MCQ
संस्कृत शब्द-रूप और धातु-रूप MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न
RAS/RPSC तैयारी के लिए संस्कृत शब्द-रूप और धातु-रूप के 10 प्रश्न हल करें।
अभ्यास प्रश्न
प्र.1विचार कीजिए: (1) राम का तृतीया एकवचन रामेण है। (2) लता का चतुर्थी एकवचन लतायाः है। कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
कथन 1 सही है: अकारान्त पुंलिङ्ग राम का तृतीया एकवचन रामेण ('राम द्वारा') होता है। कथन 2 गलत है: आकारान्त स्त्रीलिङ्ग लता का चतुर्थी एकवचन लतायै है, जबकि लतायाः पञ्चमी एवं षष्ठी एकवचन है। अतः केवल कथन 1 सही है। यहाँ उलझाने वाला बिंदु लता के मिलते-जुलते रूप (लतायै बनाम लतायाः बनाम लतायाम्) हैं; हर प्रत्यय को उसके कारक से जोड़कर देखें तो कथन 2 गलत ठहरता है।
प्र.2अभिकथन (A): अस्मद् का द्वितीया एकवचन माम् है। कारण (R): अस्मद् सर्वनाम है; इसके रूप किसी एक निश्चित प्रकृति के अनुसार नहीं चलते, बल्कि अनियमित होते हैं। सही विकल्प चुनिए।
A एवं R दोनों सत्य हैं: अस्मद् का द्वितीया एकवचन माम् (अनुबन्ध मा) है, एवं अस्मद् सर्वनाम अनियमित रूप से चलता है (अहम्, माम्, मया, मह्यम्, मत्, मम, मयि)। किन्तु R केवल सामान्य अनियमितता बताता है, यह नहीं कि विशिष्ट द्वितीया एकवचन माम् ही क्यों है — वह कण्ठस्थ सर्वनाम-परिपाटी से आता है, नियम-रूप अनियमितता से नहीं। अतः R सत्य है पर A की पूर्ण व्याख्या नहीं करता।
प्र.3गम् धातु का रूप गच्छेत् किस लकार का है तथा वह क्या व्यक्त करता है?
गच्छेत् गम् धातु का विधिलिङ् प्रथम-पुरुष एकवचन रूप है, जो 'जाना चाहिए' (विधि, परामर्श या सम्भावना) व्यक्त करता है। बाकी विकल्प उसी पुरुष-वचन के अन्य लकार हैं: गच्छति लट् (जाता है, वर्तमान), अगच्छत् लङ् (गया, भूत) एवं गच्छतु लोट् (वह जाए, आज्ञा)। REET में बार-बार आने वाला भ्रम लकार और काल के मेल को लेकर होता है, इसलिए काल/भाव का नाम स्पष्ट कर देने से चारों अलग हो जाते हैं।
प्र.4'ते विद्यालयम् ___' (वे विद्यालय ___, भूतकाल) में गम् धातु के लङ् प्रथम-पुरुष बहुवचन रूप की सही क्रिया कौन-सी है?
कर्ता ते प्रथम-पुरुष बहुवचन है एवं वाक्य भूतकाल है, अतः क्रिया लङ् बहुवचन होनी चाहिए। गम् का लङ् प्रथम-पुरुष बहुवचन अगच्छन् ('वे गए') है, जो भूत-आगम अ- एवं बहुवचन-प्रत्यय से बनता है। अगच्छत् लङ् पर एकवचन (वह गया) है, गच्छन्ति लट् वर्तमान (वे जाते हैं) है, एवं गच्छन्तु लोट् आज्ञा (वे जाएँ) है। यह प्रश्न दो बार-बार आने वाले फंदे एक साथ रखता है — लकार-काल-मेल एवं वचन-असंगति — अतः आगम एवं बहुवचन-प्रत्यय दोनों जाँचने होंगे।
प्र.5अकारान्त नपुंसकलिंग शब्द 'फल' के रूपों में प्रथमा बहुवचन का सही रूप कौन-सा होता है?
नपुंसक शब्द फल पुंलिङ्ग राम से केवल प्रथमा एवं द्वितीया में भिन्न है। इसका प्रथमा बहुवचन फलानि है (द्वितीया बहुवचन भी), यही नपुंसक की पहचान का रूप है। फलाः तो राम जैसे पुंलिङ्ग का बहुवचन है, इसलिए यह गलत विकल्प है; फलम् एकवचन है; फले द्विवचन है। यह नपुंसक और पुंलिङ्ग का प्रसिद्ध भेद है, जो REET में अक्सर पूछा जाता है: केवल पहले दो कारक बदलते हैं, बाकी राम जैसे ही चलते हैं।
आपने 10 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं
संस्कृत शब्द-रूप और धातु-रूप पर अनलिमिटेड अभ्यास RAS टेस्ट सीरीज़ + प्रैक्टिस पैक या गेट पास में मिलता है।
और प्रश्न
6वाक्य 'सः ___' में भू धातु के लट् रूप से व्याकरणिक दृष्टि से सही क्रिया कौन-सी है?
7पठ् धातु का विधिलिङ् उत्तम-पुरुष एकवचन ('मुझे पढ़ना चाहिए') रूप क्या है?
8ईकारान्त स्त्रीलिङ्ग शब्द नदी का चतुर्थी एकवचन कौन-सा है?
9अकारान्त पुंलिङ्ग शब्द राम का सप्तमी एकवचन रूप क्या है?
10पठ् के प्रथम-पुरुष एकवचन रूपों को लकार से मिलाइए: (क) पठति (ख) अपठत् (ग) पठतु (घ) पठिष्यति।
