RAS प्रश्न
राजस्थान में काली (रेगुर) मिट्टी मुख्य रूप से किस क्षेत्र में पाई जाती है?
सही उत्तर: (B) हाड़ौती पठार (कोटा, बूंदी, झालावाड़)।
राजस्थान में काली रेगुर मिट्टी मुख्य रूप से हाड़ौती पठार के कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ क्षेत्र में पाई जाती है।
व्याख्या
काली रेगुर मिट्टी का मुख्य क्षेत्र हाड़ौती पठार है, जिसमें कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ आते हैं। यह मिट्टी बेसाल्ट चट्टानों से बनी है और कपास तथा सोयाबीन जैसी फसलों के लिए उपयुक्त मानी जाती है। हाड़ौती पठार काली मिट्टी वाला उपजाऊ क्षेत्र है, जहाँ कपास और अफीम की खेती होती है; खरीफ में सोयाबीन भी ली जाती है। इसलिए विकल्प B सही है, क्योंकि यह क्षेत्र-स्थिति और कृषि-उपयुक्तता दोनों को एक साथ मिलाता है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) शेखावाटी क्षेत्र सही नहीं है, क्योंकि वहाँ दोमट मिट्टी पाई जाती है, काली रेगुर मिट्टी का मुख्य क्षेत्र नहीं।
- (C) पश्चिमी राजस्थान सही नहीं है, क्योंकि वहाँ रेतीली मिट्टी पाई जाती है, जबकि काली मिट्टी हाड़ौती पठार से जुड़ी है।
- (D) मेवाड़ क्षेत्र सही नहीं है, क्योंकि वहाँ भूरी मिट्टी पाई जाती है, काली रेगुर मिट्टी का प्राथमिक क्षेत्र नहीं।
अवधारणा
राजस्थान की मिट्टियों का क्षेत्रीय वितरण सीधे फसल-प्रणाली और भौतिक प्रदेशों से जुड़ा है। RAS में मिट्टी, फसल और भौतिक प्रदेश को जोड़कर तथ्यात्मक समझ परखी जाती है।
