MCQ
राजस्थान की जलवायु, मृदा एवं प्राकृतिक वनस्पति MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न
RAS/RPSC तैयारी के लिए राजस्थान की जलवायु, मृदा एवं प्राकृतिक वनस्पति के 20 प्रश्न हल करें।
अभ्यास प्रश्न
प्र.1कथन: पश्चिमी राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम मानसून की अरब सागर शाखा से पर्वतीय वर्षा कमजोर मिलती है। कारण: अरावली पर्वतमाला लगभग दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व दिशा में चलती है और उस मानसूनी शाखा के लगभग समानांतर है।
राजस्थान की वर्षा को यह कहकर नहीं समझना चाहिए कि अरावली सभी बादलों को रोक देती है। अरावली लगभग दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व दिशा में है और अरब सागर शाखा के लगभग समानांतर है। इसलिए हवाएँ पर्वत को काटकर ऊपर उठने के बजाय उसके साथ-साथ चलती हैं। इसी कारण पश्चिमी राजस्थान में पर्वतीय वर्षा कमजोर रहती है। इसलिए पश्चिमी भाग में कमजोर पर्वतीय वर्षा वाला कथन और अरावली की दिशा वाला कारण दोनों सही हैं, और कारण कथन को समझाता है।
प्र.2राजस्थान के वन्यजीव और संरक्षण स्थलों के बारे में निम्न में से कौन-सा कथन गलत है?
भरतपुर के केवलादेव घना को आर्द्रभूमि राष्ट्रीय उद्यान, रामसर स्थल, UNESCO विश्व धरोहर स्थल और महत्त्वपूर्ण पक्षी-आवास बताया गया है। इसे मरुस्थलीय आवास नहीं मानना चाहिए। मरुस्थलीय आवास का उदाहरण जैसलमेर और बाड़मेर का मरुस्थल राष्ट्रीय उद्यान है, जिसे गोडावण से जोड़ा गया है। सांभर झील का लवणीय आर्द्रभूमि होना और खेजड़ली का 1730 के बिश्नोई बलिदान से जुड़ना, दोनों समर्थित तथ्य हैं।
प्र.3राजस्थान की मिट्टियों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए। कथन 1: पश्चिमी राजस्थान की मरुस्थलीय मिट्टी रेतीली, हल्के रंग की, कम ह्यूमस वाली और कम जल-धारण क्षमता वाली होती है। कथन 2: काली मिट्टी दक्षिण-पूर्वी हाड़ौती क्षेत्र से जुड़ी है और चिकनी बनावट के कारण इसमें नमी रोकने की क्षमता अधिक होती है। कथन 3: लाल मिट्टी मुख्यतः जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर से जुड़ी है, क्योंकि पवन-निक्षेपित रेत उसे लाल रंग देती है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
मिट्टी को उसके क्षेत्र और बनने की प्रक्रिया से जोड़ा जाता है। मरुस्थलीय मिट्टी जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर और आसपास के पश्चिमी जिलों में प्रमुख है; यह रेतीली, हल्के रंग की, कम ह्यूमस वाली और कम जल-धारण क्षमता वाली होती है। काली मिट्टी मुख्यतः दक्षिण-पूर्वी हाड़ौती पट्टी, विशेषकर कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ से जुड़ी है, और चिकनी बनावट के कारण नमी रोकती है। लाल मिट्टी डूंगरपुर, बांसवाड़ा और उदयपुर, चित्तौड़गढ़, राजसमंद के हिस्सों से जुड़ती है, जहाँ लौह-समृद्ध अपक्षय रंग देता है। इसलिए मरुस्थलीय और काली मिट्टी वाले कथन सही हैं, लाल मिट्टी वाला कथन गलत है।
प्र.4राजस्थान की प्राकृतिक वनस्पति के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?
राजस्थान में वनस्पति का क्रम वर्षा के अनुसार बदलता है। शुष्क और अर्ध-शुष्क पश्चिमी तथा मध्य भागों में उष्णकटिबंधीय कंटीली वनस्पति प्रमुख है, जिसमें खेजड़ी, रोहिड़ा, कैर, बबूल और बेर जैसी सहनशील प्रजातियाँ मिलती हैं। अपेक्षाकृत अधिक वर्षा वाले अरावली, दक्षिणी राजस्थान और हाड़ौती क्षेत्रों में शुष्क पर्णपाती वन अधिक मिलते हैं, और माउंट आबू अधिक नम तथा वनाच्छादित पहाड़ी भाग है। पश्चिमी मरुस्थल में अधिक वर्षा के कारण घने आर्द्र वन प्रमुख होने वाला कथन इसी क्रम के विरुद्ध है, इसलिए गलत है।
प्र.5मिट्टी के प्रकार को राजस्थान के सबसे उपयुक्त क्षेत्र से मिलाइए। सूची I: 1. मरुस्थलीय रेतीली मिट्टी 2. काली या रेगुर मिट्टी 3. जलोढ़ मिट्टी सूची II: क. कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ के आसपास का हाड़ौती पठार ख. पूर्वी मैदान और नदी-आधारित पट्टियाँ ग. जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर जैसे पश्चिमी जिले
राजस्थान की मिट्टियों के लिए सीधा क्षेत्रीय क्रम दिया जाता है: पश्चिम में रेतीली मिट्टी, हाड़ौती में काली मिट्टी और पूर्वी मैदान में जलोढ़ मिट्टी। मरुस्थलीय रेतीली मिट्टी जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर जैसे शुष्क पश्चिमी जिलों से जुड़ी है। काली या रेगुर मिट्टी कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ के हाड़ौती पठार में मिलती है। जलोढ़ मिट्टी पूर्वी मैदान और बनास, बाणगंगा तथा चंबल जैसी नदी-आधारित पट्टियों से जुड़ी है।
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और प्रश्न
6दक्षिण-पश्चिम मानसून की अरब सागर शाखा से पश्चिमी राजस्थान में तेज पर्वतीय वर्षा क्यों नहीं होती?
7अभिकथन: सागौन के वृक्ष राजस्थान के दक्षिणी भाग में अधिकतर पाए जाते हैं। कारण: सागौन अत्यधिक ठंड और पाले को सहन कर सकता है।
8राजस्थान में मावठ के बारे में कौन-सा कथन सही है?
9अभिकथन: पश्चिमी राजस्थान की उष्णकटिबंधीय कंटीली वनस्पति में गहरी जड़ें, छोटी पत्तियाँ, काँटे और ऋतु के अनुसार पत्ती गिराना जैसी शुष्कतानुकूल विशेषताएँ मिलती हैं। कारण: राजस्थान की प्राकृतिक वनस्पति मुख्यतः वर्षा से नियंत्रित है; वर्षा घटने पर शुष्क पर्णपाती वन से कंटीली झाड़ी और घासभूमि की ओर बदलाव होता है। सही उत्तर चुनिए।
10दक्षिण-पश्चिम मानसून की अरब सागर शाखा पश्चिमी राजस्थान में भारी पर्वतीय वर्षा क्यों नहीं करा पाती? सबसे उचित कारण चुनिए।
11सूची 1 को सूची 2 से मिलाइए और सही कूट चुनिए। सूची 1: 1. जैसलमेर 2. माउंट आबू 3. कोटा-बारां-झालावाड़ पट्टी 4. शीतकालीन पश्चिमी विक्षोभ सूची 2: क. लगभग 10 सेमी वार्षिक वर्षा ख. ऊँचाई के कारण अधिक आर्द्र स्थानीय जलवायु ग. दक्षिण-पूर्वी राजस्थान का अधिक आर्द्र भाग घ. रबी फसलों के लिए उपयोगी मावठ वर्षा
12मिट्टी के प्रकार को राजस्थान के सही क्षेत्र से मिलाइए। सूची 1: 1. मरुस्थलीय रेतीली मिट्टी 2. काली या रेगुर मिट्टी 3. जलोढ़ मिट्टी 4. लाल-पीली मिट्टी सूची 2: क. कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ का हाड़ौती पठार ख. जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर जैसे पश्चिमी शुष्क जिले ग. पूर्वी मैदानी और नदी-प्रभावित क्षेत्र घ. दक्षिणी अरावली पट्टी
13राजस्थान में मावठ कही जाने वाली हल्की शीतकालीन वर्षा मुख्यतः किस मौसम प्रणाली से जुड़ी होती है?
14दक्षिण-पश्चिम मानसून की अरब सागर शाखा पश्चिमी राजस्थान में बड़े पैमाने पर पर्वतीय वर्षा क्यों नहीं करा पाती, इसका सबसे सही भौतिक कारण क्या है?
15सूची I को सूची II से मिलाइए और सही कूट चुनिए। सूची I: 1. मरुस्थलीय मिट्टी 2. जलोढ़ मिट्टी 3. काली मिट्टी 4. लैटेराइट मिट्टी सूची II: क. पश्चिमी जिलों में पवन-निक्षेपित रेत और कम ह्यूमस ख. पूर्वी मैदानों और घाटियों में नदी-निक्षेप ग. अधिक नमी रोकने वाली हाड़ौती की चिकनी मिट्टी घ. दक्षिणी अरावली और माउंट आबू किनारों जैसी छोटी अधिक-वर्षा वाली पहाड़ी जेबें
