अभ्यास प्रश्न
प्र.1इस विषय पर उच्च-प्राथमिक पाठ के लिए कौन-सा कथन-संयोजन सही है? कथन एक: तीन-स्तंभीय समयरेखा विद्यार्थियों को मौर्य, गुप्त और उत्तर-गुप्त विशेषताओं की तुलना करने में मदद कर सकती है। कथन दो: पाठ की शुरुआत विस्तृत अभिलेख-नामों और इतिहासलेखन से करनी चाहिए।
A दोनों कथन सही हैं
B केवल कथन दो सही है
C केवल कथन एक सही है
D कोई भी कथन सही नहीं है
व्याख्या तीन स्तंभों वाली समयरेखा उपयुक्त है, जबकि अभिलेखों के विस्तृत नाम और इतिहासलेखन यहाँ सुझाई गई REET गहराई से बाहर हैं।
प्र.2इस विषय में विद्यार्थियों की समयक्रम और कालगत विशेषताओं की समझ को कौन-सा आकलन संकेत सबसे अच्छी तरह जाँचता है?
A दस असंबंधित वर्तमान नीति नाम लिखिए।
B समय से जुड़े किसी संबंध को समझाए बिना मानचित्र की सीमा उतारिए।
C किसी तुलना से पहले अभिलेखों की लंबी सूची याद कीजिए।
D तीन विशेषताओं वाले कार्ड मौर्य, गुप्त और उत्तर-गुप्त स्तंभों में रखिए और एक स्थान का कारण समझाइए।
व्याख्या यह पूरे कालक्रम के साथ-साथ यह भी जाँचता है कि किसी घटना को उसके सही समय-स्थान पर क्यों रखा गया है।
प्र.3उच्च-प्राथमिक स्तर पर इस विषय का पाठ पढ़ाते समय किस प्रकार की सामग्री से बचना चाहिए?
A मौर्य, गुप्त और उत्तर-गुप्त कालों का व्यापक समयक्रम
B सांस्कृतिक और प्रशासनिक विशेषताओं की सरल तुलना
C वंशों और अभिलेखों का बहुत अधिक विवरण तथा इतिहासलेखन से जुड़ी बहस
D समयरेखा से जुड़ी छोटी स्रोत-आधारित गतिविधि
व्याख्या बहुत अधिक वंश-विवरण, अभिलेख विवरण और इतिहासलेखन इस REET स्तर दो पाठ से बाहर हैं।
प्र.4बाहरी विश्व से भारत के सांस्कृतिक संबंधों का आधिकारिक आधार कौन-सा विकल्प सबसे अच्छा दर्शाता है?
A यह केवल कक्षा में बैठने की व्यवस्था का नियम है।
B इसका अर्थ है कि विद्यार्थी केवल स्थानीय विद्यालय का अनुशासन पढ़ें।
C इसमें विद्यार्थियों से अपेक्षा है कि वे इस व्यापक काल के भारत को भारत से बाहर के सांस्कृतिक संबंधों से जोड़कर देखें।
D इससे विषय में समयक्रम पढ़ाने की जरूरत समाप्त हो जाती है।
व्याख्या आधिकारिक पाठ्यक्रम में बाहरी विश्व से भारत के सांस्कृतिक संबंध शामिल हैं, इसलिए प्रश्न को व्यापक कालखंड और भारत से बाहर के सांस्कृतिक संबंधों से जोड़ना चाहिए।
प्र.5इस विषय में विशेषताओं वाले कार्डों का उपयोग करने का कौन-सा क्रम सबसे अच्छा है?
A अंतिम उत्तर बता दें, पर्चियाँ हटा दें, फिर विद्यार्थियों से चुपचाप याद करने को कहें
B कालखंड और विशेषताओं वाली पर्चियाँ दें, उन्हें मौर्य, गुप्त और उत्तर-गुप्त स्तंभों में रखवाएँ, एक कारण पूछें, फिर पूरे क्रम को सुधारें
C इतिहासलेखन पर पूरी बहस से शुरू करें, फिर समयरेखा को अनदेखा करें
D केवल खाली मानचित्र का उपयोग करें और उसे कभी कालखंड या विशेषता से न जोड़ें
व्याख्या यह उपयुक्त कक्षा गतिविधि का पालन करता है: तीन-स्तंभीय समयरेखा, विशेषता-पत्रों का स्थान, कारण बताना और व्यापक क्रम सुधारना।
और प्रश्न
6कौन-सा तरीका इस विषय को REET स्तर दो की गहराई पर बनाए रखता है?
Aव्यापक क्रम, कालक्रम की सरल तुलना और एक सांस्कृतिक या प्रशासनिक विशेषता पूछना
Bशासकों, उपाधियों और अभिलेखों के विवरणों की लंबी सूची अनिवार्य करना
Cपाठ को प्राचीन इतिहास के उन्नत विश्लेषणात्मक निबंध में बदल देना
Dसमयक्रम से बचकर केवल असंबंधित समसामयिक घटनाएँ पढ़ाना
7एक विद्यार्थी कहता है, “गुप्त काल मौर्य काल से पहले आया था।” कौन-सी शिक्षक प्रतिक्रिया सबसे अच्छी है?
Aविद्यार्थी से मौर्य, गुप्त और उत्तर-गुप्त नामों को समयरेखा पर रखवाएँ और सही क्रम समझाने को कहें
Bगलती को अनदेखा करें क्योंकि क्रम इस विषय का भाग नहीं है
Cविद्यार्थी से सही क्रम बिना समझाए लिखवाएँ
Dकमियों पर काम किए बिना तुरंत मध्यकालीन इतिहास पर चले जाएँ
8मौर्य, गुप्त और उत्तर-गुप्त काल पर REET स्तर दो के आधिकारिक पाठ्यक्रम से कौन-सा समूह सबसे अच्छा मेल खाता है?
Aराजनीतिक इतिहास और प्रशासन, संस्कृति में योगदान, गुप्त काल की सांस्कृतिक उपलब्धियाँ, ६०० से १००० ईस्वी का भारत और बाहरी विश्व से सांस्कृतिक संबंध
Bकेवल वर्तमान चुनाव नियम और संवैधानिक अनुच्छेद
Cकेवल मृदा, खनिज, ऊर्जा संसाधन, कृषि और उद्योग
Dकेवल राजस्थान के किले, मेले, त्योहार, लोक कलाएँ और पर्यटन
9कक्षा 6 से 8 के स्तर पर इस विषय के लिए कौन-सा शिक्षण-सामग्री समूह सबसे उपयुक्त है?
Aबिना समयरेखा या मानचित्र के केवल शासकों की घनी सूची
Bसमयरेखा पट्टी, भारत का मानचित्र, कालखंडों की विशेषताओं वाले पत्रक और छोटे स्रोत दस्तावेज़
Cकेवल वर्तमान बजट सारणियाँ
Dकेवल उन्नत इतिहासलेखन पर वाद-विवाद विषय
10उत्तर-गुप्त काल पर REET स्तर दो की उच्च प्राथमिक पाठ-योजना में कौन-सा कथन गलत माना जाएगा?
Aइसे व्यापक कालक्रम में गुप्त काल के बाद के दौर के रूप में समझाया जा सकता है।
Bइसे पूरे उपमहाद्वीप में फैले किसी एक सरल साम्राज्य के रूप में प्रस्तुत करना चाहिए।
Cइसके तहत आधिकारिक पाठ्यक्रम में 600 से 1000 ईस्वी का भारत शामिल किया जा सकता है।
Dइस स्तर पर क्षेत्रीय वंशों के बहुत अधिक विवरण से बचना चाहिए।
11इस विषय में कौन-सा काल और विशेषता का मेल व्यापक रूप से सबसे उपयुक्त बैठता है?
Aमौर्य काल: प्रारंभिक व्यापक साम्राज्य और प्रशासन; गुप्त काल: सांस्कृतिक उपलब्धियाँ; उत्तर-गुप्त काल: 600 से 1000 ईस्वी का भारत और सांस्कृतिक संबंध
Bमौर्य काल: केवल आधुनिक चुनाव प्रक्रिया; गुप्त काल: केवल उपभोक्ता जागरूकता; उत्तर-गुप्त काल: केवल मृदा संरक्षण
Cमौर्य काल: केवल राजस्थान पर्यटन; गुप्त काल: केवल पंचायती राज; उत्तर-गुप्त काल: केवल वायुमंडल
Dमौर्य काल: उत्तर-गुप्त काल के बाद; गुप्त काल: मौर्य काल से पहले; उत्तर-गुप्त काल: दोनों से पहले
12REET के इस विषय में गुप्त काल वाले भाग का सबसे उपयुक्त केंद्र क्या होना चाहिए?
Aकिसी भी इतिहास चर्चा से पहले वर्तमान बजट आँकड़े याद करना
Bतुलना या समयरेखा के बिना हर क्षेत्रीय वंश की सूची बनाना
Cव्यापक सांस्कृतिक उपलब्धियों और भारतीय संस्कृति में योगदान को समझना
Dकेवल शैलों के प्रकारों और पृथ्वी की सतह को बदलने वाली शक्तियों का अध्ययन करना
13एक शिक्षक इस विषय में सांस्कृतिक संबंध पढ़ाते समय भारत के मानचित्र का उपयोग करता है। कौन-सा प्रश्न केवल मानचित्र देखने के बजाय व्याख्या कराने में सबसे अधिक मदद करता है?
Aमानचित्र की सीमा का रंग क्या है?
Bक्या आप मानचित्र को अपनी कॉपी में हूबहू उतार सकते हैं?
Cचिह्नित स्थान के पास कौन-सा आधुनिक राज्य-नाम छपा है?
Dकिस चिह्नित संबंध को आप कालखंड और एक सांस्कृतिक विशेषता से जोड़ सकते हैं?
14विद्यार्थी मौर्य, गुप्त और उत्तर-गुप्त विशेषताओं को एक ही प्राचीन कालखंड में मिला देते हैं। शिक्षक की कौन-सी प्रतिक्रिया इस गलतफहमी को सबसे अच्छी तरह सुधारती है?
Aपहले उनसे शासकों की लंबी सूची याद करवाएँ
Bविषय छोड़ दें क्योंकि समयक्रम बहुत कठिन है
Cसरल बनाने के लिए उत्तर-गुप्त काल को एक ही साम्राज्य मान लें
Dतीन स्तंभों वाली समयरेखा का उपयोग करें और विद्यार्थियों से एक-एक विशेषता को कारण सहित सही स्थान पर रखने को कहें
15कक्षा 6 से 8 के विद्यार्थियों को यह विषय पढ़ाते समय कौन-सा व्यापक क्रम सबसे उपयुक्त रहेगा?
Aगुप्त काल, उत्तर-गुप्त काल, मौर्य काल
Bमौर्य काल, गुप्त काल, उत्तर-गुप्त काल
Cउत्तर-गुप्त काल, मौर्य काल, गुप्त काल
Dमौर्य काल, उत्तर-गुप्त काल, गुप्त काल