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मृदा MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न

RAS/RPSC तैयारी के लिए मृदा के 137 प्रश्न हल करें।

अभ्यास प्रश्न

प्र.1भारत सरकार ने मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना किस वर्ष शुरू की थी?

A 2013
B 2015
C 2017
D 2019
व्याख्या

मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना 19 फरवरी 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के सूरतगढ़ से शुरू की। यह 12 मापदंडों की जाँच करती है: वृहद पोषक तत्वों में नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटैशियम और सल्फर; सूक्ष्म पोषक तत्वों में जिंक, आयरन, कॉपर, मैंगनीज़ और बोरॉन; साथ में पीएच, विद्युत चालकता और जैविक कार्बन। कार्ड हर 2 वर्ष में जारी किए जाते हैं।

प्र.2निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राजस्थान में पूर्वी मैदानों की जलोढ़ मिट्टी गेहूँ और चावल से जुड़ी है। 2. पश्चिमी राजस्थान की बालुई मरुस्थलीय मिट्टी मुख्य रूप से सोयाबीन और कपास से जुड़ी है। 3. हाड़ौती क्षेत्र की काली मिट्टी सोयाबीन और कपास से जुड़ी है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

A केवल 1 और 2
B केवल 2 और 3
C 1, 2 और 3
D केवल 1 और 3
व्याख्या

कथन 1 सही है क्योंकि भरतपुर, अलवर और जयपुर जैसे पूर्वी मैदानी क्षेत्रों की जलोढ़ मिट्टी गेहूँ और चावल से जोड़ी जाती है। कथन 2 गलत है क्योंकि पश्चिमी राजस्थान की बालुई या मरुस्थलीय मिट्टी सोयाबीन और कपास से नहीं, बल्कि सूखा-सहिष्णु बाजरा और ज्वार से जुड़ी है। कथन 3 सही है क्योंकि कोटा, बूंदी और झालावाड़ वाले हाड़ौती क्षेत्र की काली मिट्टी सोयाबीन और कपास से जुड़ी है।

प्र.3राजस्थान में लवणीय/क्षारीय मिट्टी मुख्यतः निम्नलिखित में से किस झील क्षेत्र के आसपास पाई जाती है?

A सांभर, डीडवाना और पचपदरा
B पुष्कर, सिलीसेढ़ और राजसमंद
C जयसमंद, मेजा और नक्की
D फतेह सागर, उदय सागर और पिच्छोला
व्याख्या

राजस्थान में लवणीय और क्षारीय मिट्टी (स्थानीय रूप से ऊसर, कल्लर या रेह कहलाती है) मुख्यतः सांभर (नागौर/जयपुर), डीडवाना (नागौर) और पचपदरा (बाड़मेर) की लवण झील बेसिन के आसपास पाई जाती है। ये झीलें मौसमी रूप से सूखती हैं और सोडियम क्लोराइड व सोडियम सल्फेट के निक्षेप छोड़ती हैं जिससे मिट्टी की लवणता बढ़ती है। पुनरुद्धार के लिए जिप्सम (कैल्शियम सल्फेट) का प्रयोग किया जाता है, जो सोडियम आयनों की जगह कैल्शियम डालकर मिट्टी की संरचना सुधारता है।

प्र.4राजस्थान में लवणीय (ऊसर) मिट्टी मुख्य रूप से कहाँ पाई जाती है?

A दक्षिणी पहाड़ी क्षेत्र
B खारी झीलों के आसपास (सांभर, डीडवाना, पचपदरा)
C हाड़ौती पठार
D भरतपुर और धौलपुर
व्याख्या

खारी (ऊसर/रेह) मिट्टी राजस्थान में सांभर, डीडवाना, पचपदरा और लूणकरणसर जैसे नमक झील बेसिनों के आसपास पाई जाती है। अधिक वाष्पीकरण और खराब जल निकासी के कारण इन क्षेत्रों में नमक का संचय होता है।

प्र.5राजस्थान की मिट्टियों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राजस्थान की मिट्टियों में कार्बनिक कार्बन सामान्यतः पश्चिमी शुष्क पट्टी से पूर्वी क्षेत्रों की ओर बढ़ता है। 2. पश्चिमी शुष्क मिट्टियों में विरल वनस्पति, अधिक तापमान और कम वर्षा के कारण कार्बनिक कार्बन अक्सर 0.5 प्रतिशत से कम होता है। 3. लवण-क्षारीय मिट्टियों के स्थायी सुधार के लिए केवल गहरी जुताई पर्याप्त है। 4. राजस्थान की कृषि मिट्टियों में जस्ता की कमी सबसे व्यापक सूक्ष्म पोषक-तत्व कमी है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

A केवल 1 और 2
B केवल 2, 3 और 4
C केवल 1 और 3
D केवल 1, 2 और 4
व्याख्या

कथन 1 सही है क्योंकि कार्बनिक कार्बन की प्रवृत्ति पश्चिम से पूर्व की ओर स्पष्ट वृद्धि के रूप में दी गई है। कथन 2 सही है क्योंकि पश्चिमी शुष्क मिट्टियों में विरल वनस्पति, उच्च तापमान और कम वर्षा के कारण कार्बनिक कार्बन अक्सर 0.5 प्रतिशत से कम होता है। कथन 3 गलत है क्योंकि केवल गहरी जुताई अस्थायी और अपूर्ण सुधार देती है; स्थायी सुधार के लिए जिप्सम, लीचिंग, उचित जल-निकासी और जैव-उपचार उपाय जरूरी हैं। कथन 4 सही है क्योंकि राजस्थान की मिट्टियों में जस्ता की कमी सबसे व्यापक सूक्ष्म पोषक-तत्व कमी बताई गई है।

आपने 137 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं

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और प्रश्न

6राजस्थान की मिट्टी और फसलों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हाड़ौती क्षेत्र की काली कपास मिट्टी दक्कन ट्रैप से जुड़ी है और कपास तथा सोयाबीन के लिए उपयुक्त है। 2. सोयाबीन की खेती काली मिट्टी के कारण कोटा, बूंदी, झालावाड़ और बारां में केंद्रित है। 3. जलोढ़ मिट्टी मुख्यतः पश्चिमी बालू मरुस्थल में पाई जाती है और पवन क्रिया से जमा होती है। 4. वर्टिसोल गहरी दरारदार मृत्तिका मिट्टियाँ हैं जिनमें सिकुड़ने-फूलने की प्रवृत्ति अधिक होती है और वे दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में पाई जाती हैं। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 1, 2 और 4
Cकेवल 2 और 3
Dकेवल 1, 3 और 4

7राजस्थान की मिट्टियों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पश्चिमी थार क्षेत्र की रेतीली शुष्क मिट्टी में कार्बनिक पदार्थ और नाइट्रोजन कम होते हैं। 2. जलोढ़ मिट्टी मुख्य रूप से पूर्वी मैदानों में पाई जाती है और राजस्थान की सबसे उपजाऊ मिट्टी मानी जाती है। 3. अलवर-भरतपुर-धौलपुर-करौली पट्टी मुख्यतः वायु द्वारा निक्षेपित रेतीली मरुस्थलीय मिट्टी के लिए जानी जाती है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

Aकेवल 1 और 3
Bकेवल 1 और 2
Cकेवल 2 और 3
D1, 2 और 3

8राजस्थान की मिट्टी के प्रकारों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. लाल मिट्टी मुख्यतः डूंगरपुर, बाँसवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और उदयपुर जिलों में पाई जाती है। 2. इन मिट्टियों का लाल रंग विसरित लौह ऑक्साइड या हेमेटाइट के कारण होता है। 3. राजस्थान में मिट्टी के वर्गीकरण की एक पुरानी पद्धति मिट्टियों को 8 समूहों में रखती है, जिनमें मरुस्थलीय, बालू-टीलों से संबद्ध, भूरी, सियेरोजेम, लाल दोमट, पहाड़ी, लवणीय-सोडिक और जलोढ़ या काली मिट्टी शामिल हैं। 4. राजस्थान की जलोढ़ मिट्टी मुख्यतः पश्चिमी बालू-टीलों में पाई जाती है और उसे सबसे कम उपजाऊ मिट्टी बताया गया है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 2 और 4
Cकेवल 1, 2 और 3
Dकेवल 1, 3 और 4

9राजस्थान की काली कपास मिट्टी के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसकी जल-धारण क्षमता बहुत अधिक होती है। 2. इसमें मॉन्टमोरिलोनाइट मृत्तिका होती है, जो गीली होने पर फूलती है। 3. यह बनावट में रेतीली होती है, इसलिए बहुत जल्दी सूख जाती है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

A1 और 3 ही
Bकेवल 2
C1, 2 और 3
D1 और 2 ही

10राजस्थान में लेटराइट मिट्टी के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, उदयपुर और प्रतापगढ़ जैसे दक्षिणी आदिवासी जिलों में मिलती है। 2. इसका संबंध अधिक वर्षा और निक्षालन से है। 3. यह मुख्यतः जैसलमेर और बाड़मेर के पश्चिमी मरुस्थलीय जिलों में पवन निक्षेप से मिलती है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

A1 और 3 ही
B1, 2 और 3
C1 और 2 ही
Dकेवल 3

11राजस्थान के कुछ मृदा समूहों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. लाल दोमट मिट्टियाँ डूंगरपुर, बांसवाड़ा तथा उदयपुर और चित्तौड़गढ़ के कुछ भागों में सामान्य हैं। 2. पहाड़ी मिट्टियाँ सिरोही, पाली और उदयपुर जैसे जिलों में अरावली की तलहटी में सामान्य हैं। 3. लवणीय-सोडिक मिट्टियाँ पचपदरा और सांभर जैसे प्राकृतिक अवसादों में सामान्य हैं। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

Aकेवल 1 और 2
B1, 2 और 3
Cकेवल 2 और 3
Dकेवल 1

12पश्चिमी राजस्थान की मिट्टी पर अतिचराई के प्रभाव के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. अतिचराई विरल वनस्पति आवरण को हटाकर वायु अपरदन और मरुस्थलीकरण को तेज करती है। 2. कार्बनिक पदार्थ की हानि से मिट्टी की जल-धारण क्षमता घटती है, जिससे सूखे का तनाव अधिक होता है। 3. अतिचराई से पशुओं के पैरों के दबाव से मिट्टी सघन हो जाती है, जिससे अंतःस्यंदन दर घटती है। 4. अतिचराई से क्षरित चरागाहों में मिट्टी की संरचना और अंतःस्यंदन दर बेहतर हो जाती है।

Aकेवल 1 और 4
Bकेवल 1, 2 और 3
Cकेवल 2 और 3
D1, 2, 3 और 4

13राजस्थान में मृदा-फसल संबंधों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हाड़ौती पट्टी की काली मिट्टी सोयाबीन और कपास से जुड़ी है। 2. पूर्वी मैदानों की जलोढ़ मिट्टी गेहूँ और चावल से जुड़ी है। 3. पश्चिमी राजस्थान की बालुई या मरुस्थलीय मिट्टी बाजरा और ज्वार से जुड़ी है। 4. काली मिट्टी के कारण सोयाबीन की खेती गंगानगर और हनुमानगढ़ में केंद्रित है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 2, 3 और 4
Cकेवल 1, 2 और 3
D1, 2, 3 और 4

14राजस्थान की मिट्टी में कार्बनिक कार्बन (OC) की मात्रा के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

Aपश्चिमी राजस्थान की मिट्टी में पूर्वी राजस्थान की तुलना में आमतौर पर OC अधिक होता है, क्योंकि मरुस्थलीय झाड़ियों से अधिक जैवभार मिलता है।
Bपूर्वी राजस्थान की मिट्टी (हाड़ौती, मेवाड़) में अधिक वर्षा, घनी वनस्पति और अधिक जैविक सक्रियता के कारण शुष्क पश्चिमी मिट्टी की तुलना में सामान्यतः अधिक OC होता है।
Cराजस्थान में सभी मिट्टी के प्रकारों में OC की मात्रा एकसमान वितरित है।
Dसॉइल हेल्थ कार्ड के डेटा से पता चलता है कि OC की कमी केवल थार मरुस्थल की समस्या है, पूर्वी जिलों में नहीं।

15राजस्थान में लैटेराइट मिट्टी किन जिलों में पाई जाती है?

Aअलवर और भरतपुर
Bकोटा और बूंदी
Cबांसवाड़ा और डूंगरपुर
Dजैसलमेर और बाड़मेर

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