MCQ
राजस्थान के वन्यजीव अभयारण्य, राष्ट्रीय उद्यान और जैव विविधता संरक्षण MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न
RAS/RPSC तैयारी के लिए राजस्थान के वन्यजीव अभयारण्य, राष्ट्रीय उद्यान और जैव विविधता संरक्षण के 10 प्रश्न हल करें।
अभ्यास प्रश्न
प्र.1केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान के बारे में समर्थित सही मान्यता-क्रम कौन सा है?
केवलादेव को भरतपुर की प्रसिद्ध मीठे पानी वाली पक्षी आर्द्रभूमि बताया गया है। इसका मान्यता-क्रम साफ है: 1981 में यह राष्ट्रीय उद्यान घोषित हुआ, 1981 में ही रामसर आर्द्रभूमि के रूप में नामित हुआ और 1985 में UNESCO विश्व धरोहर प्राकृतिक स्थल बना। 1973, 1990, 2010 और 2022 जैसे वर्ष दूसरे संरक्षण बिंदुओं से जुड़े हैं, इसलिए उन्हें केवलादेव के मुख्य क्रम में नहीं रखा जा सकता।
प्र.2भरतपुर की कौन-सी संरक्षित जगह प्रबंधित मीठे पानी की आर्द्रभूमि है, जो प्रवासी और स्थानीय पक्षियों के लिए प्रसिद्ध है और 1985 में UNESCO विश्व धरोहर प्राकृतिक स्थल बनी?
केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान को भरतपुर की प्रबंधित मीठे पानी की आर्द्रभूमि बताया गया है, जहाँ प्रवासी और स्थानीय पक्षी प्रमुख हैं। इसी के साथ 1985 में इसके UNESCO विश्व धरोहर प्राकृतिक स्थल बनने का तथ्य दिया गया है। सांभर खारी झील है, ताल छापर कृष्णसार वाली घासभूमि है और मरु राष्ट्रीय उद्यान गोडावण तथा मरु आवास से जुड़ा है। इसलिए भरतपुर, मीठे पानी की आर्द्रभूमि, पक्षी और 1985 की विश्व धरोहर पहचान मिलकर केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान की ओर ही संकेत करते हैं।
प्र.3मुख्य आवास या संरक्षण संकेत से संरक्षित क्षेत्र का मिलान कीजिए। सूची I: 1. ताल छापर अभ्यारण्य 2. राष्ट्रीय घड़ियाल अभ्यारण्य 3. माउंट आबू अभ्यारण्य 4. कुम्भलगढ़ अभ्यारण्य सूची II: क. चंबल किनारे का नदी-आधारित ढाँचा ख. सिरोही में राज्य की सीमित पहाड़ी वनस्पति ग. चूरू का कृष्णसार घासभूमि क्षेत्र घ. राजसमंद, उदयपुर और पाली में फैला अरावली शुष्क पर्णपाती परिदृश्य
इन अभ्यारण्यों के लिए सीधे आवास-संकेत दिया जाता है। ताल छापर चूरू का कृष्णसार घासभूमि क्षेत्र है। राष्ट्रीय घड़ियाल अभ्यारण्य चंबल किनारे के नदी-आधारित ढाँचे से जुड़ा है, जहाँ घड़ियाल और अन्य नदी जीव महत्त्वपूर्ण हैं। माउंट आबू अभ्यारण्य सिरोही में राज्य की सीमित पहाड़ी वनस्पति से जुड़ता है। कुम्भलगढ़ अभ्यारण्य राजसमंद, उदयपुर और पाली में फैले अरावली शुष्क पर्णपाती परिदृश्य की रक्षा करता है। इसलिए सही मिलान 1-ग, 2-क, 3-ख, 4-घ बनता है।
प्र.4राजस्थान के बाघ अभ्यारण्य संरक्षण ढाँचे के बारे में निम्न कथनों पर विचार कीजिए। कथन 1: रामगढ़ विषधारी 2022 में अधिसूचित हुआ और रणथंभौर तथा मुकुंदरा के बीच गलियारा ढाँचे में महत्त्वपूर्ण है। कथन 2: सरिस्का को ऐसे बाघ परिदृश्य के रूप में याद किया गया है, जहाँ स्थानीय बाघ आबादी समाप्त होने के बाद रणथंभौर से बाघ पुनर्स्थापन शुरू हुआ। कथन 3: राजस्थान में बाघ संरक्षण को केवल घिरे हुए राष्ट्रीय उद्यानों के भीतर सुरक्षा के रूप में पढ़ा गया है, गलियारा संरक्षण के रूप में नहीं। ऊपर दिए गए कथनों में कौन-से सही हैं?
रामगढ़ विषधारी को 2022 में अधिसूचित बाघ अभ्यारण्य और रणथंभौर-मुकुंदरा के बीच गलियारा मूल्य वाला क्षेत्र बताया गया है, इसलिए पहला कथन सही है। सरिस्का को भी बाघ पुनर्स्थापन के उदाहरण के रूप में दिया गया है; स्थानीय बाघ आबादी समाप्त होने के बाद रणथंभौर से पुनर्स्थापन शुरू हुआ, इसलिए दूसरा कथन सही है। तीसरा कथन जानबूझकर बहुत संकीर्ण है। बाघ संरक्षण को जुड़े आवास, शिकार-प्रजाति, पानी, कम व्यवधान और संघर्ष-प्रबंधन वाली गलियारा दृष्टि से समझाया जाता है, केवल घिरे राष्ट्रीय उद्यान से नहीं। इसलिए केवल पहले दो कथन सही बैठते हैं।
प्र.5राजस्थान के बाघ अभ्यारण्य परिदृश्यों के बारे में निम्न कथनों पर विचार कीजिए। कथन 1: सरिस्का में स्थानीय बाघ आबादी समाप्त होने के बाद 2008 में रणथंभौर से बाघ पुनर्स्थापन शुरू हुआ, इसलिए यह पुनर्प्राप्ति का उदाहरण बना। कथन 2: 2022 में अधिसूचित रामगढ़ विषधारी व्यापक रणथंभौर-मुकुंदरा गलियारा ढाँचे में महत्त्वपूर्ण है। कथन 3: धौलपुर-करौली पाँचवें बाघ अभ्यारण्य के रूप में सूचीबद्ध है और पूर्वी राजस्थान के बाघ संरक्षण मानचित्र को बढ़ाता है। कथन 4: मुकुंदरा हिल्स हाड़ौती पट्टी में कोटा, बूंदी, झालावाड़ और चित्तौड़गढ़ से जुड़ा है। कौन से कथन सही हैं?
बाघ संरक्षण को केवल अलग-अलग उद्यानों से नहीं, बल्कि गलियारा सोच से समझाया जाता है। सरिस्का पुनर्प्राप्ति का उदाहरण है, क्योंकि स्थानीय बाघ आबादी समाप्त होने के बाद 2008 में रणथंभौर से पुनर्स्थापन शुरू हुआ। रामगढ़ विषधारी 2022 में अधिसूचित हुआ और रणथंभौर-मुकुंदरा गलियारे से जुड़ा है। धौलपुर-करौली राज्य सूची में पाँचवाँ बाघ अभ्यारण्य है और पूर्वी मानचित्र को बढ़ाता है। मुकुंदरा हिल्स कोटा, बूंदी, झालावाड़ और चित्तौड़गढ़ वाली हाड़ौती पट्टी से जुड़ा है। इसलिए चारों कथन सही हैं।
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और प्रश्न
6अभिकथन (A): खेजड़ली बलिदान को राजस्थान में समुदाय-आधारित संरक्षण का प्रमुख उदाहरण माना गया है। कारण (R): 1730 में जोधपुर के पास अमृता देवी बिश्नोई के नेतृत्व में 363 बिश्नोइयों ने खेजड़ी वृक्षों की रक्षा के लिए बलिदान दिया। सही उत्तर चुनिए।
7दिए संरक्षण-संदर्भ के साथ संरक्षित क्षेत्र का सही मिलान कीजिए। सूची I: 1. मरु राष्ट्रीय उद्यान 2. केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान 3. ताल छापर अभ्यारण्य 4. राष्ट्रीय चंबल अभ्यारण्य सूची II: क. कृष्णसार घासभूमि ख. नदी आधारित घड़ियाल आवास ग. खुले शुष्क आवास में गोडावण घ. मीठे पानी की आर्द्रभूमि के पक्षी
8राजस्थान में जैव विविधता शासन और सामुदायिक संरक्षण पर दिए गए निम्न में से कौन-सा कथन गलत है?
9अभिकथन (A): मरु राष्ट्रीय उद्यान को जैसलमेर-बाड़मेर के मरु आवास में गोडावण संरक्षण के प्रमुख ढाँचे के रूप में पढ़ना चाहिए। कारण (R): गोडावण को बड़े खुले घासभूमि-मरु आवास, कम व्यवधान और सुरक्षित ढाँचे की जरूरत होती है, इसलिए इस पक्षी के लिए हर जगह घना वृक्षारोपण सही संरक्षण उत्तर नहीं है। सही उत्तर चुनिए।
10कौन सा कानूनी-श्रेणी मिलान गलत है?
