MCQ
राजस्थान के खनिज एवं ऊर्जा संसाधन MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न
RAS/RPSC तैयारी के लिए राजस्थान के खनिज एवं ऊर्जा संसाधन के 20 प्रश्न हल करें।
अभ्यास प्रश्न
प्र.1अभिकथन: भड़ला को सामान्य खनिज खनन स्थल नहीं, सौर ऊर्जा स्थल के रूप में पढ़ना चाहिए। कारण: राजस्थान के पश्चिमी जिलों में अधिक सौर विकिरण, साफ आकाश, शुष्क जलवायु और कम आबादी वाले बड़े क्षेत्र सौर परियोजनाओं के लिए अनुकूल हैं। सही उत्तर चुनिए।
भड़ला को पश्चिमी राजस्थान के प्रसिद्ध सौर ऊर्जा केंद्र के रूप में पढ़ने को कहा गया है, सामान्य खनिज स्थल के रूप में नहीं। इसी के साथ कारण भी दिया गया है: अधिक धूप, साफ आकाश, शुष्क जलवायु और कम आबादी वाले बड़े मरुस्थलीय क्षेत्र। यही स्थितियाँ जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर जैसे पश्चिमी जिलों में सौर परियोजनाओं को अनुकूल बनाती हैं। इसलिए भड़ला वाला अभिकथन सही है और दिया गया कारण उसकी भौगोलिक व्याख्या भी करता है।
प्र.2अभिकथन: पश्चिमी राजस्थान सौर ऊर्जा का स्वाभाविक क्षेत्र है। कारण: इस क्षेत्र में साफ आकाश, अधिक धूप, भूमि की उपलब्धता और नियोजित प्रसारण गलियारों से निकटता मिलती है। सही उत्तर चुनिए।
राजस्थान की नवीकरणीय ऊर्जा को केवल वर्तमान क्षमता-क्रम से नहीं, बल्कि स्थायी मरुस्थलीय स्थितियों से समझाया जाता है। पश्चिमी राजस्थान में अधिक सौर विकिरण, विस्तृत सूखी भूमि, कई मरुस्थलीय भागों में कम जनसंख्या और ग्रिड-विस्तार की संभावना है। परीक्षा का संकेत साफ आकाश, अधिक धूप, भूमि की उपलब्धता और नियोजित प्रसारण गलियारों से निकटता है। यही कारण है कि भड़ला, जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर और जोधपुर-फलोदी पट्टी सौर संदर्भ बनते हैं। इसलिए कारण बताता है कि पश्चिमी राजस्थान सौर ऊर्जा का स्वाभाविक क्षेत्र क्यों है।
प्र.3सूची 1 को सूची 2 से मिलाइए। सूची 1: 1. जावर 2. खेतड़ी 3. मकराना 4. भड़ला सूची 2: क. सौर ऊर्जा ख. सीसा-जस्ता ग. संगमरमर घ. तांबा कौन-सा मिलान सही है?
परीक्षा के लिए स्थल और संसाधन के स्थिर जोड़ दिए गए हैं। जावर को उदयपुर के सीसा-जस्ता से, खेतड़ी को झुंझुनूँ के तांबे से, मकराना को नागौर के संगमरमर से और भड़ला को जोधपुर या पश्चिमी राजस्थान की सौर ऊर्जा से जोड़ा गया है। ये जोड़ धात्विक खनिज, निर्माण-पत्थर और ऊर्जा संसाधन में भ्रम रोकते हैं। इसलिए सही मिलान जावर-सीसा-जस्ता, खेतड़ी-तांबा, मकराना-संगमरमर और भड़ला-सौर ऊर्जा है।
प्र.4राजस्थान में लिग्नाइट और पेट्रोलियम के बारे में नीचे दिए कथनों पर विचार कीजिए। कथन 1: लिग्नाइट निम्न श्रेणी का भूरा कोयला है, जो बीकानेर, बाड़मेर और नागौर जैसे जिलों में मिलता है। कथन 2: 2004 में मंगला तेल-क्षेत्र की खोज के बाद बाड़मेर-सांचौर बेसिन राष्ट्रीय स्तर पर महत्त्वपूर्ण हो गया। नीचे में से कौन-सा सही है?
ऊर्जा संसाधनों के दो अलग संकेत साफ किया जाता है। लिग्नाइट को निम्न श्रेणी का भूरा कोयला बताया गया है और इसे बीकानेर, बाड़मेर तथा नागौर जैसे जिलों से जोड़ा गया है। पेट्रोलियम के लिए बाड़मेर-सांचौर बेसिन मुख्य है, जो 2004 की मंगला तेल-क्षेत्र खोज के बाद राष्ट्रीय स्तर पर महत्त्वपूर्ण हुआ। परीक्षा में कोयला क्षेत्र और पेट्रोलियम बेसिन मिलाने का भ्रम होता है, लेकिन दोनों कथनों में संसाधन और स्थान का संबंध सही रखा गया है।
प्र.5राजस्थान में खनिज-आधारित उद्योग और ऊर्जा भूगोल के बारे में निम्न में से कौन-सा कथन गलत है?
गलत कथन वह है जो पचपदरा-बाड़मेर रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल परिसर को मंगला जैसा तेलक्षेत्र मानता है। तेलक्षेत्रों और डाउनस्ट्रीम उद्योग को अलग रखा जाता है: मंगला, भाग्यम और ऐश्वर्या बाड़मेर बेसिन के पेट्रोलियम क्षेत्र हैं, जबकि पचपदरा-बाड़मेर परिसर HPCL राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड की परियोजना है, जो कच्चे तेल के प्रसंस्करण, पेट्रोकेमिकल, परिवहन और रोजगार से जुड़ती है। चूना पत्थर-सीमेंट पट्टियाँ, झामरकोटड़ा का रॉक फॉस्फेट-उर्वरक संबंध और प्रसंस्करण, परिवहन, ऊर्जा तथा बाजार मांग से खनिज भूगोल का आर्थिक भूगोल बनना, सभी सही हैं।
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और प्रश्न
62004 में मंगला तेल-क्षेत्र की खोज ने राजस्थान के पेट्रोलियम मानचित्र पर किस क्षेत्र को विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण बनाया?
7पश्चिमी राजस्थान के ईंधन संसाधनों के बारे में निम्न कथनों पर विचार कीजिए: कथन 1: मंगला, भाग्यम और ऐश्वर्या बाड़मेर बेसिन के प्रमुख पेट्रोलियम क्षेत्र नाम हैं। कथन 2: बाड़मेर में कपूरडी और जलिपा लिग्नाइट के जिला-सुमेलन के उपयोगी संकेत हैं। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
8सूची 1 को सूची 2 से मिलाइए। सूची 1: 1. रॉक-फॉस्फेट 2. चूना-पत्थर 3. जिप्सम 4. संगमरमर और बलुआ पत्थर सूची 2: क. निर्माण और इमारती पत्थर का बाजार ख. उर्वरक का कच्चा माल ग. सीमेंट उद्योग का आधार घ. सीमेंट, प्लास्टर ऑफ पेरिस और मिट्टी-सुधार कौन-सा मिलान सही है?
9राजस्थान के पारंपरिक ऊर्जा मानचित्र में परमाणु-ऊर्जा कड़ी के रूप में किसे पहचाना जाना चाहिए?
10सूची 1 को सूची 2 से मिलाइए और सही कूट चुनिए। सूची 1: 1. झामरकोटड़ा 2. गोट-मांगलोद 3. मकराना 4. चित्तौड़गढ़-निम्बाहेड़ा सूची 2: क. चूना पत्थर और सीमेंट पट्टी ख. विरासत और जीआई पहचान वाला संगमरमर ग. रॉक फॉस्फेट और उर्वरक कच्चा माल घ. नागौर में जिप्सम सुमेलन
11झामरकोटड़ा रॉक-फॉस्फेट से विशेष रूप से जुड़ी राजस्थान की मुख्य सार्वजनिक क्षेत्र की खनन संस्था कौन-सी है?
12राजस्थान के धात्विक खनिजों के संदर्भ में कौन-सा स्थल-जिला-खनिज युग्म सही सुमेलित है?
13नीचे में से कौन-सा संबंध गलत है?
14कथन 1: राजस्थान में लिग्नाइट मुख्यतः बाड़मेर, बीकानेर और नागौर से जुड़ता है, बड़े उच्च-श्रेणी कोयला क्षेत्रों से नहीं। कथन 2: बाड़मेर बेसिन में मंगला की खोज 2004 में हुई और उत्पादन 2009 में शुरू हुआ। कथन 3: जैसलमेर मरुस्थलीय बेसिन अन्वेषण और तनोट जैसे नामों के कारण गैस-संसाधन प्रश्नों में आता है। कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
15अभिकथन: राजस्थान के पश्चिमी जिलों में सौर ऊर्जा की मजबूत संभावना है। कारण: इस संभावना को अधिक सौर विकिरण, साफ आकाश, शुष्क जलवायु और कम आबादी वाले बड़े मरुस्थलीय क्षेत्रों से जोड़ा जाता है। सही उत्तर चुनिए।
