MCQ
संस्कृत शिक्षण — विधियाँ, सामग्री, कक्षा-अभ्यास MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न
RAS/RPSC तैयारी के लिए संस्कृत शिक्षण — विधियाँ, सामग्री, कक्षा-अभ्यास के 10 प्रश्न हल करें।
अभ्यास प्रश्न
प्र.1दो कथन पढ़ें। कथन 1: NEP 2020 की 5+3+3+4 रचना कक्षा 6 से 8 को मध्य स्तर में रखती है। कथन 2: पहली भाषा से संस्कृत में स्थानांतरण को स्पष्ट करना बहुभाषी कक्षा को संसाधन मानता है। कौन-सा सही है?
दोनों कथन सही हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की 5+3+3+4 संरचना कक्षा 6 से 8 को मध्य स्तर में रखती है। शिक्षार्थी की पहली भाषा और संस्कृत के साझा धातु-संबंध तथा शब्द-क्रम को स्पष्ट करना बहुभाषी कक्षा को बाधा के बजाय संसाधन बनाता है। भ्रमकारी विकल्प एक या दोनों सही कथनों को नकारते हैं; केवल विकल्प D दोनों की पुष्टि करता है और कथन 2 को बहुभाषिकता पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति के बल का सही अनुप्रयोग मानता है।
प्र.2एक शिक्षक एक ही पाठ में अर्थ के लिए प्रत्यक्ष विधि, प्रतिरूप-अभ्यास के लिए संरचनात्मक-परिस्थितिजन्य विधि, नियम के लिए सूत्र विधि, और कठिन शब्द के लिए संक्षिप्त अनुवाद प्रयोग करता है। जान-बूझकर किए गए इस संयोजन के लिए किस विधि का नाम सबसे उपयुक्त होगा?
एक ही पाठ में प्रत्यक्ष, संरचनात्मक-परिस्थितिजन्य, सूत्र और अनुवाद विधियों को सोच-समझकर, हर विधि को उसके सबसे उपयुक्त उद्देश्य के लिए काम में लेना समुच्चय विधि है। इसका सिद्धांत यह है कि कोई एक विधि हर लक्ष्य पूरी नहीं कर सकती। बाकी विकल्प किसी एक पहलू को ही पूरी विधि मान बैठते हैं: पाठशाला विधि सिर्फ़ वाचन है, अनुवाद विधि एक छोटा चरण भर है, और सूत्र विधि सिर्फ़ नियमों तक सीमित है। केवल समुच्चय विधि ही इन सबके सही मेल को सही नाम देती है।
प्र.3जोसेफ अभी "कः पठति" का उत्तर अकेले नहीं दे पाता, लेकिन वाक्य का आरंभ मिलने पर उसे पूरा कर देता है; शिक्षिका पहले आरंभ देती है, फिर केवल चित्र दिखाती है, और फिर कोई संकेत नहीं देती। इस घटते सहारे को कौन-सी अवधारणा सबसे ठीक नाम देती है?
शिक्षिका जोसेफ से वह काम सहारा देकर कराती है जो वह अभी अकेले नहीं कर पाता, फिर अपने संकेत को वाक्य की शुरुआत से घटाकर चित्र तक और अंत में शून्य तक जान-बूझकर कम करती जाती है। यह वायगोत्स्की का निकटस्थ विकास का क्षेत्र है, जिसे सहारे (स्कैफोल्डिंग) के ज़रिए लागू किया जाता है और बच्चे की पकड़ बढ़ने पर धीरे-धीरे हटाया जाता है। बाकी विकल्प परिचित सिद्धांतकारों के नाम दोहराते हैं: क्रेशन का भावात्मक छन्ना (एफ़ेक्टिव फ़िल्टर) चिंता से जुड़ा है, पियाजे की औपचारिक-संक्रियात्मक एक अवस्था है, और चॉम्स्की का सार्वभौम व्याकरण एक जन्मजात संरचना है; इनमें से कोई भी यहाँ बताया गया घटते-सहारे वाला तरीका नहीं है।
प्र.4आराध्या की शिक्षिका वर्तमान-काल के क्रिया-रूप को क्रिया और चित्रों से दिखाती है, उसे संदर्भ सहित अभ्यास कराती है, और उसके बाद ही रूप-माला के नियम बताती है। यह क्रम कक्षा 6 से 8 के लिए शिक्षणशास्त्रीय रूप से सही क्यों है?
शिक्षिका पहले क्रिया और चित्र, फिर परिस्थितिजन्य अभ्यास, फिर प्रतीक रूप-माला नियम की ओर बढ़ती है। यह ब्रूनर का क्रिया-प्रतिमा-प्रतीक क्रम है और पियाजे की इस बात से मेल खाता है कि मूर्त-संक्रियात्मक शिक्षार्थी को अमूर्तन से पहले मूर्त आधार चाहिए। फंदे हैं क्रम-उलटाव (किसी उदाहरण से पहले नियम रटना), नियम बताने पर झूठा पाठ्यक्रम-निषेध, और अनुवाद-विधि अति-प्रयोग। केवल विकल्प C इस अवस्था के लिए सही सिद्धान्त-आधारित क्रम बताता है।
प्र.5कक्षा 6 से 8 में संस्कृत पढ़ाते समय केवल शुद्ध प्रत्यक्ष विधि अपनाने की मुख्य सीमा को कौन-सा कथन सही ढंग से बताता है?
प्रत्यक्ष विधि चीज़ों और कामों के ज़रिए, मातृभाषा में अनुवाद किए बिना, अर्थ अच्छी तरह समझा देती है, पर व्याकरण के अमूर्त नियम समझाने में कमज़ोर पड़ जाती है। इसीलिए तय क्रम में, अर्थ पक्का हो जाने के बाद, सूत्र (संरचना) विधि लाई जाती है। बाकी विकल्प तरीकों को आपस में मिला देते हैं: विकल्प C असल में अनुवाद विधि बता रहा है, विकल्प D पाठशाला विधि की पढ़ने वाली खूबी जोड़ देता है, और विकल्प A यह मानने से ही इनकार कर देता है कि प्रत्यक्ष विधि अर्थ समझाती है, और इसकी कमज़ोरी को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करता है। सिर्फ़ विकल्प B ही असली कमज़ोरी और उसे सुधारने वाली सही जोड़ी बताता है।
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और प्रश्न
6अभिकथन: बोलचाल में संस्कृत सिखाने के लक्ष्य के लिए रटकर पाठशाला-जैसा वाचन कराने की अपेक्षा सम्भाषण विधि अधिक उपयुक्त है। कारण: सतत एवं व्यापक मूल्यांकन केवल याद किए हुए पाठ को नहीं, भाषा-प्रयोग को भी आँकता है। सही विकल्प चुनें।
7एक संस्कृत शिक्षक बच्चों के स्तर से थोड़ा ऊपर की भाषा-सामग्री देता है और कक्षा का माहौल कम तनाव वाला रखता है, ताकि चिंता सीखने में बाधा न बने। कौन-से सिद्धान्तकार की अवधारणाएँ इस अभ्यास को सर्वोत्तम समझाती हैं?
8मीना की शिक्षिका वर्ष में तीन बार क्रिया रूप-माला फिर लाती है, हर बार कठिन प्रसंग और अधिक रूपों के साथ। यह पुनरावृत्ति-रचना किस सिद्धान्तकार की अवधारणा पर आधारित है?
9विधि-सूची: I पाठशाला, II सूत्र, III अनुवाद, IV सम्भाषण। विशेषता-सूची: 1 पहली भाषा और संस्कृत को जोड़ती है, 2 गुरु के नेतृत्व में मौखिक वाचन, 3 बोलचाल का आदान-प्रदान कराती है, 4 सूत्र के रूप में नियम बताती है। प्रत्येक विधि को उसकी मुख्य विशेषता से मिलाकर सही मिलान चुनें।
10निम्नलिखित में से कौन राजस्थान बोर्ड संस्कृत (वैकल्पिक) पाठ्यक्रम खंड में शिक्षण विधि के रूप में नाम से दिया गया है, न कि व्याकरण-सामग्री?
