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अपवाह तंत्र: राजस्थान की नदियाँ एवं झीलें MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न

RAS/RPSC तैयारी के लिए अपवाह तंत्र: राजस्थान की नदियाँ एवं झीलें के 21 प्रश्न हल करें।

अभ्यास प्रश्न

प्र.1कथन 1: अरावली जलविभाजक के पूर्व और दक्षिण-पूर्व की नदियाँ सामान्यतः चंबल-यमुना-गंगा तंत्र से जुड़ती हैं। कथन 2: उत्तर-पश्चिम और मरुस्थलीय भागों में कई धाराएँ रेत, खारे मैदान, बंद अवसाद या मौसमी झीलों में समाप्त हो जाती हैं। कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

A केवल कथन 1
B कथन 1 और कथन 2 दोनों
C केवल कथन 2
D न कथन 1, न कथन 2
व्याख्या

राजस्थान के अपवाह को अरावली जलविभाजक से समझाया जाता है। इसके पूर्व और दक्षिण-पूर्व की नदियाँ सामान्यतः चंबल-यमुना-गंगा तंत्र से जुड़कर आगे बंगाल की खाड़ी की दिशा में जाती हैं। वहीं उत्तर-पश्चिम और मरुस्थलीय भागों में कई धाराएँ समुद्र तक नहीं पहुँचतीं; वे रेत, खारे मैदान, बंद अवसाद या मौसमी झीलों में समाप्त हो जाती हैं। इसलिए पूर्वी अपवाह का नियम और आंतरिक समाप्ति वाला नियम, दोनों सही हैं।

प्र.2चंबल घाटी परियोजना की संरचना को उसके स्थान या भूमिका से मिलाइए। सूची I: 1. गांधी सागर 2. राणा प्रताप सागर 3. जवाहर सागर 4. कोटा बैराज सूची II: क. कोटा में, विशेष रूप से सिंचाई के लिए महत्त्वपूर्ण ख. मध्य प्रदेश में ग. रावतभाटा में घ. कोटा के पास सही कूट कौन-सा है?

A 1-क, 2-ख, 3-ग, 4-घ
B 1-ग, 2-घ, 3-क, 4-ख
C 1-ख, 2-ग, 3-घ, 4-क
D 1-घ, 2-क, 3-ख, 4-ग
व्याख्या

चंबल घाटी परियोजना में गांधी सागर मध्य प्रदेश में है। राणा प्रताप सागर रावतभाटा से जुड़ता है। जवाहर सागर कोटा के पास आता है। कोटा बैराज कोटा में है और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान की सिंचाई में विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण है। इसलिए सही मिलान वही है जिसमें हर संरचना को दिए गए स्थान या भूमिका से जोड़ा गया हो।

प्र.3राजस्थान में अरावली श्रेणी के पूर्व और दक्षिण-पूर्व की नदियों के लिए कौन-सी अपवाह दिशा सही है?

A चंबल-यमुना-गंगा तंत्र से जुड़कर बंगाल की खाड़ी की ओर
B माही और साबरमती के माध्यम से गुजरात और अरब सागर की ओर
C मरुस्थलीय भीतरी भाग की रेत, खारे मैदानों और उथले मौसमी बेसिनों में
D लूनी तंत्र से सीधे कच्छ के रण की ओर
व्याख्या

अरावली श्रेणी को राजस्थान का मुख्य जलविभाजक बताया गया है। इसके पूर्व और दक्षिण-पूर्व की नदियाँ सामान्यतः चंबल-यमुना-गंगा तंत्र से जुड़कर अंत में बंगाल की खाड़ी की ओर मानी जाती हैं। इसी ढाँचे में चंबल, बनास, काली सिंध, पार्वती, बनगंगा और गंभीर जैसी नदियाँ आती हैं। माही और साबरमती गुजरात-अरब सागर पक्ष से जुड़ती हैं, जबकि मरुस्थलीय धाराएँ रेत या खारे मैदानों में समाप्त हो सकती हैं। इसलिए सही दिशा चंबल-यमुना-गंगा और बंगाल की खाड़ी वाली है।

प्र.4सूची I में चंबल घाटी परियोजना-श्रृंखला के भाग दिए गए हैं। इन्हें उनके स्थानों से मिलाइए। सूची I: 1. राणा प्रताप सागर बाँध 2. जवाहर सागर बाँध 3. कोटा बैराज सूची II: a. कोटा b. कोटा के पास c. रावतभाटा

A 1-a, 2-c, 3-b
B 1-c, 2-b, 3-a
C 1-b, 2-a, 3-c
D 1-c, 2-a, 3-b
व्याख्या

चंबल घाटी परियोजना का क्रम स्थिर रूप से दिया गया है। गांधी सागर मध्य प्रदेश में है, राणा प्रताप सागर रावतभाटा से जुड़ा है, जवाहर सागर कोटा के पास है और कोटा बैराज कोटा में है। प्रश्न में इन्हीं में से अंतिम तीन स्थान-संकेत पूछे गए हैं। इसलिए राणा प्रताप सागर-रावतभाटा, जवाहर सागर-कोटा के पास और कोटा बैराज-कोटा सही मिलान है। CET में चंबल को अक्सर नदी-परियोजना-स्थान मिलान से पूछा जाता है, सूक्ष्म इंजीनियरिंग विवरण से नहीं।

प्र.5सूची I में चंबल घाटी परियोजना के घटक दिए गए हैं। सूची II में उनके स्थान या स्थिति-संकेत दिए गए हैं। सूची I: 1. गांधी सागर 2. राणा प्रताप सागर 3. जवाहर सागर 4. कोटा बैराज सूची II: a. कोटा b. रावतभाटा, चित्तौड़गढ़ c. मध्य प्रदेश d. कोटा के पास सही मिलान चुनिए।

A 1-b, 2-c, 3-d, 4-a
B 1-c, 2-b, 3-a, 4-d
C 1-c, 2-b, 3-d, 4-a
D 1-d, 2-b, 3-c, 4-a
व्याख्या

चंबल घाटी परियोजना का क्रम निश्चित दिया है: गांधी सागर मध्य प्रदेश में, राणा प्रताप सागर रावतभाटा-चित्तौड़गढ़ से, जवाहर सागर कोटा के पास और कोटा बैराज कोटा से जुड़ा है। प्रश्न केवल बाँधों के नाम नहीं, स्थान-संकेत पूछ रहा है। इसलिए सही मिलान वही होगा जिसमें गांधी सागर मध्य प्रदेश से, राणा प्रताप सागर रावतभाटा-चित्तौड़गढ़ से, जवाहर सागर कोटा के पास से और कोटा बैराज कोटा से जुड़ा रहे।

आपने 21 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं

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और प्रश्न

6बनास नदी के बारे में निम्न कथनों पर विचार कीजिए। कथन 1: बनास पूरी तरह राजस्थान में बहने वाली सबसे लंबी नदी मानी जाती है। कथन 2: इसका उद्गम राजसमंद जिले के खमनोर क्षेत्र की पहाड़ियों से जुड़ा है। कथन 3: बनास पर बना बीसलपुर बाँध टोंक में है और जयपुर, अजमेर तथा टोंक की पेयजल आपूर्ति से जुड़ा है। ऊपर दिए गए कौन-से कथन सही हैं?

Aकेवल कथन 1 और 2
Bकेवल कथन 2 और 3
Cकथन 1, 2 और 3
Dकेवल कथन 3

7राजस्थान के अपवाह ढाँचे के बारे में निम्न कथनों पर विचार कीजिए: कथन 1: अरावली जलविभाजक के पूर्व और दक्षिण-पूर्व की नदियाँ सामान्यतः चंबल-यमुना-गंगा तंत्र की ओर जाती हैं। कथन 2: जलविभाजक के दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम में माही और साबरमती अरब सागर तंत्र से जुड़ती हैं। कथन 3: उत्तर-पश्चिम और मरुस्थलीय आंतरिक भागों में कई धाराएँ रेत, खारे मैदान, बंद अवसाद या मौसमी झीलों में समाप्त होती हैं। कौन-से कथन सही हैं?

Aकेवल कथन 1
Bकेवल कथन 1 और 2
Cकथन 1, 2 और 3
Dकेवल कथन 2 और 3

8कौन-सा झील या आर्द्रभूमि मिलान सही है?

Aकेवलादेव राष्ट्रीय उद्यान - 23 मार्च 1990 को रामसर स्थल 464 घोषित अंतर्देशीय खारी झील
Bसांभर झील - 23 मार्च 1990 को रामसर स्थल 464 घोषित 24000 हेक्टेयर क्षेत्र वाली अंतर्देशीय खारी आर्द्रभूमि
Cजयसमंद या ढेबर झील - जयपुर-नागौर-अजमेर क्षेत्र की खारी प्लाया
Dडीडवाना - गोमती नदी पर बने बाँध से बनी ऐतिहासिक मीठे पानी की झील

9अभिकथन: घग्घर-हकरा उत्तर राजस्थान के आंतरिक अपवाह का उदाहरण है और इसे लूनी तंत्र का भाग नहीं मानना चाहिए। कारण: इसे शिवालिक स्रोत क्षेत्र, हरियाणा-पंजाब से आने वाले मानसूनी प्रवाह, राजस्थान के हनुमानगढ़ क्षेत्र और मरुस्थलीय भाग में कमजोर पड़ती धारा से जोड़ा जाता है, न कि स्थायी नदी-जाल से। सही उत्तर चुनिए।

Aअभिकथन और कारण दोनों सही हैं, और कारण अभिकथन की सही व्याख्या करता है।
Bअभिकथन और कारण दोनों सही हैं, लेकिन कारण अभिकथन की व्याख्या नहीं करता।
Cअभिकथन सही है, लेकिन कारण गलत है।
Dअभिकथन गलत है, लेकिन कारण सही है।

10अभिकथन (A): राजस्थान में लूनी को आंतरिक या शुष्क अपवाह के साथ पढ़ा जाता है। कारण (R): इसके निचले भाग में जल खारा हो जाता है और यह समुद्र तक मजबूत सदानीरा धारा बनाने के बजाय कच्छ के रण की ओर अपना प्रवाह खो देती है। सही उत्तर चुनिए।

AA और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
BA सही है, लेकिन R गलत है।
CA गलत है, लेकिन R सही है।
DA और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या है।

11राजस्थान की वह नदी कौन-सी है जो अरब सागर अपवाह तंत्र से संबंधित है?

Aलूणी
Bबनास
Cचंबल
Dकांतली

12किस नदी को पूरी तरह राजस्थान में बहने वाली सबसे लंबी नदी बताया गया है?

Aलूनी
Bबनास
Cमाही
Dसाबरमती

13राजस्थान के अपवाह-मानचित्र में अरावली श्रेणी की भूमिका को कौन-सा कथन सही बताता है?

Aयह राजस्थान की लगभग सभी नदियों को अरब सागर की ओर भेजती है।
Bयह मुख्य जलविभाजक की तरह काम करती है: इसके पूर्व और दक्षिण-पूर्व की नदियाँ सामान्यतः चंबल-यमुना-गंगा तंत्र से जुड़ती हैं, जबकि माही और साबरमती जैसी दक्षिणी तथा दक्षिण-पश्चिमी नदियाँ गुजरात की ओर जाती हैं।
Cयह केवल मीठे पानी की झीलों को खारी झीलों से अलग करती है, नदी-अपवाह की दिशाओं को नहीं।
Dयह लूनी, घग्घर और कांतली को चंबल-यमुना-गंगा तंत्र का भाग बना देती है।

14लूनी और घग्घर-हकरा के बारे में कौन-सा कथन गलत है?

Aघग्घर-हकरा लूनी तंत्र का भाग है और कच्छ के रण की ओर बहती है
Bलूनी पुष्कर-अजमेर के पास से निकलकर पश्चिमी राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम दिशा में बहती है
Cलूनी के निचले भाग में जल खारा होता जाता है, विशेषकर बालोतरा-बाड़मेर क्षेत्र के बाद
Dघग्घर-हकरा उत्तर राजस्थान की मौसमी आंतरिक धारा है, जिसका संबंध हनुमानगढ़ और सूखे नदी-तल वाले परिदृश्य से है

15राजस्थान की झीलों और आर्द्रभूमियों के बारे में निम्न में से कौन-सा कथन गलत है?

Aभरतपुर का केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान 1981 में राजस्थान की पहली रामसर आर्द्रभूमि बना।
Bपचपदरा बीकानेर की खारी झील का संकेत है, जबकि लूणकरणसर बाड़मेर से जुड़ा है।
Cसांभर झील 23 मार्च 1990 को रामसर स्थल 464 घोषित हुई।
Dजयसमंद, जिसे ढेबर झील भी कहा जाता है, उदयपुर के दक्षिण-पूर्व की कृत्रिम मीठे पानी की झील है और गोमती नदी से जुड़ी है।

राजस्थान का भूगोल में और विषय

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