ में आती है। अंतर्दृष्टि की धारणा में यही अचानक पुनर्गठन मुख्य है; बाकी विकल्प या तो कलनविधि से भ्रमित करते हैं या क्रमिक और अचानक प्रक्रिया को उलट देते हैं।
आपने 20 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं
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और प्रश्न
6गिलफोर्ड द्वारा बताए गए अभिसारी और अपसारी चिंतन के भेद के अनुसार कौन-सा कथन सही है?
7आगमनात्मक तर्क और निगमनात्मक तर्क का सही भेद किस युग्म में दिया गया है?
8समस्या-समाधान की प्रक्रिया और उसकी प्रमुख विशेषता का कौन-सा युग्म सही है?
9चिंतन के बारे में निम्न कथनों पर विचार कीजिए। 1. चिंतन आंतरिक प्रतीकात्मक क्रिया है। 2. चिंतन में प्रत्यय, भाषा, छवियां और प्रतीक प्रयुक्त होते हैं। 3. चिंतन हमेशा बाहर से दिखाई देने वाला पेशीय व्यवहार है। कौनसे कथन सही हैं?
10सर्जनात्मकता और बुद्धि के संबंध में दहलीज परिकल्पना को सबसे सही रूप में कौन-सा कथन व्यक्त करता है?
11टोरेंस के सर्जनात्मक चिंतन परीक्षणों के संदर्भ में कौन-सा कथन सही है?
12निर्देशित और अनिर्देशित चिंतन के संबंध में कौनसा विकल्प गलत है?
13अपसारी चिंतन और सर्जनात्मकता के बारे में इन कथनों पर विचार कीजिए। 1. अपसारी चिंतन में कई संभावित प्रतिक्रियाएं उत्पन्न की जाती हैं। 2. गिलफोर्ड के मत में अपसारी चिंतन सर्जनात्मकता का आधार है। 3. अपसारी चिंतन पहले से निश्चित एक सही उत्तर खोजने जैसा ही है। कौन-से कथन सही हैं?
14प्रत्यय के प्रकार को उसके सबसे उपयुक्त उदाहरण से मिलाइए।
15समस्या-समाधान की बाधाओं और रणनीतियों पर ये कथन देखें: 1. मानसिक विन्यास में व्यक्ति परिचित विधि पर अड़ा रहता है, भले ही वह अब कुशल न हो। 2. अनुभवजन्य उपाय को ठीक-ठीक अपनाने पर सही समाधान की गारंटी मिलती है। 3. कार्यात्मक स्थिरता वस्तु के उपयोग को उसके सामान्य कार्य तक सीमित कर देती है। कौन-से कथन सही हैं?
