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संस्कृत समास MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न

RAS/RPSC तैयारी के लिए संस्कृत समास के 10 प्रश्न हल करें।

अभ्यास प्रश्न

प्र.1कौन-सा समास बहुव्रीहि है, जिसमें समस्त पद किसी तीसरे (बाहरी) अर्थ का बोध कराता है, न कि अपने किसी घटक पद का?

A नीलोत्पलम् (नीला कमल)
B दशाननः (रावण)
C रामलक्ष्मणौ (राम और लक्ष्मण)
D यथाशक्ति (शक्ति के अनुसार)
व्याख्या

"दशाननः" का विग्रह "दश आननानि यस्य सः" है, अर्थात् जिसके दस मुख हैं; यह रावण के लिए कहा जाता है, जो "दश" और "आनन" दोनों पदों से अलग है। यही बाहरी अर्थ की कसौटी बहुव्रीहि का मर्म है। "नीलोत्पलम्" कमल ही रहता है, अतः कर्मधारय; "रामलक्ष्मणौ" गुप्त "च" से दो समान नाम, अतः द्वन्द्व; "यथाशक्ति" का पहला पद प्रधान अव्यय, अतः अव्ययीभाव।

प्र.2"नीलोत्पलम्" और "नीलकण्ठः" दोनों "नील" से आरम्भ हैं। केवल "नीलकण्ठः" बहुव्रीहि क्यों है?

A क्योंकि "नीलकण्ठः" में "नीलोत्पलम्" से अधिक अक्षर हैं
B क्योंकि "नीलकण्ठः" का अर्थ है—जिसका कण्ठ नीला है; यह "यस्य" से बाहरी सत्ता (शिव) को बताता है
C क्योंकि "नीलकण्ठः" में "नील" संख्यावाची है
D क्योंकि "नीलकण्ठः" का पहला पद अव्यय है
व्याख्या

"नीलोत्पलम्" अब भी कमल को कहता है, अतः विशेषण-विशेष्य समान-विभक्ति सम्बन्ध इसे कर्मधारय बनाता है। "नीलकण्ठः" का विग्रह "नीलः कण्ठः यस्य सः" शिव को कहता है, जो "नील" व "कण्ठ" दोनों से बाहर है, अतः "यस्य" परीक्षण इसे बहुव्रीहि बनाता है। अक्षर-गणना अप्रासंगिक; "नील" रंग है, संख्या नहीं, अतः द्विगु नहीं; "नील" विशेषण है, अव्यय नहीं, अतः अव्ययीभाव नहीं। बाहरी-अर्थ परीक्षण निर्णायक है।

प्र.3कौन-सा समास द्वन्द्व है, जिसके विग्रह में दोनों पद "च" से जुड़े होते हैं?

A देवालयः (मंदिर)
B महापुरुषः (महान पुरुष)
C मातापितरौ (माता और पिता)
D उपकृष्णम् (कृष्ण के पास)
व्याख्या

"मातापितरौ" का विस्तार "माता च पिता च" है, अर्थात् माता और पिता। ये दो स्वतंत्र, समान संज्ञाएँ हैं, जिनमें "च" निहित रहता है और रूप द्विवचन में आता है; यही द्वन्द्व है। "देवालयः" में षष्ठी संबंध निकलता है, अतः यह तत्पुरुष है; "महापुरुषः" में समान-विभक्ति वाला विशेषण-विशेष्य संबंध है, अतः कर्मधारय है; "उपकृष्णम्" में पहला पद अव्यय प्रधान है, अतः अव्ययीभाव है। दो समान पदों के बीच "और" लगाकर जाँच करना द्वन्द्व पहचानने का भरोसेमंद संकेत है।

प्र.4"राजपुरुषः" का विग्रह "राज्ञः पुरुषः" है। यह कौन-सा समास है?

A तत्पुरुष
B अव्ययीभाव
C बहुव्रीहि
D द्वन्द्व
व्याख्या

विग्रह "राज्ञः पुरुषः" षष्ठी सम्बन्ध दिखाता है और अर्थ अन्तिम पद "पुरुषः" पर टिकता है, अर्थात् राजा का पुरुष। छिपी विभक्ति वाला पद और प्रधान उत्तर-पद ही तत्पुरुष है। अव्ययीभाव इसलिए नहीं कि पहला पद अव्यय नहीं; बहुव्रीहि इसलिए नहीं कि "यस्य" से कोई बाहरी अर्थ नहीं; द्वन्द्व इसलिए नहीं कि पद "च" से समान रूप में जुड़े नहीं हैं।

प्र.5विचार करें: (1) पहले विग्रह लिखो। (2) द्विगु का पहला पद संख्या है। (3) बहुव्रीहि में अर्थ समास के भीतर ही रहता है। कौन-से कथन सही हैं?

A केवल (1) और (3)
B केवल (2) और (3)
C (1), (2) और (3) सभी सही
D केवल (1) और (2)
व्याख्या

कथन 1 सही मुख्य रणनीति है: पहले विग्रह करना चाहिए, फिर प्रधान पद की पहचान करनी चाहिए। कथन 2 सही है: द्विगु का पहला पद सदा संख्यावाची होता है, जैसे "त्रिभुवनम्"। कथन 3 गलत है: बहुव्रीहि स्पष्ट रूप से अर्थ को सम्बन्धवाचक "यस्य" से बाहरी अर्थ की ओर ले जाता है, जैसे "पीताम्बरः" अर्थात् विष्णु। अतः केवल कथन 1 और 2 सही हैं, जो विकल्प D है। कथन 3 मानने वाले विकल्प बहुव्रीहि का लक्षण गलत बताते हैं।

आपने 10 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं

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और प्रश्न

6द्विगु समास "त्रिभुवनम्" का सही विग्रह क्या है?

Aत्रयाणां भुवनानां समाहारः
Bत्रीणि भुवनानि च
Cभुवनस्य त्रयम्
Dत्रि इव भुवनम्

7"प्रतिदिनम्" का विग्रह "दिने दिने" (हर दिन) है। यह कौन-सा समास और क्यों?

Aअव्ययीभाव, क्योंकि अव्यय "प्रति" प्रधान पहला पद है
Bतत्पुरुष, क्योंकि अन्तिम पद "दिनम्" प्रधान है
Cद्वन्द्व, क्योंकि दो शब्द बस जोड़े गए हैं
Dबहुव्रीहि, क्योंकि यह किसी बाहरी व्यक्ति को दर्शाता है

8एक बच्चा कहता है कि "हिमालयः" केवल सन्धि है, समास नहीं। यह कथन अधूरा क्यों है?

Aक्योंकि सन्धि-स्थल पर कोई ध्वनि बदलती ही नहीं
Bक्योंकि "हिमालयः" का विस्तार ही नहीं हो सकता
Cक्योंकि विग्रह "हिमस्य आलयः" विभक्ति-सम्बन्ध दिखाता है, अतः यह तत्पुरुष भी है
Dक्योंकि हर सन्धि-शब्द स्वतः द्वन्द्व होता है

9मिलाएँ: (1) यथाशक्ति (2) राजपुरुषः (3) पीताम्बरः (4) रामलक्ष्मणौ — अव्ययीभाव, तत्पुरुष, बहुव्रीहि, द्वन्द्व से।

A1-तत्पुरुष, 2-अव्ययीभाव, 3-द्वन्द्व, 4-बहुव्रीहि
B1-अव्ययीभाव, 2-तत्पुरुष, 3-बहुव्रीहि, 4-द्वन्द्व
C1-द्वन्द्व, 2-बहुव्रीहि, 3-तत्पुरुष, 4-अव्ययीभाव
D1-तत्पुरुष, 2-द्वन्द्व, 3-अव्ययीभाव, 4-बहुव्रीहि

10तत्पुरुष समास "ग्रामगतः" (गाँव गया हुआ) का सही विग्रह क्या है?

Aग्रामः च गतः च (च-युक्त)
Bग्रामस्य गतः (षष्ठी)
Cग्रामेण गतः (तृतीया)
Dग्रामं गतः (द्वितीया)

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